तमिलनाडु और पुडुचेरी में डीएमके-वीसीके गठबंधन का सीट बंटवारा तय
सारांश
Key Takeaways
- डीएमके ने वीसीके को ८ सीटें आवंटित की हैं।
- गठबंधन चुनावी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- पुडुचेरी में ९ अप्रैल को चुनाव होंगे।
- तमिलनाडु में मतदान २३ अप्रैल को होगा।
- राजनीतिक समीकरण चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।
चेन्नई/पुडुचेरी, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दक्षिण भारत में चुनावी गतिविधियों के बीच, तमिलनाडु और पुडुचेरी में गठबंधन की स्थिति लगभग स्पष्ट हो चुकी है। डीएमके के नेतृत्व वाले इस गठबंधन में विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) को कुल ८ सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें से ६ आरक्षित और २ सामान्य श्रेणी की होंगी।
इस सीट बंटवारे के समझौते पर वीसीके के प्रमुख थोल. थिरुमावलवन और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री तथा डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए गठबंधन की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
इससे पूर्व, २१ मार्च को वीसीके पार्टी के नेता और सांसद थोल. थिरुमावलवन ने अपनी पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि २५ साल की राजनीतिक यात्रा के बावजूद, पार्टी को आज भी पर्याप्त चुनावी अवसर प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए थोल. थिरुमावलवन ने कहा, "२५ साल बाद भी यह राजनीतिक मैदान हमारे लिए नया सा लगता है। हम पूरी तरह से इसके अनुरूप ढल नहीं पाए हैं और सामाजिक माहौल भी हमारे पक्ष में नहीं रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि उनकी पार्टी एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरे।
वहीं, पुडुचेरी में ९ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच गठबंधन वार्ता पूरी हो चुकी है। इसके बाद डीएमके ने १३ सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। कुल १४ सीटें डीएमके को मिली थीं, जिनमें से एक सीट वीसीके को दी गई है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, तमिलनाडु में २३ अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पुडुचेरी में ९ अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा, असम, केरल और पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों के चुनाव परिणाम ४ मई को घोषित किए जाएंगे।
तमिलनाडु की सभी २३४ विधानसभा सीटों और पुडुचेरी की ३० सीटों पर मतदान होना है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सीट बंटवारे के बाद अब उम्मीदवारों के प्रचार और चुनावी रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन राज्यों में गठबंधन समीकरण चुनावी नतीजों पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।