तमिलनाडु उपचुनाव: पलानीस्वामी का आह्वान — मदुरंतकम और धरपुरम में टीवीके को सबक सिखाएँ
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के मदुरंतकम और धरपुरम विधानसभा उपचुनावों से पहले मतदाताओं से सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्ट्री कजगम (टीवीके) को निर्णायक रूप से पराजित करने की अपील की। उन्होंने टीवीके पर दलबदल को प्रोत्साहित करने और मतदाताओं के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। दोनों सीटों पर मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा।
मुख्य घटनाक्रम
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन जारी एक बयान में पलानीस्वामी ने मदुरंतकम से एआईएडीएमके उम्मीदवार एस. कनिथा संपत और धरपुरम से के. भानुमति के पक्ष में वोट डालने की अपील की। उन्होंने मतदाताओं से पार्टी के 'दो पत्ती' चिन्ह पर मतदान कर टीवीके और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) दोनों को परास्त करने का आग्रह किया।
चुनाव प्रचार रविवार शाम समाप्त हो गया। तिरुप्पुर जिले के आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र धरपुरम में टीवीके, डीएमके, एआईएडीएमके, नाम तमिलर काची और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बीच पाँच दलों का सीधा मुकाबला है।
दलबदल पर पलानीस्वामी के आरोप
पलानीस्वामी ने दावा किया कि उपचुनाव इसलिए आवश्यक हो गए क्योंकि एआईएडीएमके के टिकट पर निर्वाचित विधायकों ने आम चुनाव के तत्काल बाद इस्तीफा दे दिया और बाद में टीवीके के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे। उनके अनुसार, यह राजनीतिक प्रलोभनों के कारण किया गया और उन्होंने इसे अपने मतदाताओं के साथ सीधा विश्वासघात करार दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके विधानसभा चुनाव में बहुमत से वंचित रहने के बाद अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने में सफल रही और अब वह उपचुनावों का उपयोग अनुचित तरीकों से अपनी स्थिति सुदृढ़ करने के लिए कर रही है।
विरासत और जवाबदेही का सवाल
पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि दलबदल करने वाले इन उम्मीदवारों ने एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की राजनीतिक विरासत के साथ भी विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं में इन उम्मीदवारों के विरुद्ध स्पष्ट असंतोष है, जो मीडिया रिपोर्टों और ऑनलाइन कवरेज में भी परिलक्षित हो रहा है।
सत्तारूढ़ दल पर भ्रामक वादों और चापलूसी के ज़रिए जनसमर्थन जुटाने का आरोप लगाते हुए एआईएडीएमके नेता ने कहा कि टीवीके सरकार ने सत्ता में आने के बाद से जनअपेक्षाओं को पूरा करने के बजाय प्रचार, सोशल मीडिया रीलों और सिनेमाई प्रदर्शनों में समय गँवाया।
जनसमर्थन का दावा और आगे की राह
पलानीस्वामी ने अपने प्रचार दौरों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें मिले जनस्वागत ने एआईएडीएमके उम्मीदवारों की जीत के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने पार्टी नेताओं से भी जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया।
पलानीस्वामी ने कहा कि इन उपचुनावों के परिणाम भविष्य में इसी तरह के दलबदल और राजनीतिक अवसरवाद के विरुद्ध एक स्पष्ट चेतावनी का संदेश देंगे। 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान के नतीजे तमिलनाडु की राजनीति में एआईएडीएमके की पुनः प्रासंगिकता की परीक्षा होंगे।