झारखंड पेपर लीक: भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव बोले — 'लाठीचार्ज की बर्बरता के बाद मजबूर हुई सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द किए जाने के मुद्दे पर रांची में छात्रों का आंदोलन 26 दिनों से जारी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने 19 अगस्त को झारखंड सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय पहले ही लिया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद ही यह कदम उठाया।
छात्र आंदोलन और लाठीचार्ज की आलोचना
शाहदेव ने कहा कि झारखंड के आदिवासी एवं मूलवासी युवा अपनी न्यायसंगत माँगों को लेकर पिछले 26 दिनों से सड़कों पर हैं। उन्होंने विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज को 'सरकार की बर्बरता' करार दिया। उनके अनुसार, छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से दबाव बनाया और अंततः सरकार को परीक्षा रद्द करने पर विवश होना पड़ा।
सीआईडी जाँच पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक की सीआईडी जाँच पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सीआईडी ने वर्ष 2025 में क्लोजर रिपोर्ट देकर पेपर लीक से इनकार किया था, जबकि अब सरकार स्वयं लीक की पुष्टि कर रही है। शाहदेव ने कहा कि यह विरोधाभास जाँच एजेंसी की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेपीएससी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आयोग के एक पूर्व सदस्य के निजी सचिव को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर इंटरव्यू में 'सेटिंग' के लिए ₹40 लाख लेने का आरोप है। शाहदेव ने सवाल उठाया कि यदि सीआईडी जाँच कर रही है, तो आयोग के तीनों सदस्यों से पूछताछ या उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जाँच केवल 'छोटी मछलियों' तक सीमित रखी जा रही है।
सीबीआई जाँच की माँग
शाहदेव ने कथित परीक्षा घोटाले की जाँच सीबीआई से कराने की माँग दोहराई। उन्होंने दावा किया कि इस मामले के तार हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों से जुड़े हैं, इसलिए केंद्रीय एजेंसी की जाँच आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीबीआई जाँच से इसलिए बच रही है क्योंकि जाँच की आँच सत्ता के शीर्ष तक पहुँच सकती है। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जेपीएससी के चेयरमैन पद को कथित तौर पर ₹70 करोड़ में बेचे जाने के आरोप लगाए गए हैं और विपक्ष के नेता ने इस संबंध में गंभीर आरोप सार्वजनिक किए हैं। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी पर निशाना
शाहदेव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने छात्र आंदोलन पर देर से प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, आंदोलन 25 जुलाई को शुरू हुआ, जबकि राहुल गांधी का पहला बयान 6 अगस्त को आया। शाहदेव ने आरोप लगाया कि शुरुआती दिनों में छात्रों के मुद्दे को प्राथमिकता नहीं दी गई।
आगे क्या होगा
भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी छात्रों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देती है और उनकी माँगों को जायज मानती है। उन्होंने सरकार से छात्रों की माँगों पर गंभीरता से विचार करने और कथित परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। गौरतलब है कि परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थी भी अब सड़कों पर हैं और सरकार द्वारा उन्हें अदालत जाने की सलाह दिए जाने पर शाहदेव ने कड़ी आपत्ति जताई।