9 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: विधायक जयराम महतो का 24 घंटे का निर्जला उपवास, बोले — 16 दिन से आंदोलित छात्रों की आवाज़ सरकार नहीं सुन रही

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जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: विधायक जयराम महतो का 24 घंटे का निर्जला उपवास, बोले — 16 दिन से आंदोलित छात्रों की आवाज़ सरकार नहीं सुन रही

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती घोटाले के विरुद्ध 16 दिनों से आंदोलनरत छात्रों की आवाज़ बुलंद करने के लिए डुमरी विधायक जयराम महतो ने 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। सीबीआई जाँच और परीक्षाएँ रद्द करने की माँग के साथ संघर्ष तेज़ होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

डुमरी विधायक जयराम महतो ने 9 अगस्त को रांची के पुराने विधानसभा परिसर में सुबह 6:50 बजे से 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया।
छात्र 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत हैं — यह 16वाँ दिन था।
महतो ने टीडीपीएल एजेंसी के ज़रिये आयोजित जेपीएससी-जेएसएससी की सभी परीक्षाएँ रद्द करने और सीबीआई व ईडी से जाँच की माँग की।
भूख हड़ताल पर बैठे कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है, फिर भी राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई।
महतो 10 अगस्त को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च में शामिल होंगे।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरुद्ध 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के अध्यक्ष एवं डुमरी के विधायक जयराम महतो ने रविवार, 9 अगस्त को 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। उन्होंने यह उपवास रांची के पुराने विधानसभा परिसर में सुबह 6:50 बजे से आरंभ किया।

उपवास का उद्देश्य

महतो ने स्पष्ट किया कि इस उपवास का मकसद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे छात्रों की माँगों को राज्य सरकार तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा, 'छात्र 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर हैं और लगातार उनकी तबीयत बिगड़ रही है, इसके बावजूद सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि छात्रों की आवाज़ पूरे विश्व तक पहुँच रही है, लेकिन शायद राज्य सरकार तक नहीं।

मुख्य माँगें

महतो ने टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित जेपीएससी और जेएसएससी की सभी नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने की माँग की। इसके साथ ही उन्होंने कथित अनियमितताओं में संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की सीबीआई तथा ईडी से जाँच कराने की भी माँग रखी। जेपीएससी और जेएसएससी के सभी पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जाँच की माँग भी उन्होंने दोहराई।

जवाबदेही पर ज़ोर

महतो ने कहा कि यदि किसी अधिकारी की घोटाले में संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि यह उपवास प्रभावी नहीं होता, तो आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी और संघर्ष जारी रहेगा।

आगे क्या

महतो पहले ही 10 अगस्त को छात्रों के प्रस्तावित विधानसभा मार्च में शामिल होने की घोषणा कर चुके हैं। गौरतलब है कि छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और प्रक्रियागत अनियमितताओं की निष्पक्ष जाँच की माँग को लेकर रांची में लगातार आंदोलनरत हैं। यह देखना होगा कि विधायक के उपवास के बाद राज्य सरकार कोई संवाद का रास्ता खोलती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रशासनिक उदासीनता या राजनीतिक गणना — दोनों में से किसी एक का संकेत देती है। टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन सीबीआई और ईडी जाँच की माँग इसे राज्य के दायरे से बाहर ले जाने की कोशिश है। यदि 10 अगस्त का विधानसभा मार्च बड़ा रूप लेता है और सरकार तब भी संवाद से बचती है, तो यह आंदोलन झारखंड की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ बन सकता है।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयराम महतो ने निर्जला उपवास क्यों शुरू किया?
डुमरी विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरुद्ध 16 दिनों से आंदोलनरत छात्रों की माँगों को राज्य सरकार तक पहुँचाने के लिए 9 अगस्त को 24 घंटे का निर्जला उपवास शुरू किया। उनका कहना है कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ रही है, फिर भी सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा विवाद क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और टीडीपीएल एजेंसी की भूमिका को लेकर छात्र 25 जुलाई से रांची में आंदोलनरत हैं। छात्र इन परीक्षाओं को रद्द करने और सीबीआई व ईडी जाँच की माँग कर रहे हैं।
महतो की प्रमुख माँगें क्या हैं?
महतो ने टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित जेपीएससी-जेएसएससी की सभी नियुक्ति परीक्षाएँ रद्द करने, कथित अनियमितताओं में संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी, सीबीआई और ईडी से जाँच तथा दोनों आयोगों के पदाधिकारियों की निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
10 अगस्त को क्या होने वाला है?
10 अगस्त को आंदोलनकारी छात्रों का रांची में विधानसभा मार्च प्रस्तावित है, जिसमें विधायक जयराम महतो के शामिल होने की घोषणा पहले ही हो चुकी है। यह मार्च आंदोलन को और व्यापक रूप देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
झारखंड सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
महतो के बयान के अनुसार, 16 दिनों के आंदोलन के बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है। कई छात्रों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है, लेकिन सरकार की ओर से संवाद या समाधान का कोई संकेत सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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