6 अक्टूबर 2026
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केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी, छोटे उद्यमों को मिलेगी ग्रोथ इक्विटी

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केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी, छोटे उद्यमों को मिलेगी ग्रोथ इक्विटी

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को हरी झंडी दे दी है — यह उन ग्रोथ-स्टेज उद्यमों के लिए 'पेशेंट इक्विटी कैपिटल' का वादा है जो अब तक पारंपरिक फंडिंग की पहुँच से बाहर रहे। यह कदम 'विकसित भारत 2047' की महत्वाकांक्षा को SME की जमीनी हकीकत से जोड़ने का प्रयास है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 6 अक्टूबर 2026 को ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड (SGF) को मंजूरी दी।
फंड का उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्रों के ग्रोथ-स्टेज SME को दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी देना है।
यह केंद्रीय बजट 2026-27 में एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए की गई व्यापक घोषणाओं का हिस्सा है।
कैबिनेट के अनुसार, मौजूदा इक्विटी फंड मुख्यतः बहुत छोटे शुरुआती उद्यमों तक सीमित थे; SGF इस संरचनात्मक कमी को दूर करेगा।
पहल 'विकसित भारत 2047' के विजन से जुड़ी है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय कंपनियाँ तैयार करना इसका घोषित लक्ष्य है।

केंद्रीय कैबिनेट ने 6 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड (SGF) की स्थापना को औपचारिक मंजूरी दे दी। इस फंड का मकसद भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों (SME) को दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी मुहैया कराना है, ताकि वे मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रणनीतिक वैल्यू चेन में विस्तार कर सकें।

फंड की आवश्यकता क्यों पड़ी

कैबिनेट के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत में पहले से मौजूद इक्विटी सपोर्ट फंड मुख्यतः शुरुआती दौर के बहुत छोटे उद्यमों पर केंद्रित रहे हैं। ग्रोथ-स्टेज SME के लिए दीर्घकालिक जोखिम पूंजी की एक संरचनात्मक कमी बनी हुई थी — यानी उन कंपनियों के लिए जो अपना दायरा बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने या अन्य कंपनियों के अधिग्रहण का इरादा रखती हैं।

गौरतलब है कि एमएसएमई के लिए क्रेडिट उपलब्धता पिछले वर्षों में कई सरकारी पहलों से बेहतर हुई है, लेकिन लंबे समय की इक्विटी-आधारित पूँजी का अभाव बड़ी बाधा बना रहा। SGF इसी खाई को पाटने के लिए तैयार किया गया है।

फंड की संरचना और उद्देश्य

सरकारी बयान के अनुसार, SME ग्रोथ फंड उन उद्यमों को 'पेशेंट ग्रोथ इक्विटी कैपिटल' प्रदान करेगा जिनका कारोबार साबित और व्यवहार्य है तथा जिनमें आगे बढ़ने की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। फंड का फोकस मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन-आधारित क्षेत्रों पर रहेगा।

यह पहल केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई व्यापक एमएसएमई घोषणाओं का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट सुनिश्चित करना था।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

कैबिनेट ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यह कदम 'विकसित भारत 2047' के दीर्घकालिक विजन को साकार करने की दिशा में उठाया गया है। इसके तहत तीन प्रमुख लक्ष्य रखे गए हैं — भारत के उद्यमशीलता इकोसिस्टम को मजबूत करना, ग्रोथ-स्टेज कंपनियों के लिए घरेलू पूंजी बाजार को परिपक्व बनाना, और ऐसी भारतीय कंपनियों की एक नई पीढ़ी तैयार करना जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों।

SME की अर्थव्यवस्था में भूमिका

SME को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ये उद्यम रोजगार सृजन, निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट और इनोवेशन में अहम योगदान देते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दे रही है।

आगे की राह

SGF की संचालन संबंधी विस्तृत रूपरेखा और कार्यान्वयन दिशानिर्देश अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उद्योग जगत की नजरें इस पर टिकी हैं कि फंड का प्रबंधन कौन-सी संस्था करेगी, निवेश की पात्रता मानदंड क्या होंगे और पहली किस्त का वितरण कब शुरू होगा। SME क्षेत्र के लिए यह कदम दीर्घकालिक पूंजी की उपलब्धता की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का SGF उस संरचनात्मक कमी को स्वीकार करता है जिसे नीति-निर्माता लंबे समय से नजरअंदाज करते रहे — ग्रोथ-स्टेज SME के लिए इक्विटी की अनुपलब्धता। लेकिन असली परीक्षा फंड के प्रबंधन मॉडल, पात्रता मानदंड और निवेश निर्णयों की पारदर्शिता से होगी। भारत में सरकारी-प्रायोजित फंडों का इतिहास मिश्रित रहा है — कुछ ने वास्तविक क्षेत्रीय रूपांतरण किया, अन्य नौकरशाही विलंब में उलझकर रह गए। 'पेशेंट कैपिटल' का वादा तब तक अधूरा है जब तक फंड का टर्नअराउंड समय और जवाबदेही ढाँचा स्पष्ट न हो।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SME ग्रोथ फंड (SGF) क्या है?
SME ग्रोथ फंड एक ₹10,000 करोड़ का सरकारी फंड है जिसे 6 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह फंड ग्रोथ-स्टेज छोटे और मध्यम उद्यमों को दीर्घकालिक इक्विटी पूंजी प्रदान करेगा जो मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षेत्रों में विस्तार करना चाहते हैं।
SME ग्रोथ फंड किन उद्यमों के लिए है?
यह फंड उन SME के लिए है जिनका कारोबार साबित और व्यवहार्य है तथा जो अपना दायरा बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने, अंतरराष्ट्रीय विस्तार करने या इंडस्ट्री लीडर बनने की क्षमता रखते हैं। शुरुआती दौर के बहुत छोटे स्टार्टअप इसकी प्राथमिक लक्षित श्रेणी नहीं हैं।
यह फंड पहले से मौजूद एमएसएमई योजनाओं से कैसे अलग है?
कैबिनेट के बयान के अनुसार, मौजूदा इक्विटी सपोर्ट फंड मुख्यतः शुरुआती दौर के बहुत छोटे उद्यमों पर केंद्रित थे। SGF विशेष रूप से ग्रोथ-स्टेज SME की उस दीर्घकालिक इक्विटी जरूरत को पूरा करता है जिसे परंपरागत क्रेडिट और मौजूदा फंड पूरा नहीं कर पाते थे।
SME ग्रोथ फंड 'विकसित भारत 2047' से कैसे जुड़ा है?
सरकार के अनुसार, SGF 'विकसित भारत 2047' के विजन का हिस्सा है। इसका लक्ष्य उद्यमशीलता इकोसिस्टम को मजबूत करना, घरेलू पूंजी बाजार को परिपक्व बनाना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय कंपनियों की एक नई पीढ़ी तैयार करना है।
SGF का कार्यान्वयन कब शुरू होगा?
कैबिनेट ने फंड की मंजूरी 6 अक्टूबर 2026 को दी है, लेकिन संचालन संबंधी विस्तृत रूपरेखा और कार्यान्वयन दिशानिर्देश अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। फंड प्रबंधन संस्था, पात्रता मानदंड और पहली किस्त वितरण की समयसीमा की घोषणा आने वाले समय में अपेक्षित है।
राष्ट्र प्रेस
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