क्या पीएम मोदी की अध्यक्षता में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक को इक्विटी सहायता प्रदान करने की मंजूरी मिली?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) को 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी सहायता की मंजूरी प्रदान की है।
यह 5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग के माध्यम से सिडबी में तीन चरणों में निवेश की जाएगी। पहले चरण में वित्तीय वर्ष 2025–26 में 3,000 करोड़ रुपए का निवेश 31.03.2025 की बुक वैल्यू पर प्रति शेयर 568.65 रुपए किया जाएगा। इसके बाद अगले दो वित्तीय वर्षों में क्रमशः 1,000 करोड़ रुपए की राशि पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू पर निवेश की जाएगी।
इस बारे में जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि आज का निर्णय लघु उद्योग विकास बैंक ऑफ इंडिया (एसआईडीबीआई) को इक्विटी सहायता देने से अनगिनत लघु एवं मध्यम उद्यमों को लाभ होगा और यह विकसित भारत के निर्माण में योगदान देगा।
5,000 करोड़ रुपए की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद, जिन एमएसएमई को वित्तीय सहायता मिलेगी, उनकी संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 102 लाख होने की उम्मीद है। एमएसएमई मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, 6.90 करोड़ एमएसएमई ने 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया है।
इस औसत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027–28 के अंत तक 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से 1.12 करोड़ नए रोजगार का सृजन होने की संभावना है।
निर्देशित ऋण पर विशेष ध्यान और अगले पांच वर्षों में पोर्टफोलियो में अपेक्षित वृद्धि के कारण, सिडबी की बैलेंस शीट पर जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस बढ़ोतरी के चलते पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) को बनाए रखने के लिए अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।
सिडबी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल ऋण उत्पाद और स्टार्ट-अप्स को दिए जा रहे उद्यम ऋण भी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि करेंगे, जिससे स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए और अधिक पूंजी की आवश्यकता होगी।
अधिदेशित स्तर से अधिक स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त शेयर पूंजी के निवेश से सिडबी को स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने में लाभ होगा। यह निवेश सिडबी को उचित ब्याज दरों पर संसाधनों को जुटाने में मदद करेगा, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण प्रवाह में वृद्धि करने में सहायता मिलेगी।
प्रस्तावित इक्विटी पूंजी का चरणबद्ध निवेश अगले तीन वर्षों में सीआरएआर को 10.50 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में सिडबी को सक्षम बनाएगा।