तमिलनाडु चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर स्टालिन और थिरुमावलवन की महत्वपूर्ण चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके और वीसीके के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत जारी है।
- वीसीके ने अधिक सीटों की मांग की है।
- बैठक का स्थान चेन्नई था।
- राजनीतिक गठबंधन की गतिशीलता महत्वपूर्ण है।
- समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है।
चेन्नई, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पास आ रहा है, राज्य में राजनीतिक हलचलें बढ़ती जा रही हैं। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने शनिवार को वीसीके नेता थोल थिरुमावलवन के साथ सीट बंटवारे पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
यह मुलाकात चेन्नई के अलवरपेट में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई। वीसीके, विदुथलाई चिरुथैगल काची, सत्तारूढ़ गठबंधन द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के तहत प्रमुख सहयोगी पार्टियों में से एक मानी जाती है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच पहले चरण की बातचीत संपन्न हो चुकी थी, जिसके फलस्वरूप स्टालिन और थिरुमावलवन के बीच उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन हुआ। यह बैठक भारतीय चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों का ऐलान करने से पहले गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि डीएमके ने वीसीके को छह सीटें देने का प्रस्ताव दिया था, जो पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा जीती गई सीटों के बराबर है। हालांकि, वीसीके इस बार अधिक सीटें चाहती है और लगभग 12 सीटों की मांग कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, दोनों दलों के बीच सहमति के फार्मूले पर बातचीत जारी है और डीएमके नेतृत्व वीसीके को लगभग आठ सीटें देने पर विचार कर रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि वीसीके का तमिलनाडु के कुछ उत्तरी जिलों और दलित वोटरों के बीच महत्वपूर्ण प्रभाव है, इसलिए डीएमके के लिए यह एक महत्वपूर्ण साझेदार बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, डीएमके और वीसीके के बीच सीट बंटवारे की सहमति शनिवार देर शाम या रविवार तक औपचारिक रूप से की जा सकती है। इसके बाद गठबंधन में सीटों का बंटवारा स्पष्ट हो जाएगा और पार्टियां चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।