भाजपा विधायकों की हिरासत पर स्पीकर को पत्र, राज सिन्हा ने मांगी विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
धनबाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राज सिन्हा ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को पत्र लिखकर 10 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा विधायकों को हिरासत में लिए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। सिन्हा ने रांची जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
पत्र के अनुसार, 10 अगस्त को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, विपक्ष के मुख्य सचेतक एवं सचेतक समेत भाजपा के कई विधायक मुख्यमंत्री से मुलाकात के उद्देश्य से उनके आवास की ओर रवाना हुए थे। उनका मकसद छात्र आंदोलन, जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराना था।
सिन्हा के आरोप के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास के समीप पहुँचते ही रांची जिला प्रशासन के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने सभी विधायकों को सार्वजनिक स्थल पर रोक लिया और इसके बाद उन्हें बलपूर्वक हिरासत में ले लिया गया।
विधानसभा सत्र के दौरान हिरासत का आरोप
पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई विधानसभा सत्र की कार्यवाही के दौरान की गई। सिन्हा का आरोप है कि विधायकों को बिना किसी पूर्व सूचना या वैधानिक कारण बताए सदन में उपस्थित होने से रोका गया। उनके मुताबिक, दोपहर करीब 11 बजे हिरासत में लिए गए विधायकों को करीब 10 घंटे तक खेलगांव स्थित कैंप जेल में रखा गया।
सिन्हा ने इसे विधायकों के सम्मान और उनके संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन में बाधा बताया। उनके अनुसार, इस कार्रवाई के कारण विपक्षी विधायक सदन में छात्रों और जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे नहीं उठा सके।
पृष्ठभूमि: छात्र आंदोलन और विधानसभा घेराव
गौरतलब है कि 10 अगस्त को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों द्वारा विधानसभा घेराव का कार्यक्रम चल रहा था। इसी बीच भाजपा विधायक मुख्यमंत्री आवास के पास पहुँचे और धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई नेताओं व विधायकों को हिरासत में लेकर खेलगांव कैंप जेल भेज दिया।
विशेषाधिकार हनन की माँग
राज सिन्हा ने विधानसभा अध्यक्ष से पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए रांची जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विधायी विशेषाधिकार हनन का प्रकरण दर्ज करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इसे संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा पर सीधा आघात बताया।
आगे क्या
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो द्वारा पत्र पर क्या कदम उठाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषाधिकार हनन की याचिका स्वीकार होने पर अध्यक्ष संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर सकते हैं। यह मामला झारखंड की राजनीति में विपक्ष और राज्य सरकार के बीच टकराव को और गहरा कर सकता है।