तमिलनाडु चुनाव में पलानीस्वामी का नया प्रचार अभियान: क्या होगा राजनीतिक समीकरण?
सारांश
Key Takeaways
- पलानीस्वामी का प्रचार अभियान बुधवार से शुरू होगा।
- तमिलनाडु में मतदान २३ अप्रैल को होगा।
- डीएमके ने सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया है।
- भाजपा, पीएमके और अन्य दल एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में हैं।
- इस बार का चुनाव दिलचस्प मुकाबला होगा।
चेन्नई, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) के महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी बुधवार से अपने चुनाव प्रचार अभियान को पुनः प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिससे तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक लड़ाई और भी तीव्र हो जाएगी।
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पलानीस्वामी चेन्नई के मायलापुर विधानसभा क्षेत्र के मांडावेली मार्केट में शाम ४ बजे एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसे राज्यभर में नए सिरे से प्रचार की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्य में मतदान २३ अप्रैल को होगा। जबकि नामांकन प्रक्रिया ३० मार्च से शुरू होगी और मतगणना ४ मई को होगी, उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे।
जैसे-जैसे चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। गठबंधन, उम्मीदवार चयन और मतदाताओं तक पहुंच पर खास ध्यान दिया जा रहा है।
सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाला गठबंधन लगभग सीट बंटवारे को अंतिम रूप दे चुका है, जिससे उसे प्रचार में एक प्रारंभिक बढ़त प्राप्त हुई है।
वहीं, विपक्ष में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला गठबंधन भी मजबूती से चुनौती देने के लिए सक्रिय हो गया है। राज्य में बहुकोणीय मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं।
तमिलनाडु में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए में भाजपा, पट्टाली मक्कल काची (पीएमके), तमिल मानिला कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल शामिल हैं। सीट बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच बातचीत अब लगभग अंतिम रूप ले चुकी है।
हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने चेन्नई दौरे के दौरान गठबंधन नेताओं से चर्चा कर सीट बंटवारे पर सहमति बनाई। इसके तहत भाजपा २७, पीएमके १८ और एएमएमके ११ सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि एआईएडीएमके अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
पलानीस्वामी पहले भी चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले राज्यभर में दौरे कर चुके हैं। उनका नया अभियान पार्टी संगठन को मजबूत करने, डीएमके के नैरेटिव का मुकाबला करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने पर केंद्रित रहेगा।
गठबंधनों के अंतिम रूप लेने और प्रचार के तेज होने के साथ, इस बार का चुनाव तमिलनाडु में बेहद दिलचस्प और कड़ा मुकाबला बनने जा रहा है।