2 अगस्त 2026
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आरपी सिंह का विपक्ष पर निशाना: झारखंड पेपर लीक पर छात्रों की आवाज़ नहीं उठाई, चुनिंदा राज्यों में ही दिखते हैं

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आरपी सिंह का विपक्ष पर निशाना: झारखंड पेपर लीक पर छात्रों की आवाज़ नहीं उठाई, चुनिंदा राज्यों में ही दिखते हैं

सारांश

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष पर 'चयनात्मक राजनीति' का आरोप लगाया — झारखंड पेपर लीक पर छात्रों की आवाज़ न उठाना, कांग्रेस की 'नकली' सनातन चिंता, और कुलगाम हमले पर फारूक अब्दुल्ला को आईना दिखाना — एक ही दिन में कई मोर्चों पर BJP का पलटवार।

मुख्य बातें

BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने 2 अगस्त को कहा कि विपक्ष और सीजेपी केवल चुनिंदा राज्यों में छात्र आंदोलनों में शामिल होते हैं।
झारखंड में SSC व पब्लिक सर्विस कमीशन पेपर लीक पर छात्र प्रदर्शन जारी, लेकिन विपक्ष नदारद — सिंह का आरोप।
कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब और झारखंड में पेपर लीक पर विपक्षी दलों की चुप्पी पर सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के बयान पर पलटवार — कांग्रेस की 'सनातन चिंता' को चुनावी मजबूरी बताया।
कुलगाम आतंकी हमले पर फारूक अब्दुल्ला के बयान को खारिज करते हुए पिछले 5 वर्षों में आतंकी घटनाओं में कमी का दावा।
स्काईरूट स्टार्टअप के रॉकेट लॉन्च का उल्लेख कर PM मोदी की युवा-समर्थक नीतियों की सराहना।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 2 अगस्त को कांग्रेस और विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ये दल छात्र आंदोलनों में केवल 'चुनिंदा' राज्यों में भाग लेते हैं — जहाँ भाजपा की सरकार हो। झारखंड में एसएससी और पब्लिक सर्विस कमीशन परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर जारी छात्र प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि विपक्ष वहाँ नदारद है, जबकि दिल्ली में एकजुट होकर हंगामा करने से नहीं चूकता।

झारखंड पेपर लीक और विपक्ष की 'चयनात्मक' उपस्थिति

आरपी सिंह ने कहा कि झारखंड में SSC और पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे हैं, लेकिन विपक्षी दल और जिसे उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' कहा — अर्थात् सीजेपी — वहाँ छात्रों की आवाज़ उठाने नहीं पहुँचे। उन्होंने तर्क दिया कि जब कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब और झारखंड — जहाँ विपक्षी दलों की सरकारें हैं — में पेपर लीक होता है, तब ये नेता चुप रहते हैं। उनके अनुसार, यह 'सलेक्टिव एक्टिविज़्म' है जो छात्रों के साथ नहीं बल्कि राजनीतिक स्वार्थ के साथ है।

कांग्रेस और हिंदू मतदाताओं पर टिप्पणी

कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के एक बयान पर पलटवार करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस की मंदिरों में कोई आस्था नहीं है और उनके नेता भगवान राम के अस्तित्व पर भी प्रश्न उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अब यह समझ आने लगा है कि हिंदू मतदाताओं को संबोधित किए बिना चुनाव जीतना संभव नहीं है, इसलिए अचानक 'सनातन' की चिंता होने लगी है। आलोचकों का कहना है कि यह BJP की ओर से विपक्ष की धार्मिक राजनीति को लेकर एक सुनियोजित पलटवार है।

पीएम मोदी की छात्रों के प्रति संवेदनशीलता की सराहना

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों को माफ किए जाने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी युवाओं के राष्ट्र-निर्माण में योगदान को भली-भाँति समझते हैं। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने स्काईरूट नामक युवा स्टार्टअप का ज़िक्र किया, जिसने हाल ही में एक निजी रॉकेट लॉन्च किया — जो कथित तौर पर भारत में किसी निजी संस्था द्वारा पहली बार हुआ है।

कुलगाम आतंकी हमले पर फारूक अब्दुल्ला के बयान का जवाब

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले पर फारूक अब्दुल्ला के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि जब भी पूर्ण राज्य की माँग उठती है, तब आतंकी हमले होते हैं — आरपी सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब्दुल्ला अपने स्वयं के शासनकाल को भूल गए हैं, जब महीनों तक राज्य बंद रहता था और आतंकी घटनाएँ आम थीं। सिंह ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों में आतंकी हमलों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

आरपी सिंह के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब झारखंड में छात्र असंतोष और पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है। गौरतलब है कि कई राज्यों में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, और यह मुद्दा आगामी चुनावों में युवा मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कर्नाटक और पंजाब जैसे गैर-BJP शासित राज्यों में परीक्षा प्रणाली की खामियाँ उजागर हो रही हैं। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि पेपर लीक की समस्या किसी एक दल के शासन तक सीमित नहीं रही है — केंद्र और BJP शासित राज्यों में भी ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं। कुलगाम हमले पर फारूक अब्दुल्ला को घेरना और जंतर-मंतर प्रदर्शन में मोदी की 'उदारता' की तारीफ — ये सब मिलकर एक सुनियोजित संदेश देते हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि पेपर लीक रोकने के लिए ठोस संस्थागत सुधार कब होंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरपी सिंह ने विपक्ष पर 'चुनिंदा' होने का आरोप क्यों लगाया?
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि विपक्ष और सीजेपी केवल उन राज्यों में छात्र आंदोलनों में शामिल होते हैं जहाँ BJP की सरकार है। झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब में पेपर लीक के बावजूद विपक्ष वहाँ नहीं पहुँचा, जबकि दिल्ली में एकजुट हो गया।
झारखंड में छात्र किस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं?
झारखंड में SSC और पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर छात्र सड़कों पर उतरे हैं। यह मुद्दा रोज़गार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा है।
आरपी सिंह ने कांग्रेस की 'सनातन चिंता' को क्या कहा?
सिंह ने कहा कि कांग्रेस को अब समझ आ गई है कि हिंदू मतदाताओं को संबोधित किए बिना चुनाव जीतना मुश्किल है, इसलिए वे अचानक सनातन की बात करने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी के बयान को आस्थाहीनता का प्रमाण बताया।
कुलगाम आतंकी हमले पर आरपी सिंह ने फारूक अब्दुल्ला को क्या जवाब दिया?
फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पूर्ण राज्य की माँग उठने पर आतंकी हमले होते हैं। सिंह ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अब्दुल्ला अपने शासनकाल को भूल गए हैं और पिछले पाँच वर्षों में आतंकी घटनाएँ कम हुई हैं। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए इस पर राजनीति न करने की अपील की।
जंतर-मंतर पर छात्रों को माफ करने के PM मोदी के फैसले पर BJP का क्या रुख है?
आरपी सिंह ने PM मोदी के इस फैसले की सराहना की और कहा कि मोदी युवाओं के राष्ट्र-निर्माण में योगदान को समझते हैं। उन्होंने स्काईरूट स्टार्टअप के निजी रॉकेट लॉन्च का उदाहरण देकर युवा उद्यमशीलता को सरकार के समर्थन का प्रतीक बताया।
राष्ट्र प्रेस
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