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चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज: सीतारमण, जयशंकर ने PM लॉरेंस वोंग से की मुलाकात, 6 क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा

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चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज: सीतारमण, जयशंकर ने PM लॉरेंस वोंग से की मुलाकात, 6 क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा

सारांश

चौथे ISMR में भारत के चार शीर्ष मंत्रियों ने सिंगापुर के PM लॉरेंस वोंग से मुलाकात कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। उन्नत विनिर्माण से लेकर डिजिटलीकरण तक छह क्षेत्रों में सहयोग पर मंथन हुआ और नई चांसरी की आधारशिला रखी गई — यह इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का ठोस संकेत है।

मुख्य बातें

20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) आयोजित हुआ।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया; जयशंकर, पीयूष गोयल और जितिन प्रसाद भी शामिल रहे।
दोनों देशों ने उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सतत विकास — 6 स्तंभों पर समीक्षा की।
जयशंकर और विवियन बालाकृष्णन ने सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला रखी।
ISMR की शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी; यह इस श्रृंखला का चौथा और सिंगापुर में दूसरा सम्मेलन है।

20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में आयोजित चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) के दौरान भारत के शीर्ष मंत्रियों ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस सम्मेलन में उन्नत विनिर्माण, डिजिटलीकरण और सतत विकास सहित छह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर मंथन हुआ।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल और मुख्य घटनाक्रम

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। उनके साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद शामिल रहे। वित्त मंत्री सीतारमण के सिंगापुर के चांगी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुँचने पर सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले और भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने उनका स्वागत किया।

सहयोग के छह प्रमुख स्तंभ

ISMR के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग के छह मुख्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया — उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और सतत विकास। वित्त मंत्रालय के अनुसार, नेताओं ने आर्थिक सहयोग, डिजिटल परिवर्तन, परिवहन संपर्क और उभरती प्रौद्योगिकियों में द्विपक्षीय भागीदारी को और सुदृढ़ करने के उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया।

जयशंकर-बालाकृष्णन द्विपक्षीय बैठक और नई चांसरी

सम्मेलन से एक दिन पहले बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने सिंगापुर समकक्ष विवियन बालाकृष्णन के साथ विस्तृत द्विपक्षीय बैठक की। जयशंकर ने बैठक के बाद कहा, 'मेरे मित्र और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात कर खुशी हुई। हमने हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की। इसके साथ ही वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे।' दोनों विदेश मंत्रियों ने सिंगापुर में भारत के उच्चायोग के नए चांसरी परिसर की आधारशिला भी रखी, जिसे जयशंकर ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बताया।

ISMR की पृष्ठभूमि और महत्व

गौरतलब है कि भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके बाद दूसरा सम्मेलन अगस्त 2024 में सिंगापुर में और तीसरा सम्मेलन अगस्त 2025 में नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। यह मंच अब पारंपरिक और उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच संरचनात्मक संवाद का एक स्थापित माध्यम बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को व्यापक बना रहा है और सिंगापुर दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत के सबसे बड़े व्यापार एवं निवेश भागीदारों में से एक है।

आगे की राह

दोनों देशों ने उभरती प्रौद्योगिकियों और नई आर्थिक संभावनाओं में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। नए चांसरी परिसर के निर्माण से सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय को बेहतर कांसुलर सेवाएं मिलने की उम्मीद है। अगला ISMR सम्मेलन भारत में आयोजित होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि डिजिटलीकरण और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में घोषित लक्ष्य मापनीय परिणामों में कब तब्दील होंगे। नई चांसरी की आधारशिला एक सकारात्मक प्रतीकात्मक कदम है, लेकिन सिंगापुर में रह रहे लाखों भारतीयों की कांसुलर सेवाओं की वास्तविक बेहतरी के लिए समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौथा भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (ISMR) क्या है?
ISMR भारत और सिंगापुर के बीच उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद का एक स्थायी मंच है, जिसकी शुरुआत सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी। यह दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को छह प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का माध्यम है।
20 अगस्त 2026 के ISMR में भारत की ओर से कौन-कौन शामिल हुए?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया। उनके साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल रहे।
ISMR के तहत किन क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और सतत विकास — इन छह स्तंभों पर विशेष ध्यान दिया गया। उभरती प्रौद्योगिकियों और नई आर्थिक संभावनाओं में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
सिंगापुर में भारत के नए चांसरी परिसर का क्या महत्व है?
विदेश मंत्री जयशंकर और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने संयुक्त रूप से इस नए परिसर की आधारशिला रखी। जयशंकर के अनुसार यह नया परिसर भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के नए चरण का प्रतीक बनेगा और सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय को बेहतर कांसुलर सेवाएं प्रदान करेगा।
ISMR की अब तक कितनी बैठकें हो चुकी हैं और अगली कहाँ होगी?
ISMR की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में, दूसरी अगस्त 2024 में सिंगापुर में, तीसरी अगस्त 2025 में नई दिल्ली में और चौथी 20 अगस्त 2026 को सिंगापुर में हुई। बारी-बारी से आयोजन के पैटर्न के अनुसार अगला सम्मेलन भारत में होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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