जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती विवाद: झारखंड में छात्रों का विधानसभा मार्च, 14वें दिन भी आंदोलन जारी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र संगठनों ने शुक्रवार, 7 अगस्त को राज्य विधानसभा की ओर मार्च करने का ऐलान किया है। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाला यह 'विधानसभा मार्च' उस आंदोलन का हिस्सा है जो लगातार 14वें दिन भी जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारी छात्रों ने राज्यभर के उम्मीदवारों से एकजुट होकर मार्च में भाग लेने की अपील की है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई छात्र समूहों के प्रतिनिधि शामिल हुए और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता व जवाबदेही की माँग दोहराई। यह आंदोलन राज्यभर के अनेक छात्र संगठनों के व्यापक समर्थन से चल रहा है।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
छात्रों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिक माँग किसी व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि कथित तौर पर दागी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना और न्यायिक जाँच का गठन करना है। प्रदर्शनकारी जेपीएससी और जेएसएससी को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की माँग पर अड़े हैं और उनका कहना है कि ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
छात्र नेता की भूख हड़ताल
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है। लगातार बारिश के बावजूद अन्य प्रदर्शनकारी पूरी रात प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने कहा कि खराब मौसम उनके संकल्प को कमज़ोर नहीं कर सकता।
आंदोलन की प्रकृति
प्रदर्शनकारियों ने यह भी रेखांकित किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक है और स्वैच्छिक समर्थन पर टिका है। स्थानीय मंदिरों और सामाजिक संगठनों द्वारा प्रदर्शनकारियों को भोजन और जलपान उपलब्ध कराया जा रहा है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में मानसून सत्र चल रहा है, और छात्रों ने इसी दौरान विधानसभा घेराव की योजना पहले से घोषित की थी।
आगे क्या
गौरतलब है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर यह झारखंड में युवाओं का अब तक का सबसे लंबे समय तक चलने वाला सुसंगठित विरोध प्रदर्शन बताया जा रहा है। सरकार की प्रतिक्रिया और न्यायिक जाँच की माँग पर अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।