क्या वारिस पठान ने सहर शेख के मुंब्रा बयान पर दी सफाई?

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क्या वारिस पठान ने सहर शेख के मुंब्रा बयान पर दी सफाई?

सारांश

वारिस पठान ने मुंब्रा विवाद पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सहर शेख ने अपने बयान को स्पष्ट किया है। उन पर लगाए गए सांप्रदायिक रंग के आरोपों को गलत ठहराते हुए, उन्होंने अपनी पार्टी की सफलता और स्थानीय राजनीति में विकास को मुख्य बिंदु बनाया। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी!

Key Takeaways

  • सहर शेख ने अपने बयान को स्पष्ट किया।
  • वारिस पठान ने सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों को नकारा।
  • एआईएमआईएम ने मुंब्रा में 5 सीटें जीतीं।
  • पार्टी ने समावेशी राजनीति का प्रदर्शन किया।
  • विपक्ष की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक चर्चा को बढ़ाया।

मुंबई, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने बुधवार को मुंब्रा विवाद पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि युवा पार्षद सहर शेख ने अपने बयान को स्पष्ट कर दिया है।

वारिस पठान ने कहा कि हमारी युवा उम्मीदवार सहर ने पहले ही बता दिया है कि उन्होंने क्या कहा था। कुछ लोग उनके बयान को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी पार्टी मुंब्रा में प्रगति कर रही है, हमने इस बार पांच कॉर्पोरेटर सीटें जीती हैं, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यहां तक कि जो वरिष्ठ नेता कभी इस इलाके में प्रभावशाली थे, वे भी कुछ नहीं कर पाये, फिर भी जनता ने हमें वोटों और दुआओं से समर्थन दिया।

वारिस पठान ने सहर के 'मुंब्रा को हरा करने' वाले बयान को पार्टी के हरे झंडे और विकास से जोड़ा। सहर शेख ने सफाई में कहा था कि अगर उनका झंडा नारंगी या केसरिया होता तो वे उसी को बढ़ावा देतीं। यह बयान ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों में एआईएमआईएम की बड़ी जीत के बाद आया, जहां पार्टी ने मुंब्रा में 5-6 सीटें जीतीं। विपक्ष ने इसे 'सांप्रदायिक' बताकर विवाद खड़ा किया, लेकिन एआईएमआईएम ने इसे राजनीतिक विकास का प्रतीक बताया।

वारिस पठान ने कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केडीएमसी) में एमएनएस और शिवसेना के गठबंधन पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "देखिए कैसे चीजें बदल जाती हैं। वे एक-दूसरे से ऐसे लड़ रहे थे जैसे कोई जंग हो, और अब, सत्ता और अधिकार के लालच के लिए, वे एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। अब उनका असली चेहरा जनता के सामने आ रहा है। उनके बीच क्या होता है, यह उनका अंदरूनी मामला है; मैं इसमें क्या कर सकता हूं?"

यह टिप्पणी हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर है, जहां एमएनएस और शिवसेना (शायद अलग-अलग गुट) ने स्थानीय स्तर पर सहयोग किया। पठान ने इसे सत्ता के लालच से जोड़ा और कहा कि इससे जनता को असली चेहरा दिख रहा है।

वारिस पठान ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के एआईएमआईएम पर धर्म की राजनीति करने के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा, "यह बिल्कुल सच नहीं है। हमारे जो 125 कॉर्पोरेटर जीते हैं, उनमें सभी समुदायों के लोग शामिल हैं। हमें सभी से वोट मिले और हमारे कॉर्पोरेटर बड़े जनसमर्थन से चुने गए हैं।"

उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के स्थानीय चुनावों में एआईएमआईएम ने 125 कॉर्पोरेटर जीते, जिनमें हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों के लोग शामिल हैं। उन्होंने इसे समावेशी राजनीति का नतीजा बताया और आरोप लगाया कि विपक्ष एआईएमआईएम की सफलता बर्दाश्त नहीं कर पा रहा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीति में बयानबाजी का महत्व होता है। वारिस पठान का विचार स्पष्ट है कि उनकी पार्टी ने स्थानीय चुनावों में एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह दर्शाता है कि राजनीति में विकास और समावेशिता की आवश्यकता है।
NationPress
22/01/2026

Frequently Asked Questions

वारिस पठान का विवाद का क्या कारण है?
वारिस पठान ने मुंब्रा के विवाद में सहर शेख के बयान को स्पष्ट किया है और इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों को गलत बताया है।
क्या एआईएमआईएम ने मुंब्रा में सीटें जीती हैं?
हां, एआईएमआईएम ने मुंब्रा में 5 कॉर्पोरेटर सीटें जीती हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सहर शेख का बयान क्या था?
सहर शेख ने कहा कि अगर उनका झंडा नारंगी या केसरिया होता तो वे उसी को बढ़ावा देतीं, इसे उन्होंने पार्टी के विकास से जोड़ा।
वारिस पठान ने दिग्विजय सिंह के आरोपों पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यह सच नहीं है कि एआईएमआईएम धर्म की राजनीति कर रहा है, उनके 125 कॉर्पोरेटर सभी समुदायों के हैं।
क्या एआईएमआईएम की सफलता विपक्ष को परेशान कर रही है?
हां, वारिस पठान का कहना है कि विपक्ष एआईएमआईएम की सफलता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा।
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