25 अगस्त 2026
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डुमरी विधायक जयराम महतो का थाना प्रभारी को गाली देने का ऑडियो वायरल, धनबाद में एफआईआर दर्ज

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डुमरी विधायक जयराम महतो का थाना प्रभारी को गाली देने का ऑडियो वायरल, धनबाद में एफआईआर दर्ज

सारांश

डुमरी विधायक जयराम महतो का धनबाद के थाना प्रभारी को कथित गाली-धमकी वाला ऑडियो वायरल हुआ — और अब 10 नामजद समेत 50 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज है। पुलिस संगठन काला बिल्ला आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, विधायक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज से सच्चाई सामने आएगी।

मुख्य बातें

डुमरी विधायक जयराम महतो का बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को कथित गाली-धमकी वाला ऑडियो 25 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ; स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई।
थाना प्रभारी के लिखित बयान पर विधायक सहित 10 नामजद और 40 से 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
विवाद की जड़ — जेएलकेएम नेता गणेश दास की 21 अगस्त को फर्जी दस्तावेज मामले में हिरासत।
विधायक ने सभी आरोप नकारे; थाने में हमले और समर्थक की सोने की चेन व नगदी लूटे जाने का पलटवार आरोप।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने काला बिल्ला विरोध व कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है; सोशल मीडिया से भीड़ जुटाने के आरोपों की अलग जाँच जारी।

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो कथित तौर पर एक विवादास्पद ऑडियो क्लिप के कारण घिर गए हैं, जिसमें उन्हें धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को अपशब्द कहते और धमकी देते सुना जा रहा है। 25 अगस्त को यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद थाना प्रभारी ने विधायक सहित 10 नामजद और 40 से 50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

विवाद की जड़ — फर्जी दस्तावेज और हिरासत

इस पूरे मामले की शुरुआत बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के नाम पर कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल के आरोपों से हुई। आरोप है कि इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा था।

इस मामले में पुलिस ने जेएलकेएम के नेता गणेश दास को 21 अगस्त को हिरासत में लिया था। गणेश दास की हिरासत की सूचना मिलते ही विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ रात में बरवाअड्डा थाना पहुँचे।

थाना परिसर में हंगामे का आरोप

पुलिस का आरोप है कि थाना परिसर में पहुँचकर भीड़ ने हंगामा किया और हिरासत में लिए गए गणेश दास को जबरन छुड़ाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान कथित तौर पर विधायक और थाना प्रभारी के बीच व्हाट्सऐप कॉल पर हुई बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसमें विधायक की आवाज़ में भद्दी गालियाँ और धमकी सुनाई देती है।

थाना प्रभारी रवि कुमार के लिखित बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में विधायक जयराम महतो के अलावा दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार और राजेश महतो को नामजद किया गया है। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों को धमकी, थाना परिसर में हंगामा और कथित रूप से अवैध भीड़ जुटाने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।

विधायक का पक्ष — राजनीतिक साजिश का आरोप

विधायक जयराम महतो ने पुलिस के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि वह अपने कार्यकर्ता के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती की जानकारी लेने थाना गए थे।

महतो ने यह भी आरोप लगाया कि थाना परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और उनका गला दबाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने एक समर्थक की सोने की चेन और नगदी लूटे जाने का भी आरोप लगाया है। विधायक ने माँग की है कि पूरे मामले की जाँच बरवाअड्डा थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जाए।

पुलिस संगठनों की चेतावनी

झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठनों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद किसी पुलिस अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस संगठनों ने माँग की है कि मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई हो। चेतावनी दी गई है कि यदि विधायक के खिलाफ जल्द सख्त कदम नहीं उठाए गए तो पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे, और इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन व कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाया जाएगा।

जाँच का दायरा

फिलहाल पुलिस बरवाअड्डा थाना परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर अफवाह फैलाकर भीड़ जुटाने के आरोपों की भी अलग से जाँच की जा रही है। यह मामला धनबाद के साथ-साथ झारखंड के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है, और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार पुलिस संगठनों का एकजुट होकर आंदोलन की चेतावनी देना संकेत देता है कि भीतरी असंतोष अब बाहर आ रहा है। विधायक का सीसीटीवी जाँच की माँग करना उनके पक्ष में भी जा सकता है — लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या जाँच राजनीतिक दबाव से मुक्त रहती है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम महतो का वायरल ऑडियो विवाद क्या है?
डुमरी विधायक जयराम महतो का एक कथित व्हाट्सऐप कॉल ऑडियो 25 अगस्त को वायरल हुआ, जिसमें उन्हें धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को अपशब्द कहते और धमकी देते सुना जा रहा है। इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जयराम महतो के खिलाफ एफआईआर में कौन-कौन से आरोप हैं?
थाना प्रभारी के लिखित बयान पर दर्ज एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों को धमकी, थाना परिसर में हंगामा और सोशल मीडिया से अवैध भीड़ जुटाने सहित कई धाराएँ शामिल हैं। विधायक सहित 10 लोग नामजद हैं और 40 से 50 अज्ञात समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है।
इस विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
विवाद की जड़ बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के नाम पर कथित फर्जी दस्तावेज बनाने का मामला है। पुलिस ने जेएलकेएम नेता गणेश दास को 21 अगस्त को हिरासत में लिया, जिसके बाद विधायक महतो समर्थकों के साथ रात में थाना पहुँचे और विवाद शुरू हुआ।
विधायक जयराम महतो का इस पर क्या कहना है?
विधायक ने सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह कार्यकर्ता के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती की जानकारी लेने थाने गए थे, जहाँ उन पर हमला हुआ और एक समर्थक की सोने की चेन व नगदी लूटी गई। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज से जाँच की माँग की है।
पुलिस संगठनों ने क्या चेतावनी दी है?
झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने बिना राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द सख्त कदम न उठाए गए तो पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे और चरणबद्ध आंदोलन व कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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