केशपुर (एससी) में टीएमसी की हैट्रिक: सेउली साहा ने भाजपा के सुवेंदु सामंत को 50,105 वोटों से हराया

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केशपुर (एससी) में टीएमसी की हैट्रिक: सेउली साहा ने भाजपा के सुवेंदु सामंत को 50,105 वोटों से हराया

सारांश

केशपुर (एससी) में टीएमसी की सेउली साहा ने 50,105 वोटों के अंतर से भाजपा को धूल चटाई — यह उनकी लगातार तीसरी जीत है। 94.37% रिकॉर्ड मतदान के बावजूद भाजपा टीएमसी के किले को भेद नहीं पाई। यह पूर्णतः ग्रामीण, अनुसूचित जाति आरक्षित सीट टीएमसी की ज़मीनी पकड़ की कहानी बयान करती है।

मुख्य बातें

सेउली साहा (TMC) ने केशपुर (एससी) से 1,43,123 वोट पाकर भाजपा के सुवेंदु सामंत को 50,105 वोटों के अंतर से हराया।
यह टीएमसी की इस सीट पर लगातार तीसरी जीत है — 2016, 2021 और अब 2026।
केशपुर में इस बार 94.37% रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ; पूरे पश्चिम मिदनापुर में 92.19% वोट पड़े।
सीपीआई(एम) के गुरुपद मंडल को 10,432 और कांग्रेस के कमल किशोर को मात्र 1,836 वोट मिले।
सेउली साहा ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री हैं; उनकी संपत्ति ₹4.7 करोड़ , कोई आपराधिक मामला नहीं।
2024 लोकसभा में टीएमसी ने इस क्षेत्र में भाजपा पर 1,03,358 वोटों की बढ़त बनाई थी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम मिदनापुर जिले के केशपुर (एससी) विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार सेउली साहा ने 50,105 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। साहा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुवेंदु सामंत को पराजित कर यह सीट लगातार तीसरी बार टीएमसी के खाते में बनाए रखी है।

मतों का पूरा हिसाब

सेउली साहा को कुल 1,43,123 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सामंत को 93,018 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के गुरुपद मंडल रहे, जिन्हें 10,432 वोट मिले। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कमल किशोर मात्र 1,836 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। इस सीट पर इस बार रिकॉर्ड 94.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे पश्चिम मिदनापुर जिले में 92.19 प्रतिशत वोट पड़े।

उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि

सेउली साहा 56 वर्षीय स्नातक प्रोफेशनल हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उनकी कुल संपत्ति ₹4.7 करोड़ है तथा कोई देनदारी नहीं है। वहीं भाजपा के सुवेंदु सामंत 42 वर्षीय हैं और 12वीं पास हैं। उन पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी संपत्ति मात्र ₹10 लाख है।

केशपुर का चुनावी इतिहास

केशपुर (एससी) अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और पूर्णतः ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है — यहाँ एक भी शहरी मतदाता नहीं है। इस क्षेत्र में 570 आबाद गाँव हैं, जो 15 ग्राम पंचायतों में बंटे हुए हैं। 1951 में स्थापित इस सीट पर अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं। यह क्षेत्र शुरुआती दौर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और बाद में सीपीआई(एम) का गढ़ रहा — सीपीआई(एम) ने 1982 से 2011 तक यहाँ सात बार जीत हासिल की। कांग्रेस ने पाँच बार और बंगला कांग्रेस ने 1969 में एक बार जीत दर्ज की थी।

टीएमसी की हैट्रिक का सफर

2016 में तृणमूल कांग्रेस ने सीपीआई(एम) का यह दीर्घकालिक गढ़ तोड़ा, जब साहा ने रमेश्वर डोलोई को 1,01,151 वोटों के भारी अंतर से हराया था। 2021 में उन्होंने भाजपा के पृथ्वीरंजन कुंआर को 20,720 वोटों से पराजित कर सीट बचाई और इसके बाद ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री का पद संभाला। गौरतलब है कि 2026 में उन्होंने अपनी जीत के अंतर को और मजबूत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने राज्य में आक्रामक चुनाव प्रचार किया था।

लोकसभा चुनावों में भी टीएमसी का दबदबा

लोकसभा चुनावों में भी टीएमसी इस क्षेत्र में लगातार आगे रही है। 2019 में टीएमसी ने भाजपा पर 92,074 वोटों की बढ़त बनाई थी, जो 2024 में बढ़कर 1,03,358 वोट हो गई। भाजपा दूसरे स्थान पर जरूर बनी हुई है, लेकिन टीएमसी से उसकी दूरी अभी भी काफी अधिक है। केशपुर का यह चुनावी रुझान स्पष्ट संकेत देता है कि ग्रामीण और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में टीएमसी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह टीएमसी की उस ग्रामीण रणनीति की पुष्टि है जो अनुसूचित जाति बहुल और पूर्णतः देहाती क्षेत्रों में भाजपा की आक्रामक लहर को भी थाम लेती है। भाजपा के उम्मीदवार पर 8 आपराधिक मामले और मात्र ₹10 लाख की संपत्ति — यह उम्मीदवार चयन में गंभीर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर, सेउली साहा की 2016 में 1,01,151 से 2021 में 20,720 और फिर 2026 में 50,105 वोटों की उतार-चढ़ाव भरी जीत बताती है कि टीएमसी की पकड़ अटूट नहीं है — 2021 में वह लगभग सिमट गई थी। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि 94.37% मतदान जैसे असाधारण आँकड़े अपने आप में गहन जाँच की माँग करते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशपुर (एससी) विधानसभा सीट पर 2026 में कौन जीता?
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार सेउली साहा ने 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में केशपुर (एससी) सीट जीती। उन्होंने भाजपा के सुवेंदु सामंत को 50,105 वोटों के अंतर से पराजित किया।
सेउली साहा को कितने वोट मिले और जीत का अंतर क्या रहा?
सेउली साहा को 1,43,123 वोट मिले, जबकि भाजपा के सुवेंदु सामंत को 93,018 वोट मिले। इस प्रकार जीत का अंतर 50,105 वोट रहा।
केशपुर में टीएमसी की यह कौन सी लगातार जीत है?
यह केशपुर (एससी) सीट पर टीएमसी की लगातार तीसरी जीत है। टीएमसी ने 2016, 2021 और 2026 — तीनों विधानसभा चुनावों में यह सीट जीती है।
केशपुर विधानसभा क्षेत्र की क्या विशेषता है?
केशपुर (एससी) अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और पूर्णतः ग्रामीण सीट है जहाँ एक भी शहरी मतदाता नहीं है। इसमें 570 आबाद गाँव और 15 ग्राम पंचायतें हैं, और 1951 से अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं।
केशपुर में 2026 में मतदान प्रतिशत कितना रहा?
केशपुर में 2026 विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड 94.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पूरे पश्चिम मिदनापुर जिले में यह आँकड़ा 92.19 प्रतिशत रहा।
राष्ट्र प्रेस
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