तमिलनाडु में 2026 का चुनाव करुणानिधि परिवार के राजनीतिक वर्चस्व का समापन करेगा: पलानीस्वामी

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तमिलनाडु में 2026 का चुनाव करुणानिधि परिवार के राजनीतिक वर्चस्व का समापन करेगा: पलानीस्वामी

सारांश

तमिलनाडु के एआईएडीएमके महासचिव पलानीस्वामी ने आगामी विधानसभा चुनाव को करुणानिधि परिवार के वर्चस्व के अंत का संकेत दिया है। उन्होंने डीएमके पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है।

Key Takeaways

  • पलानीस्वामी का दावा है कि 2026 का चुनाव करुणानिधि परिवार के वर्चस्व का अंत करेगा।
  • डीएमके पर परिवार संचालित कॉरपोरेट इकाई की तरह काम करने का आरोप।
  • एनडीए का उद्देश्य डीएमके को सत्ता से हटाना है।
  • 2011 से 2021 का समय एआईएडीएमके के लिए स्वर्णिम रहा।
  • किसानों के लिए संरक्षित कृषि क्षेत्र की पहल।

तिरुचिरापल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बुधवार को कहा कि आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव राज्य में करुणानिधि परिवार के राजनीतिक वर्चस्व का समापन करेगा। उन्होंने वर्तमान सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर आरोप लगाया कि यह एक परिवार संचालित कॉरपोरेट इकाई की तरह कार्य कर रही है।

पलानीस्वामी ने तिरुचिरापल्ली जिले के पंचापुर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की तीसरी चुनावी रैली में संबोधित करते हुए कहा कि तमिलनाडु की जनता ने करुणानिधि परिवार के राजनीतिक नियंत्रण को समाप्त करने का संकल्प कर लिया है।

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु के लोगों ने यह तय कर लिया है कि यह चुनाव करुणानिधि परिवार के वर्चस्व का अंतिम चुनाव होगा।” इस दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके सरकार पर तीखा हमला भी किया।

पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठबंधन को एक मजबूत और प्रभावी सहयोग बताया, जिसका उद्देश्य डीएमके को सत्ता से बाहर करना है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन विभिन्न विचारधाराओं वाली पार्टियों को एक साझा लक्ष्य के लिए एकजुट करता है।

उन्होंने एआईएडीएमके के शासनकाल को याद करते हुए कहा कि 2011 से 2021 के बीच का समय तमिलनाडु के लिए स्वर्णिम दौर था, जबकि वर्तमान डीएमके सरकार के दौरान राज्य के कई क्षेत्रों में गिरावट आई है।

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि बार-बार आयोजित की जाने वाली सार्वजनिक बैठकें जनता का विश्वास नहीं जीतेंगी।

उन्होंने कहा, “स्टालिन कितनी भी सभाएं कर लें, लोग उन पर विश्वास नहीं करेंगे। डीएमके का इतिहास चुनाव के समय वादे करने और सत्ता में आने के बाद उन्हें पूरा न करने का है।”

पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि एआईएडीएमके हमेशा जनता से किए गए वादों को पूरा करती है। उन्होंने कहा, “जब एआईएडीएमके कोई वादा करती है, तो उसे लागू भी करती है।”

उन्होंने डीएमके के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि उसका गठबंधन विचारधारा पर आधारित है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा है तो अलग-अलग दल बनाए रखने की जरूरत ही क्या है? हमारे गठबंधन में हर दल की अपनी विचारधारा है, लेकिन हम चुनाव में डीएमके को हराने के लिए एकजुट हुए हैं।”

डीएमके को परिवार संचालित पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन को भरोसा है कि वह तमिलनाडु में अगली सरकार बनाएगा।

पलानीस्वामी ने किसानों के लिए एआईएडीएमके सरकार की पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर कावेरी डेल्टा जिलों को संरक्षित कृषि क्षेत्र घोषित कराया, जिससे क्षेत्र में खेती को दीर्घकालिक सुरक्षा मिली।

तिरुचिरापल्ली की इस रैली में एनडीए के कई सहयोगी दलों के नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। यह रैली आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन के चुनाव अभियान का हिस्सा है।

Point of View

जो कि राज्य में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
NationPress
12/03/2026

Frequently Asked Questions

पलानीस्वामी ने किस परिवार के राजनीतिक वर्चस्व का अंत करने की बात की?
पलानीस्वामी ने करुणानिधि परिवार के राजनीतिक वर्चस्व का अंत करने की बात की।
डीएमके पर पलानीस्वामी ने क्या आरोप लगाया?
पलानीस्वामी ने डीएमके पर आरोप लगाया कि यह एक परिवार संचालित कॉरपोरेट इकाई की तरह काम कर रही है।
एनडीए का उद्देश्य क्या है?
एनडीए का उद्देश्य डीएमके को सत्ता से हटाना है।
पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके के शासनकाल को कैसे बताया?
पलानीस्वामी ने एआईएडीएमके के शासनकाल को 2011 से 2021 के बीच का स्वर्णिम दौर बताया।
पलानीस्वामी ने किसानों के लिए क्या पहल की?
पलानीस्वामी ने किसानों के लिए कावेरी डेल्टा जिलों को संरक्षित कृषि क्षेत्र घोषित कराने की पहल की।
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