भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदा, एशियन गेम्स 2026 में जीता ऐतिहासिक गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 3 अक्टूबर 2026 को काकामिगहारा के गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल में मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर एशियन गेम्स 2026 का स्वर्ण पदक जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने एलए 2028 ओलंपिक के लिए भी आधिकारिक रूप से क्वालीफाई कर लिया।
मैच का पूरा घटनाक्रम
11वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर से गोल दागकर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। हालाँकि, 14वें मिनट में मलेशिया के शैली सिल्वरियस ने फील्ड गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
बराबरी के बाद भारतीय टीम ने पलटवार में देरी नहीं की। 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में 42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक से 3-1 किया। 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा के फील्ड गोल ने स्कोर 4-1 पहुँचाया और 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने अपना दूसरा पेनाल्टी कॉर्नर गोल दागकर 5-1 का निर्णायक अंतर बना दिया।
क्यों है यह जीत ऐतिहासिक
यह एशियन गेम्स के इतिहास में पहला अवसर है जब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। इससे पहले टीम ने एशियन गेम्स 2022 में भी गोल्ड जीता था। कुल मिलाकर यह एशियन गेम्स के अलग-अलग संस्करणों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 5वाँ स्वर्ण पदक है — इससे पहले 1966, 1998, 2014 और 2022 में यह खिताब भारत के नाम रहा था।
महिला टीम का भी गोल्ड — डबल गोल्ड का जश्न
यह उपलब्धि इसलिए भी असाधारण है क्योंकि भारतीय महिला हॉकी टीम ने एक दिन पहले शुक्रवार को फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। महिला टीम ने भी इसी के साथ एलए 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल किया। गौरतलब है कि 1982 के बाद यह पहली बार है जब भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता।
इस तरह हॉकी एशियन गेम्स में कबड्डी और क्रिकेट के बाद वह तीसरा खेल बन गया जिसमें भारत ने 'डबल गोल्ड' — यानी पुरुष और महिला दोनों टीमों का स्वर्ण पदक — हासिल किया।
आगे क्या होगा
दोनों टीमों के 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में प्रवेश की पुष्टि हो जाने से भारतीय हॉकी का अगला लक्ष्य अब ओलंपिक पोडियम होगा। यह जीत भारतीय हॉकी के पुनरुत्थान की उस कहानी को और मज़बूत करती है जो टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक से शुरू हुई थी।