झारखंड भर्ती परीक्षा पेपर लीक: छात्रों का विधानसभा मार्च, सीबीआई जांच की मांग पर अड़े — आंदोलन 17वें दिन
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार, 10 अगस्त को हजारों प्रदर्शनकारी छात्रों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहा यह आंदोलन 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। कई दौर की बातचीत विफल रहने के बाद छात्र विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की माँग पर अडिग हैं।
मार्च की पृष्ठभूमि और छात्रों की माँगें
रविवार को छात्र प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच बातचीत के तीसरे दौर के भी बेनतीजा रहने के बाद विरोध ने और तेज़ी पकड़ी। इसके बाद अलग-अलग जिलों से हजारों अभ्यर्थी बस, ट्रेन और निजी वाहनों से रांची पहुँचे। सैकड़ों छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, अटल स्मृति वेंडर मार्केट और आसपास की इमारतों के बरामदों में खुले आसमान के नीचे रात बिताई।
हाथों में तिरंगा और फूल लिए छात्रों ने अपने मार्च को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें हैं — जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए, सीबीआई जांच हो और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार किए जाएँ।
छात्रों की आवाज़
एक प्रदर्शनकारी छात्र ने राज्यभर के अभ्यर्थियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा, 'सरकार डरी हुई लग रही है, इसीलिए वह हमें रोकने की कोशिश कर रही है। अलग-अलग समुदायों और जातियों के छात्र यहाँ एकजुट हुए हैं। हम हाथों में फूल लिए हुए हैं ताकि यह दिखाया जा सके कि हमारा विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।'
एक अन्य छात्र ने बताया कि विधानसभा तक पहुँचने में उन्हें पाँच घंटे से अधिक का समय लगा क्योंकि प्रशासन ने रास्ते में बाधाएँ खड़ी कर दी थीं। तीसरे प्रदर्शनकारी ने सवाल उठाया, 'हम केवल सीबीआई जांच की माँग कर रहे हैं। अगर सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो वह सीबीआई जांच से क्यों डर रही है?'
प्रशासन की तैयारी और विवाद
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने रांची में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं। विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। विधानसभा तक जाने वाले मार्ग पर लगभग 12 अहम स्थानों पर बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 2,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मी, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की टुकड़ियाँ, दंगा-रोधी वाहन और वॉटर कैनन तैनात किए गए हैं। राज्य सरकार ने सुरक्षाकर्मियों को संयम बरतने और अनावश्यक बल प्रयोग से बचने का निर्देश दिया है, हालाँकि कंटीले तारों वाली बैरिकेडिंग ने झारखंड में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
आगे क्या होगा
आंदोलन का 17वाँ दिन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार और छात्रों के बीच की खाई अभी पाटी नहीं जा सकी है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भर्ती प्रक्रियाओं पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। जब तक सीबीआई जांच की माँग पर कोई ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन के और तीव्र होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।