मनप्रीत सिंह का एशियन गेम्स 2026 में तीसरा गोल्ड, भारत ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने 4 अक्टूबर 2026 को काकामिगाहारा के गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 का गोल्ड मेडल जीतने के बाद कहा कि लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए जल्दी क्वालीफाई करने से टीम को तैयारी के लिए बहुमूल्य अतिरिक्त समय मिलेगा। फाइनल में मलेशिया को 5-1 से रौंदकर भारत ने न केवल खिताब बरकरार रखा, बल्कि 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट भी हासिल किया।
ऐतिहासिक जीत का महत्व
इस जीत के साथ मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले एकमात्र भारतीय हॉकी खिलाड़ी बन गए। उन्होंने कहा, 'एशियाई खेल हमारे लिए एक अहम टूर्नामेंट था। हमने लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इसी वजह से हमें क्वालिफायर राउंड नहीं खेलना होगा और हम खुद पर और उन चीजों पर काम कर सकते हैं जिन पर सुधार की जरूरत है।' मनप्रीत ने यह भी रेखांकित किया कि इस जीत का महत्व एशियन गेम्स की कामयाबी से कहीं आगे जाता है।
पुरुष और महिला — दोनों टीमों का ऐतिहासिक डबल गोल्ड
यह पहली बार था जब भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम दोनों ने एक ही एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीता। सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने फाइनल में मौजूदा ओलंपिक सिल्वर मेडलिस्ट चीन को 1-0 से हराया। 1982 के खेलों में मिली जीत के बाद यह भारतीय महिला टीम का इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में केवल दूसरा गोल्ड मेडल था। दोनों टीमों ने इस जीत के साथ लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में सीधी जगह पक्की कर ली।
वर्ल्ड कप की निराशा के बाद संजीवनी
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि अगस्त में हुए वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था। टीम टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही और सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। ऐसे में एशियन गेम्स 2026 की यह गोल्ड जीत टीम के मनोबल के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
ओलंपिक में भारत का क्रमिक उत्थान
गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2023 में जीत के बाद भी भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए जल्दी क्वालीफाई किया था, जिससे टीम को तैयारी का समय मिला और परिणामस्वरूप ब्रॉन्ज मेडल हासिल हुआ। टोक्यो 2021 में भी भारत ने तीसरा स्थान पाया था। भारत एकमात्र ऐसी टीम रही जिसने टोक्यो और पेरिस — दोनों ओलंपिक में मेडल जीता, जबकि बाकी मेडल जीतने वाली टीमें दोनों संस्करणों में अलग-अलग थीं। अब 2028 में लॉस एंजिल्स की तैयारी के लिए टीम के पास पर्याप्त समय और आत्मविश्वास दोनों हैं।