झारखंड छात्र लाठीचार्ज: भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव का हेमंत सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रतुल शाहदेव ने 12 अगस्त 2026 को रांची में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर कई बार लाठीचार्ज किया गया और सरकार उनकी मांगों का जवाब देने के बजाय सवालों से भाग रही है। शाहदेव ने मांग की कि सरकार छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे।
छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई
प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों के साथ बर्बरता की गई और रात के समय की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीब छात्र सभी शामिल थे, और पुलिस कार्रवाई में सभी प्रभावित हुए।
शाहदेव ने दावा किया कि रात करीब एक बजे जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कथित तौर पर वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन उसी समय बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रशासन वास्तव में बातचीत के लिए गया था, तो इतना भारी पुलिस बल क्यों था? उनके अनुसार जैसे ही BJP नेताओं और विधायकों को जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे और बड़ी संख्या में छात्र भी जुट गए, जिसके बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा।
विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त करने पर विरोध
शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष के सवालों से बचने के लिए विधानसभा की कार्यवाही समय से पहले समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में BJP विधायक रांची में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सदन में उठाना चाहते थे, लेकिन सत्र अचानक खत्म कर दिया गया।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार एक ओर सदन में चर्चा की बात करती है और दूसरी ओर जब विपक्ष गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगता है, तो सत्र समाप्त कर दिया जाता है। उन्होंने इसे सत्ता पक्ष के राजनीतिक चरित्र में दोहरेपन का प्रमाण बताया।
'हर घर तिरंगा' अभियान और एफसीआरए बिल पर रुख
15 अगस्त से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर तिरंगा' संदेश का स्वागत करते हुए शाहदेव ने कहा कि तिरंगा देश के स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक है और प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से इस अभियान में भाग लेने की अपील की।
विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक (FCRA Bill) को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने के फैसले पर शाहदेव ने कहा कि यह विधेयक देशहित में आवश्यक है। उन्होंने तर्क दिया कि विदेशी फंड के इस्तेमाल पर पर्याप्त जांच और नियंत्रण की व्यवस्था होनी चाहिए, अन्यथा इसके दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। JPC की सिफारिशों के बाद सरकार इसे दोबारा संसद में ला सकती है।
इंडिया गठबंधन और मंत्री इरफान अंसारी पर निशाना
शाहदेव ने दावा किया कि विपक्षी इंडिया गठबंधन में कांग्रेस का प्रभाव लगातार कम हो रहा है और समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC), शिवसेना (UBT) तथा एनसीपी (शरद पवार गुट) जैसे सहयोगी दल कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह दूरी और बढ़ सकती है।
झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा BJP के मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताए जाने पर शाहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि BJP नेताओं ने बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में कार्यक्रम की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं थी। शाहदेव ने आरोप लगाया कि अंसारी मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं और राजनीतिक विरोध के मुद्दों पर सभी दलों को समान मानदंड अपनाने चाहिए।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में छात्र आंदोलन और सत्ता-विपक्ष के बीच तनाव अपने चरम पर है। आगामी दिनों में BJP द्वारा इस मुद्दे को और तेज करने की संभावना है।