पादहस्तासन: थकान, तनाव, अकड़न और खराब पाचन से राहत के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह

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पादहस्तासन: थकान, तनाव, अकड़न और खराब पाचन से राहत के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह

सारांश

आयुष मंत्रालय ने योग दिवस की तैयारी में पादहस्तासन को रोज़मर्रा की थकान, तनाव और पाचन समस्याओं का सरल समाधान बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह फॉरवर्ड बेंडिंग पोज़ शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में प्रभावी है।

मुख्य बातें

आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच पादहस्तासन को नियमित रूप से अपनाने की सलाह दी है।
यह आसन थकान, मानसिक तनाव, शरीर की अकड़न और खराब पाचन जैसी समस्याओं में राहत देता है।
रोज़ाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास करने की सिफारिश की गई है।
पीठ की गंभीर समस्या, हर्निया या उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों को पहले चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं को इस आसन के अभ्यास में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

आयुष मंत्रालय ने थकान, मानसिक तनाव, शरीर की अकड़न और खराब पाचन जैसी रोज़मर्रा की समस्याओं से राहत पाने के लिए पादहस्तासन को नियमित रूप से अपनाने की सलाह दी है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच मंत्रालय ने यह सुझाव जारी किया है और कहा है कि यह आसन शरीर तथा मन दोनों को स्वस्थ रखने में प्रभावी भूमिका निभाता है। यह जानकारी नई दिल्ली से 13 मई 2026 को सामने आई है।

पादहस्तासन क्यों है ज़रूरी

आधुनिक जीवनशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करना, अनियमित दिनचर्या और मानसिक दबाव शरीर में धीरे-धीरे तनाव जमा करते रहते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, पादहस्तासन एक सरल किंतु शक्तिशाली आसन है जो इन समस्याओं की जड़ पर काम करता है। नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ता है, पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है और मन को शांति मिलती है। गौरतलब है कि यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी बताया गया है जो पीठ दर्द या लंबे समय तक बैठने की समस्या से जूझ रहे हैं।

शारीरिक लाभ: रक्त संचार से लेकर पाचन तक

पादहस्तासन एक फॉरवर्ड बेंडिंग पोज़ है जिसमें आगे की ओर गहरा खिंचाव होता है। इससे कमर, पीठ और पैरों की मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है। साथ ही यह आसन पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज़ जैसी समस्याओं में राहत देता है। रक्त संचार में सुधार के कारण पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और दिन भर ताज़गी बनी रहती है।

मानसिक स्वास्थ्य पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि पादहस्तासन केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है — यह मन-शरीर के जुड़ाव को भी मज़बूत करता है। नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव में कमी आती है, एकाग्रता बढ़ती है और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार देखा जाता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी जीवन में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

पादहस्तासन करने का सही तरीका

इस आसन के अभ्यास के लिए सीधे खड़े हों और दोनों पैरों को जोड़ लें। सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास ज़मीन पर रखने का प्रयास करें। शुरुआत में घुटनों को थोड़ा मोड़ा जा सकता है। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रुकें, फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौट आएँ। मंत्रालय के सुझाव के अनुसार, इस आसन को रोज़ाना 3 से 5 बार किया जा सकता है।

सावधानियाँ और किसे करनी चाहिए परहेज़

योग विशेषज्ञों ने कुछ अहम सावधानियाँ भी बताई हैं। जिन लोगों को पीठ की गंभीर समस्या, हर्निया या उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) है, उन्हें इस आसन को अपनाने से पहले किसी चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। सही मार्गदर्शन में किया गया अभ्यास अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली होता है।

आयुष मंत्रालय की यह पहल योग को आम जनजीवन में और अधिक समाहित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है — और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ निश्चित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ एक ज़रूरी सवाल भी उठता है। क्या केवल एक आसन के प्रचार से उन संरचनात्मक कारणों — अत्यधिक कार्यभार, नींद की कमी, खराब आहार — का समाधान होगा जो इन समस्याओं की जड़ में हैं? विशेषज्ञों की सावधानियाँ सही दिशा में हैं, लेकिन व्यापक जन-स्वास्थ्य संदेश तभी प्रभावी होगा जब योग को समग्र जीवनशैली सुधार के साथ जोड़ा जाए, न कि अकेले 'त्वरित समाधान' के रूप में प्रस्तुत किया जाए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पादहस्तासन क्या है और इसे कैसे किया जाता है?
पादहस्तासन एक फॉरवर्ड बेंडिंग योगासन है जिसमें खड़े होकर कमर से आगे झुककर हाथों को पैरों के पास ज़मीन पर रखा जाता है। रोज़ाना 3 से 5 बार इसका अभ्यास करने की सलाह दी गई है।
पादहस्तासन के क्या फायदे हैं?
इस आसन से थकान कम होती है, पाचन तंत्र मज़बूत होता है, कमर और पीठ की अकड़न दूर होती है और मानसिक तनाव में कमी आती है। नियमित अभ्यास से एकाग्रता और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।
आयुष मंत्रालय ने पादहस्तासन की सलाह क्यों दी?
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच आयुष मंत्रालय ने इसे रोज़मर्रा की स्वास्थ्य समस्याओं का सरल और प्रभावी समाधान बताते हुए नियमित अभ्यास की सिफारिश की है।
पादहस्तासन किन लोगों को नहीं करना चाहिए?
पीठ की गंभीर समस्या, हर्निया या उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्तियों को यह आसन करने से पहले चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह है।
क्या पादहस्तासन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार पादहस्तासन मन-शरीर के जुड़ाव को मज़बूत करता है, मानसिक तनाव घटाता है और एकाग्रता व नींद में सुधार लाता है।
राष्ट्र प्रेस