एशियन गेम्स 2026 गोल्ड जीत स्वदेश लौटी भारतीय हॉकी टीम, कप्तान हरमनप्रीत बोले — 'लगातार दो खिताब, पूरे टूर्नामेंट में रहा दबदबा'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीतकर 6 अक्टूबर 2026 को स्वदेश लौटी, जहाँ अमृतसर हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से रौंदकर और सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में अपनी जगह भी पक्की कर ली है।
कप्तान हरमनप्रीत का जोश और संदेश
मीडिया से मुखातिब होते हुए टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा, 'यह बहुत गर्व की बात है। एक कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर मेरे लिए यह एक बहुत ही खास पल है कि हमने लगातार दो खिताब जीते हैं। यह पूरी टीम की कोशिश थी। हमने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाया, इसलिए मैं बहुत खुश हूँ।' हरमनप्रीत की अगुवाई में टीम ने टूर्नामेंट के दौरान किसी भी प्रतिद्वंद्वी को बराबरी का मौका नहीं दिया।
परिवारों और अमृतसर में खुशी की लहर
टीम के अहम सदस्य हार्दिक सिंह के भाई मनमीत सिंह ने एयरपोर्ट पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है। हर जगह खुशी का माहौल है। इंडिया के लिए लगातार दो मेडल लाना — और दोनों बार गोल्ड — बहुत खुशी की बात है।' उनके परिवार ने एक दिन पहले ही एयरपोर्ट आने का फैसला किया था।
चैंपियन टीम के सदस्य दिलप्रीत सिंह की माँ ने कहा, 'बच्चों ने एशियन गेम्स में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और गोल्ड मेडल घर लाए। यह कभी समाप्त न होने वाली खुशी है।' अमृतसर में परिवारों के बीच जश्न का माहौल देर तक बना रहा।
टूर्नामेंट में भारत का सफर
भारतीय हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शुरू से आखिर तक अपराजित रहते हुए सभी विपक्षी टीमों को एकतरफा अंदाज में मात दी। रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 के करीबी अंतर से हराने के बाद टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से ध्वस्त किया। यह एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है, जो भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान की बड़ी कहानी बयान करता है।
ओलंपिक 2028 में एंट्री पक्की
एशियन गेम्स की खिताबी जीत के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है। गौरतलब है कि टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य और पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक के बाद यह टीम अब सोने की हैट्रिक की ओर नज़रें गड़ाए हुए है। एशिया में लगातार दो स्वर्ण जीतने के बाद भारत एशियाई हॉकी का निर्विवाद बादशाह बन चुका है।
आगे क्या
भारतीय हॉकी टीम अब लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। एशियन गेम्स में दिखाई गई आक्रामक और अनुशासित हॉकी यदि बरकरार रही, तो टीम ओलंपिक स्वर्ण की प्रबल दावेदार होगी।