रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज: BJP ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरा, 'सत्ता के अहंकार' का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज की घटना ने 22 अगस्त को राजनीतिक भूचाल ला दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार पर सीधा हमला बोला और छात्रों पर हुई कार्रवाई को 'सत्ता के अहंकार' की संज्ञा दी।
मुख्य घटनाक्रम
रांची में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद कई जिलों में सैकड़ों छात्र घायल हो गए। BJP का आरोप है कि यह कार्रवाई झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के संरक्षण में की। छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतरे थे।
BJP नेतृत्व की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में BJP सांसद एवं झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने कहा, 'सरकार के संरक्षण में JMM कार्यकर्ताओं ने गुंडागर्दी की और छात्रों को लाठियों से पीटा, जिससे कई जिलों में सैकड़ों छात्र घायल हो गए। झारखंड सरकार और उसके कार्यकर्ता सत्ता के अहंकार में डूबे हुए हैं और उन्होंने झारखंड के लिए एक नई परंपरा शुरू कर दी है।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी इसी तरह सड़कों पर उतरे, तो राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
राहुल गांधी पर निशाना
साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झारखंड की स्थिति पर मौन हैं क्योंकि राज्य सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है। साहू के अनुसार, 'राहुल गांधी और उनके परिवार ने झारखंड के लोगों को हल्के में लिया है। पहले कांग्रेस ने झारखंड राज्य आंदोलन को खरीदने की कोशिश की, अब वे हमारे छात्रों के भविष्य के साथ समझौता करने में लगे हैं।' उन्होंने माँग की कि राहुल गांधी दिल्ली में धरना देने के बजाय झारखंड आकर छात्रों और मुख्यमंत्री से मिलें तथा सीबीआई जाँच की सिफारिश करें।
रांची में BJP प्रवक्ता का हमला
रांची में BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी राज्य सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जो छात्र कल तक मुख्यमंत्री की तारीफ कर रहे थे और उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे थे, जब उन्हें अपने साथ हुए 'छल' का एहसास हुआ और उन्होंने आवाज उठाई, तो उन पर लाठियाँ बरसाई गईं।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता पहले से ही बहस का विषय रही है। BJP ने सीबीआई जाँच की माँग को औपचारिक रूप देने का संकेत दिया है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।