झारखंड पेपर लीक: सुखदेव भगत बोले — सरकार संवेदनशील, CID जांच जारी, BJP को राजनीति का मौका नहीं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने 8 अगस्त 2026 को कहा कि झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) पेपर लीक मामले में राज्य सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ उठाने में विफल रही है, क्योंकि सरकार ने समय रहते ठोस कदम उठाए हैं।
छात्रों से वार्ता और सरकार का रुख
शुक्रवार शाम को राज्य सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच पहली औपचारिक बातचीत हुई, जिसे भगत ने सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि अनशन पर बैठे छात्रों ने भी इस वार्ता में सहमति जताई और कई रचनात्मक बिंदुओं पर सहमति बनी।
भगत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि सोरेन ने स्पष्ट रूप से घोषणा की थी कि जांच की आँच यदि मुख्यमंत्री आवास तक भी पहुँचती है, तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण यह है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य को भी जांच एजेंसी ने समन जारी किया है।
CID जांच और CBI की माँग पर सवाल
पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की माँग को लेकर भगत ने प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि जिन पूर्व मामलों में CBI जांच की बात हुई, उनके परिणामों का आकलन भी ज़रूरी है। उनके अनुसार, मौजूदा CID जांच पूरी गंभीरता से जारी है, कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और एजेंसी को अपना काम पूरा करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी और परीक्षा सुधार की माँग
भगत ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और पेपर लीक जैसी समस्याओं के समाधान की माँग उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) सहित विभिन्न परीक्षा व्यवस्थाओं में खामियों के कारण करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। भगत के अनुसार, राहुल गांधी का उद्देश्य राजनीतिक लाभ-हानि नहीं, बल्कि व्यवस्था में ठोस सुधार सुनिश्चित करना है।
संसद में PM और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल
भगत ने मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में अनुपस्थिति पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच — संसद — में सरकार के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य है। यदि वे पार्टी कार्यक्रमों में दिखते हैं लेकिन सदन से अनुपस्थित रहते हैं, तो यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
अलीगढ़ का नाम बदलने पर BJP पर निशाना
अलीगढ़ का नाम बदलने के प्रस्ताव पर भगत ने कहा कि जब BJP सरकार अपनी नीतियों और कार्यशैली में विफल होती है, तो इस प्रकार के प्रतीकात्मक कदमों का सहारा लेती है। उन्होंने कहा कि यह BJP की पुरानी रणनीति है — असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नाम-बदलाव जैसे मुद्दे उठाना। यह देखना होगा कि आगामी दिनों में छात्रों की माँगों पर सरकार की प्रतिक्रिया कितनी ठोस साबित होती है।