19 अगस्त 2026
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जयशंकर-बालाकृष्णन मुलाकात: भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति

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जयशंकर-बालाकृष्णन मुलाकात: भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर की सिंगापुर यात्रा महज शिष्टाचार भेंट नहीं — चौथी आईएसएमआर से पहले बालाकृष्णन से मुलाकात, नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला और भू-राजनीतिक विमर्श — यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' रणनीति को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक सुनियोजित कदम है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 19 अगस्त 2026 को सिंगापुर में विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर चर्चा की।
दोनों मंत्रियों ने भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की संयुक्त रूप से आधारशिला रखी।
चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) गुरुवार को सिंगापुर में आयोजित होगी।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में निर्मला सीतारमण , पीयूष गोयल और जितिन प्रसाद भी शामिल होंगे।
आईएसएमआर की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी; यह श्रृंखला का चौथा दौर है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 19 अगस्त 2026 को सिंगापुर में अपने समकक्ष विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। इस द्विपक्षीय बैठक में मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य पर भी विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में क्या हुआ

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मिलकर खुशी हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा हुई। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर उनकी राय भी मेरे लिए महत्वपूर्ण है। गुरुवार को होने वाली चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (आईएसएमआर) के दौरान उनके साथ और बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं।'

नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला

दोनों मंत्रियों ने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की संयुक्त रूप से आधारशिला भी रखी। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'मुझे विश्वास है कि यह कॉम्प्लेक्स भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए युग को दर्शाएगा और भारतीय समुदाय के लिए सेवाओं को और मजबूत करेगा।' यह परिसर सिंगापुर में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए कांसुलर सेवाओं को और सुलभ बनाएगा।

चौथी आईएसएमआर बैठक की तैयारी

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, चौथी भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) गुरुवार को सिंगापुर में आयोजित होगी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में जयशंकर के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) भी शामिल होंगे।

आईएसएमआर की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि आईएसएमआर तंत्र की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर में और तीसरी अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। यह मंच नए और उभरते क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत ढाँचे के रूप में स्थापित हो चुका है। जयशंकर इस यात्रा के लिए मंगलवार को सिंगापुर पहुँचे थे।

आगे की राह

गुरुवार की गोलमेज बैठक में व्यापार, प्रौद्योगिकी, वित्त और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे उभरते क्षेत्रों पर ठोस सहयोग के एजेंडे पर चर्चा होने की संभावना है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत आसियान देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता दे रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और वित्त, वाणिज्य तथा प्रौद्योगिकी मंत्रियों की एक साथ उपस्थिति यह दर्शाती है कि एजेंडा केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक भी है। नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला प्रतीकात्मक से अधिक व्यावहारिक कदम है — सिंगापुर में बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय को बेहतर कांसुलर सेवाएँ मिलना इसका ठोस परिणाम होगा। सवाल यह है कि क्या ये बैठकें मापने योग्य व्यापार और निवेश परिणामों में बदलेंगी, या केवल संयुक्त वक्तव्यों तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और बालाकृष्णन की मुलाकात में क्या हुआ?
19 अगस्त 2026 को सिंगापुर में दोनों विदेश मंत्रियों ने भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के उपायों और मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। साथ ही, दोनों ने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी।
भारत-सिंगापुर मंत्री-स्तरीय गोलमेज बैठक (ISMR) क्या है?
आईएसएमआर एक द्विपक्षीय संस्थागत तंत्र है जो नए और उभरते क्षेत्रों में भारत-सिंगापुर सहयोग को बढ़ावा देता है। इसकी पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी, और चौथा दौर 20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में आयोजित होना है।
चौथी आईएसएमआर बैठक में भारत की ओर से कौन-कौन शामिल होंगे?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल होंगे।
सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग का नया चांसरी कॉम्प्लेक्स क्यों महत्वपूर्ण है?
यह नया परिसर भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में रहने वाले भारतीय समुदाय को बेहतर कांसुलर सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। जयशंकर ने इसे दोनों देशों के संबंधों के नए युग का प्रतीक बताया।
भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी की पिछली बैठकें कब और कहाँ हुईं?
आईएसएमआर की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में, दूसरी अगस्त 2024 में सिंगापुर में और तीसरी अगस्त 2025 में नई दिल्ली में हुई थी। चौथा दौर अगस्त 2026 में सिंगापुर में हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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