कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा का 4 सीटों पर कब्जा, 2026 में होगा रोमांचक मुकाबला!

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कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र: भाजपा का 4 सीटों पर कब्जा, 2026 में होगा रोमांचक मुकाबला!

सारांश

कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से 4 पर भाजपा और 3 पर टीएमसी का कब्जा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

Key Takeaways

  • कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें हैं।
  • 4 सीटों पर भाजपा और 3 पर टीएमसी का कब्जा है।
  • 2026 में संभावित मुकाबला दिलचस्प होगा।
  • कांथी दक्षिण सीट को महत्वपूर्ण माना जाता है।
  • यह क्षेत्र हिन्दू बाहुल्य है।

कोलकाता, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है, जबकि 3 पर तृणमूल कांग्रेस का। कांथी लोकसभा सीट पर भाजपा की स्थिति मजबूत है, ऐसे में 2026 विधानसभा चुनाव में यहां एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (जिसे पहले कोन्टाई के नाम से जाना जाता था) भारत के संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित है और इसमें 7 विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस क्षेत्र को हिन्दू बाहुल्य माना जाता है।

कांथी लोकसभा क्षेत्र में 2009 में सिसिर कुमार अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद, 2014 और 2019 में भी टीएमसी का वर्चस्व बना रहा। हालाँकि, 2024 में सौमेंदु अधिकारी ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की।

कांथी लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों के नाम हैं: (211) चांदीपुर, (212) पताशपुर, (213) कांथी उत्तर, (214) भगवानपुर, (215) खेजुरी, (216) कांथी दक्षिण, और (217) रामनगर।

इन विधानसभा सीटों में से चांदीपुर, पताशपुर, और रामनगर पर टीएमसी ने चुनाव जीते, जबकि कांथी उत्तर से सुमिता सिन्हा, भगवानपुर से रवींद्रनाथ मैती, खेजुरी से शांतनु प्रमाणिक, और कांथी दक्षिण से अरूप कुमार दास ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।

कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की सभी 7 विधानसभा सीटों में से 4 पर भाजपा और 3 पर टीएमसी का नियंत्रण रहा है। चांदीपुर, पताशपुर, और रामनगर पर टीएमसी ने 2011 से लगातार जीत हासिल की है।

कांथी उत्तर विधानसभा सीट पर 2016 में टीएमसी का वर्चस्व था, लेकिन भाजपा ने 2021 में इस सीट को जीत लिया। भगवानपुर और खेजुरी पर टीएमसी ने 2011 और 2016 में जीत दर्ज की थी, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां भी विजय प्राप्त की।

कांथी दक्षिण विधानसभा सीट को महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां से टीएमसी के टिकट पर मौजूदा भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। 2006 से यह सीट टीएमसी के पास थी, लेकिन 2021 में भाजपा ने इसे अपने नाम कर लिया।

पूर्वी मिदनापुर (या पुरबा मेदिनीपुर) पश्चिम बंगाल के 23 प्रशासनिक जिलों में से एक है, जिसका मुख्यालय तामलुक में है। यह जिला 1 जनवरी, 2002 को मेदिनीपुर जिले से अलग होकर बना था। तामलुक में प्राचीन बंदरगाह भी था। राज्य दक्षिण में बंगाल की खाड़ी, पूर्व में रूपनारायण नदी और पश्चिम में सुवर्णरेखा नदी से घिरा हुआ है। रूपनारायण नदी द्वारकेश्वर और शिलाई नदियों का संगम है। बंगाल की खाड़ी और इन नदियों ने व्यापार, संस्कृति और क्षेत्र के बाहर के लोगों के साथ प्रारंभिक संपर्क को बढ़ावा दिया।

Point of View

NationPress
16/03/2026

Frequently Asked Questions

कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कितनी विधानसभा सीटें हैं?
कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कुल 7 विधानसभा सीटें हैं।
कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कौन सी पार्टी का कब्जा है?
कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 4 सीटों पर भाजपा और 3 सीटों पर टीएमसी का कब्जा है।
2026 में कांथी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कौन सा मुकाबला होगा?
2026 में इस क्षेत्र में भाजपा और टीएमसी के बीच एक दिलचस्प प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
कांथी लोकसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटें कौन सी हैं?
कांथी क्षेत्र की महत्वपूर्ण सीटों में चांदीपुर, पताशपुर, और कांथी दक्षिण शामिल हैं।
कांथी दक्षिण विधानसभा सीट के बारे में क्या जानकारी है?
कांथी दक्षिण विधानसभा सीट महत्वपूर्ण मानी जाती है और यहां से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव लड़ा था।
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