शेफाली जरीवाला के निधन के बाद पराग त्यागी को पालतू कुत्ते सिम्बा ने दिया भावनात्मक सहारा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 13 मई। दिवंगत अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के पति पराग त्यागी पत्नी के अचानक निधन के बाद गहरे दर्द से जूझ रहे थे। इस संकट की घड़ी में उनके पालतू कुत्ते सिम्बा ने न केवल उनके साथ रहा बल्कि भावनात्मक रूप से उन्हें मजबूत बनाया। पराग ने बताया कि सिम्बा न केवल उनका पालतू जानवर है, बल्कि परिवार का एक अभिन्न सदस्य और उनका 'बेटा' है।
दर्द को साझा करने वाला रिश्ता
पराग के अनुसार, शेफाली का निधन उनके लिए एक विनाशकारी झटका था। इस मुश्किल समय में सिम्बा की मौजूदगी ने उन्हें सांत्वना दी। पराग ने कहा कि सिम्बा खुद भी शेफाली के जाने के दर्द से गुजर रहा था, और दोनों ने एक-दूसरे का साथ देकर इस कठिन दौर को पार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी सिम्बा को अपने घाव भरने का माध्यम नहीं बनाया, बल्कि दोनों ने एक-दूसरे को बिना शर्त प्यार देकर ठीक किया है।
शेफाली का प्यार और सिम्बा का बंधन
पराग ने साझा किया कि शेफाली सिम्बा से बहुत प्यार करती थीं। वह अक्सर सिम्बा से कहतीं, 'सिम्बा, तुम मेरे पेट से पैदा क्यों नहीं हुए?' यह उनके रिश्ते की गहराई को दर्शाता है। पराग के लिए भी सिम्बा बेहद खास रहा है। उन्होंने कहा कि सिम्बा की शारीरिक मौजूदगी और स्पर्श उन्हें बहुत सुकून देता था।
बॉडी लैंग्वेज से भाव समझना
पराग ने बताया कि सिम्बा अपने भावों को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता, लेकिन उसकी बॉडी लैंग्वेज से उसके दर्द और प्यार को समझा जा सकता है। पराग ने कहा, 'मैं अपने जज्बात शब्दों में बयां कर सकता हूं लेकिन वह नहीं कर सकता। मैं उसकी बॉडी लैंग्वेज से उसके भाव समझता हूं। सिम्बा और मैंने एक-दूसरे को बिना शर्त प्यार देकर ठीक किया है। हमने एक-दूसरे को मन की शांति पाने में मदद की है।'
शेफाली जरीवाला का निधन
शेफाली जरीवाला का निधन 27 जून 2025 को 42 वर्ष की आयु में हुआ था। मुंबई स्थित अपने घर पर उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। पराग त्यागी तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पराग ने कई बार शेफाली के साथ बिताए गए प्रिय पलों को जनता के साथ साझा किया है।
आगे का सफर
पराग त्यागी ने अपने प्रशंसकों के साथ नियमित रूप से शेफाली की यादों और सिम्बा के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात की है। सिम्बा के प्यार और समर्थन ने पराग को जीवन में आगे बढ़ने की ताकत दी है।