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झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज: NDA नेताओं ने सोरेन सरकार से माँगी CBI जाँच

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झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज: NDA नेताओं ने सोरेन सरकार से माँगी CBI जाँच

सारांश

झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज ने सियासी आग भड़का दी है। NDA नेता CBI जाँच माँग रहे हैं, AAP और शिवसेना (UBT) संवाद की अपील कर रहे हैं — और दिलचस्प बात यह है कि सोरेन के अपने गठबंधन के साझेदार भी सरकार को बातचीत की नसीहत दे रहे हैं।

मुख्य बातें

झारखंड में 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान पुलिस ने कंटीले तार, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र कथित तौर पर घायल हुए।
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल और BJP नेताओं ने CBI जाँच की माँग का समर्थन किया।
BJP के मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर 'डबल स्टैंडर्ड' का आरोप लगाया।
AAP विधायक संजीव झा और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सरकार से छात्रों के साथ संवाद का आग्रह किया।
कांग्रेस ने झारखंड सरकार से छात्र प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

झारखंड में छात्रों के 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई — जिसमें कंटीले तार, वाटर कैनन और लाठीचार्ज शामिल बताए जा रहे हैं — को लेकर राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। 11 अगस्त को विभिन्न दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को घेरते हुए जाँच और संवाद की माँग उठाई।

मुख्य घटनाक्रम

छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में झारखंड विधानसभा का घेराव करने निकले थे। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए कंटीले तार लगाए, वाटर कैनन चलाई और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

NDA नेताओं की प्रतिक्रिया

बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने सीबीआई जाँच की माँग का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'अगर सरकार की ओर से कोई गलती नहीं हुई है और किसी तरह की हेराफेरी नहीं हुई, तो जाँच कराने में सरकार को परेशानी नहीं होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जाँच न कराने से लोगों के मन में संदेह पैदा होता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर 'डबल स्टैंडर्ड' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन को जो समर्थन मिलता है, वह झारखंड के छात्रों को नहीं मिल रहा। नकवी ने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी गड़बड़ी को दूर करना केंद्र और राज्य, दोनों की जिम्मेदारी है।

लखनऊ से BJP नेता नीरज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में तो पहुँचे, लेकिन झारखंड के घायल छात्रों की सुध नहीं ली।

विपक्ष और इंडिया गठबंधन की स्थिति

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव झा ने कहा कि आँसू गैस और लाठीचार्ज किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों के साथ बैठकर उनकी माँगों पर चर्चा की जाए।

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों से बातचीत करें और उनकी समस्याओं का समाधान निकालें। यह टिप्पणी उल्लेखनीय है क्योंकि शिवसेना (UBT) स्वयं इंडिया गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) भी शामिल है।

विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के उपाध्यक्ष गुरुनाधम ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी ने झारखंड सरकार से अनुरोध किया है कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की जाए और उनकी समस्याओं को समझा जाए।

आम जनता और छात्रों पर असर

यह आंदोलन ऐसे समय में उभरा है जब पूरे देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर छात्रों में व्यापक असंतोष है। गौरतलब है कि NEET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के बाद से छात्र-आंदोलन कई राज्यों में सक्रिय हुए हैं। झारखंड में घायल हुए छात्रों की सटीक संख्या अभी तक आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं हुई है।

आगे क्या

सोरेन सरकार पर अब संवाद की पहल करने का दबाव बढ़ रहा है — न केवल विपक्ष की ओर से, बल्कि गठबंधन के अंदर से भी। यदि सरकार जल्द बातचीत का रास्ता नहीं खोलती, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी यह है कि इंडिया गठबंधन के भीतर से भी — शिवसेना (UBT) के संजय राउत के रूप में — सोरेन सरकार को संवाद की नसीहत दी जा रही है। यह गठबंधन की आंतरिक असहजता को उजागर करता है। दूसरी ओर, BJP का 'डबल स्टैंडर्ड' वाला तर्क तब तक कमज़ोर रहेगा जब तक वह यह नहीं बताती कि भाजपा-शासित राज्यों में छात्र-आंदोलनों से कैसा व्यवहार हुआ। असली सवाल यह है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की माँग — जो राष्ट्रव्यापी है — का जवाब कोई भी सरकार अब तक संस्थागत सुधार से नहीं, बल्कि बल-प्रयोग या वादों से देती आई है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में छात्रों का 'विधानसभा घेराव' मार्च क्यों हुआ?
छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में झारखंड विधानसभा का घेराव करने निकले थे। यह आंदोलन उस व्यापक असंतोष का हिस्सा है जो NEET और अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरों के बाद देशभर में उभरा है।
पुलिस ने छात्रों पर क्या कार्रवाई की?
BJP नेता नीरज सिंह के आरोपों के अनुसार, पुलिस ने कंटीले तार लगाए, वाटर कैनन चलाई और लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। हालाँकि, झारखंड सरकार की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
NDA नेताओं ने इस मामले में क्या माँग की है?
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने CBI जाँच की माँग का समर्थन किया है और तर्क दिया कि जाँच न कराना संदेह पैदा करता है। BJP के मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर 'डबल स्टैंडर्ड' का आरोप लगाया और कहा कि परीक्षा सुधार केंद्र व राज्य दोनों की जिम्मेदारी है।
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने क्या कहा?
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के साथ बातचीत करने की अपील की। AAP विधायक संजीव झा ने कहा कि लाठीचार्ज और आँसू गैस स्थायी समाधान नहीं हैं और सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
कांग्रेस का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
APCC उपाध्यक्ष गुरुनाधम ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने झारखंड सरकार से छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने का अनुरोध किया है। पार्टी ने कहा कि उसकी छात्रों को लेकर कोई 'लुका-छिपी' वाली नीति नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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