डीएमके ने सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की, स्टालिन 2 अप्रैल से शुरू करेंगे राज्यव्यापी अभियान

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डीएमके ने सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की, स्टालिन 2 अप्रैल से शुरू करेंगे राज्यव्यापी अभियान

सारांश

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, जिससे डीएमके और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। स्टालिन 2 अप्रैल से राज्यव्यापी चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे।

मुख्य बातें

डीएमके 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है।
स्टालिन 2 अप्रैल से राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत करेंगे।
चुनाव 23 अप्रैल को होंगे, मतगणना 4 मई को होगी।
कांग्रेस को 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है।
डीएमके का चुनावी घोषणापत्र जल्द जारी होगा।

चेन्नई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आ गई है। प्रमुख राजनीतिक दल अब गठबंधन, उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार की रणनीतियों को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।

चुनाव 23 अप्रैल को होने वाले हैं, जबकि नामांकन प्रक्रिया 30 मार्च से शुरू होगी। मतगणना 4 मई को की जाएगी, और नतीजे उसी दिन घोषित होने की उम्मीद है।

इस संदर्भ में, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके) एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की तैयारी में है, जिसमें वह अपने सहयोगियों के बीच सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देगी।

पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, और सीटों के वितरण पर जल्द ही औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में कांग्रेस, देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके), मरुमलार्ची द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (एमडीएमके), विदुथलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) जैसे प्रमुख सहयोगी शामिल हैं; इसके साथ ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी जैसी वामपंथी पार्टियां भी इसमें शामिल हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और अन्य क्षेत्रीय दलों जैसे छोटे सहयोगी भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं।

प्रारंभिक बातचीत के अनुसार, कांग्रेस को 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है, जबकि डीएमडीके को लगभग 10 सीटें मिल सकती हैं। वीसीके को आठ सीटें मिलने की उम्मीद है, और सीपीआई तथा सीपीआई-एम दोनों को पांच-पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है। एमडीएमके और अन्य छोटी पार्टियों को बड़े गठबंधन के ढांचे के तहत सीमित संख्या में सीटें मिलने की उम्मीद है।

इस बीच, डीएमके से अपने चुनावी घोषणापत्र को जल्द जारी करने की भी अपेक्षा है, जिसमें वह चुनावों से पहले अपने दृष्टिकोण और महत्वपूर्ण वादों को प्रस्तुत करेगी।

पार्टी अपने चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें सुशासन, कल्याणकारी योजनाओं और विकास से संबंधित पहलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

डीएमके के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पूरे तमिलनाडु में चुनावी अभियान का नेतृत्व करेंगे। पार्टी के अंतर्गत सूत्रों के मुताबिक, वह 2 अप्रैल को तिरुवरूर से राज्यव्यापी अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। यह अभियान कई जिलों में चलेगा और 21 अप्रैल को कोलाथुर में एक भव्य समापन के साथ समाप्त होगा, जो कि मतदान से ठीक दो दिन पहले होगा।

जैसे-जैसे चुनाव की समय-सीमा नजदीक आ रही है, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए और अभिनेता विजय की राजनीतिक पार्टी टीवीके समेत सभी प्रमुख दल जमीनी स्तर पर अपनी गतिविधियों को तेज कर रहे हैं। सीटों के बंटवारे पर बातचीत लगभग पूरी होने और चुनाव प्रचार में तेजी आने के साथ, तमिलनाडु एक जोरदार चुनावी मुकाबले का साक्षी बनने के लिए तैयार है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीएमके का चुनावी अभियान कब शुरू होगा?
डीएमके का चुनावी अभियान 2 अप्रैल से शुरू होगा।
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना कब होगी?
मतगणना 4 मई को की जाएगी।
कांग्रेस को कितनी सीटें मिलने की संभावना है?
कांग्रेस को 28 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना है।
डीएमके के प्रमुख सहयोगी कौन हैं?
डीएमके के प्रमुख सहयोगी में कांग्रेस, डीएमडीके, एमडीएमके और वीसीके शामिल हैं।
डीएमके अपना चुनावी घोषणापत्र कब जारी करेगी?
डीएमके से अपने चुनावी घोषणापत्र को जल्द जारी करने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस