जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक विवाद: रांची में एबीवीपी का प्रदर्शन, विधानसभा घेराव की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रांची में छात्र आंदोलन 8 अगस्त 2026 को भी जारी रहा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर झारखंड सरकार से निष्पक्ष जांच और छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अनुसार, झारखंड के हजारों अभ्यर्थी करीब 15 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे विवादों ने राज्य के युवाओं के भविष्य पर सीधा असर डाला है। गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े पेपर लीक के मामले झारखंड में पहले भी विवाद का विषय रहे हैं, और यह आंदोलन उसी लंबे असंतोष की नई कड़ी है।
पुलिस से टकराव और आरोप
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब वे जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करने पहुँचे, तो पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यातायात मार्ग भी बदले गए। एबीवीपी कार्यकर्ता अभिनव यदुवंशी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की माँगें सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने में लगी है।
पुलिस की ओर से इंस्पेक्टर अजय आर्यन ने स्वीकार किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, हालाँकि उन्होंने बताया कि अब तक आधिकारिक तौर पर पूछताछ नहीं की गई है।
विधानसभा घेराव की चेतावनी
यदुवंशी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता कभी नहीं डरेंगे' और झारखंड विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में परीक्षा सुधारों को लेकर राजनीतिक दबाव पहले से बना हुआ है।
अन्य संगठनों का समर्थन
सीजेपी के नेशनल कोऑर्डिनेटर मुकेश ने भी छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि उनका संगठन तब तक छात्रों के साथ खड़ा रहेगा, जब तक सरकार उनकी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती। वहीं, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों में संबंधित विभाग की विस्तृत जांच के लिए एक टीम गठित की जानी चाहिए।
आगे क्या
फिलहाल झारखंड सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एबीवीपी ने स्पष्ट कर दिया है कि माँगें न माने जाने पर विधानसभा घेराव सहित आंदोलन के अगले चरण की घोषणा की जाएगी। राज्य में परीक्षा पारदर्शिता का यह मुद्दा आने वाले दिनों में और राजनीतिक रंग ले सकता है।