9 अगस्त 2026
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जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक विवाद: रांची में एबीवीपी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी

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जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक विवाद: रांची में एबीवीपी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी

सारांश

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है। रांची में 15 दिनों से जारी छात्र आंदोलन को एबीवीपी का समर्थन मिला, पर पुलिस ने रोका। संगठन ने विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है — सरकार की चुप्पी आग में घी डाल रही है।

मुख्य बातें

एबीवीपी ने 8 अगस्त 2026 को रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
छात्र करीब 15 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं।
एबीवीपी कार्यकर्ता अभिनव यदुवंशी ने माँगें न मानने पर झारखंड विधानसभा घेराव की चेतावनी दी।
पुलिस इंस्पेक्टर अजय आर्यन ने माना कि हिरासत में लिए गए लोगों से अभी आधिकारिक पूछताछ नहीं हुई।
सीजेपी नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने भी छात्रों के प्रति समर्थन जताया।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रांची में छात्र आंदोलन 8 अगस्त 2026 को भी जारी रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर झारखंड सरकार से निष्पक्ष जांच और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अनुसार, झारखंड के हजारों अभ्यर्थी करीब 15 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों ने राज्य के युवाओं के भविष्य पर सीधा असर डाला है। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े पेपर लीक के मामले झारखंड में पहले भी विवाद का विषय रहे हैं, और यह आंदोलन उसी लंबे असंतोष की नई कड़ी है।

पुलिस से टकराव और आरोप

एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पहुँचे, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यातायात मार्ग भी बदले गए। एबीवीपी कार्यकर्ता अभिनव यदुवंशी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की माँगें सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने में लगी है।

पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर अजय आर्यन ने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालाँकि उन्होंने बताया कि अब तक आधिकारिक तौर पर पूछताछ नहीं की गई है।

विधानसभा घेराव की चेतावनी

यदुवंशी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कभी नहीं डरेंगे' और झारखंड विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परीक्षा सुधारों को लेकर राजनीतिक दबाव पहले से बना हुआ है।

अन्य संगठनों का समर्थन

सीजेपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश ने भी छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि उनका संगठन तब तक छात्रों के साथ खड़ा रहेगा, जब तक सरकार उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती। वहीं, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों में संबंधित विभाग की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की जानी चाहिए।

आगे क्या

फिलहाल झारखंड सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एबीवीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि माँगें न माने जाने पर विधानसभा घेराव सहित आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। राज्य में परीक्षा पारदर्शिता का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी प्रणालीगत सुधार नदारद हैं। सरकार की चुप्पी और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोकना, समस्या सुलझाने की बजाय उसे दबाने की रणनीति का संकेत देता है। एबीवीपी का विधानसभा घेराव की चेतावनी देना राजनीतिक दबाव की रणनीति है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कोई भी दल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी, स्वतंत्र जांच तंत्र स्थापित करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है — या यह आंदोलन भी पिछले विरोधों की तरह बिना ठोस नतीजे के खत्म हो जाएगा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में एबीवीपी का प्रदर्शन किस मुद्दे पर हुआ?
एबीवीपी ने जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर 8 अगस्त 2026 को रांची में प्रदर्शन किया। संगठन ने सरकार से निष्पक्ष जांच और छात्रों की माँगों पर तत्काल कार्रवाई की अपील की।
झारखंड में छात्र आंदोलन कब से चल रहा है?
एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अनुसार, छात्र करीब 15 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ था।
एबीवीपी ने विधानसभा घेराव की चेतावनी क्यों दी?
एबीवीपी कार्यकर्ता अभिनव यदुवंशी ने कहा कि सरकार छात्रों की माँगें सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो संगठन आंदोलन को तेज करेगा और झारखंड विधानसभा का घेराव करेगा।
पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान क्या कार्रवाई की?
पुलिस इंस्पेक्टर अजय आर्यन के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, हालाँकि अब तक आधिकारिक पूछताछ नहीं हुई है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें स्टेडियम तक पहुँचने से रोका और यातायात मार्ग भी बदले।
इस मुद्दे पर अन्य नेताओं की क्या प्रतिक्रिया रही?
सीजेपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश ने छात्रों के साथ एकजुटता जताई और कहा कि सरकार द्वारा माँगें माने जाने तक समर्थन जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने लखनऊ में कहा कि ऐसे विवादों में विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की जानी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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