झारखंड पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी: विधायक जयराम महतो की 5 दिन में गिरफ्तारी न हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने 26 अगस्त 2026 को रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि डुमरी विधायक जयराम महतो समेत सभी नामजद आरोपियों की पाँच दिनों के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पूरे झारखंड में पुलिसकर्मी व्यापक आंदोलन पर उतर आएंगे। यह विवाद 21 अगस्त 2026 की रात धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों से जुड़ा है।
घटनाक्रम: क्या हुआ उस रात
एसोसिएशन के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की रात विधायक जयराम महतो ने अपने मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप कॉल कर बरवाअड्डा थाना प्रभारी (पुलिस अवर निरीक्षक) रवि कुमार के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि विधायक ने थाना प्रभारी को धमकी दी कि सरकार बदलने के बाद वे जिस भी थाने में तैनात रहेंगे, उन्हें खोजकर उनकी नौकरी बर्बाद कर दी जाएगी और ऑफ-ड्यूटी रहने पर गंभीर अंजाम भुगतना होगा।
एसोसिएशन का यह भी आरोप है कि फोन कॉल के बाद विधायक महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाने पहुँचे। वहाँ थाना प्रभारी के चैंबर में कथित तौर पर दोबारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, टेबल पर रखा सामान इधर-उधर फेंका गया और नाम पट्टिका तोड़ दी गई। ये सभी आरोप अभी तक न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
एसोसिएशन की माँगें और अल्टीमेटम
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू, प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित कुमार रजक और महामंत्री संजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माँग की कि बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 में विधायक जयराम महतो समेत सभी नामजद आरोपियों की पाँच दिनों के भीतर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस घटना से राज्यभर के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों में भारी आक्रोश है।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विधायक महतो सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए लगातार पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल कर रहे हैं और अमर्यादित टिप्पणियाँ कर रहे हैं, जो पुलिस बल के सम्मान और गरिमा के विरुद्ध है।
धनबाद शाखा का विरोध प्रस्ताव
विरोध स्वरूप एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने काला बिल्ला लगाने और माँग पूरी न होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन आंदोलन का प्रस्ताव रखा है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने तय समयसीमा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो पूरे राज्य के पुलिसकर्मी एकजुट होकर आंदोलन की राह पकड़ने के लिए बाध्य होंगे।
आगे क्या होगा
यह मामला अब झारखंड की राजनीति और पुलिस-विधायक संबंधों के बीच एक संवेदनशील टकराव का रूप ले चुका है। पाँच दिन की समयसीमा समाप्त होने तक सरकार और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेता है या नहीं। अभी तक विधायक जयराम महतो की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।