केशपुर (एससी) में टीएमसी की हैट्रिक: सेउली साहा ने भाजपा के सुवेंदु सामंत को 50,105 वोटों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम मिदनापुर जिले के केशपुर (एससी) विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार सेउली साहा ने 50,105 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। साहा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुवेंदु सामंत को पराजित कर यह सीट लगातार तीसरी बार टीएमसी के खाते में बनाए रखी है।
मतों का पूरा हिसाब
सेउली साहा को कुल 1,43,123 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सामंत को 93,018 वोट प्राप्त हुए। तीसरे स्थान पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — के गुरुपद मंडल रहे, जिन्हें 10,432 वोट मिले। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कमल किशोर मात्र 1,836 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। इस सीट पर इस बार रिकॉर्ड 94.37 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे पश्चिम मिदनापुर जिले में 92.19 प्रतिशत वोट पड़े।
उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि
सेउली साहा 56 वर्षीय स्नातक प्रोफेशनल हैं। उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उनकी कुल संपत्ति ₹4.7 करोड़ है तथा कोई देनदारी नहीं है। वहीं भाजपा के सुवेंदु सामंत 42 वर्षीय हैं और 12वीं पास हैं। उन पर 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी संपत्ति मात्र ₹10 लाख है।
केशपुर का चुनावी इतिहास
केशपुर (एससी) अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित और पूर्णतः ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है — यहाँ एक भी शहरी मतदाता नहीं है। इस क्षेत्र में 570 आबाद गाँव हैं, जो 15 ग्राम पंचायतों में बंटे हुए हैं। 1951 में स्थापित इस सीट पर अब तक 16 बार चुनाव हो चुके हैं। यह क्षेत्र शुरुआती दौर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और बाद में सीपीआई(एम) का गढ़ रहा — सीपीआई(एम) ने 1982 से 2011 तक यहाँ सात बार जीत हासिल की। कांग्रेस ने पाँच बार और बंगला कांग्रेस ने 1969 में एक बार जीत दर्ज की थी।
टीएमसी की हैट्रिक का सफर
2016 में तृणमूल कांग्रेस ने सीपीआई(एम) का यह दीर्घकालिक गढ़ तोड़ा, जब साहा ने रमेश्वर डोलोई को 1,01,151 वोटों के भारी अंतर से हराया था। 2021 में उन्होंने भाजपा के पृथ्वीरंजन कुंआर को 20,720 वोटों से पराजित कर सीट बचाई और इसके बाद ममता बनर्जी सरकार में राज्य मंत्री का पद संभाला। गौरतलब है कि 2026 में उन्होंने अपनी जीत के अंतर को और मजबूत किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने राज्य में आक्रामक चुनाव प्रचार किया था।
लोकसभा चुनावों में भी टीएमसी का दबदबा
लोकसभा चुनावों में भी टीएमसी इस क्षेत्र में लगातार आगे रही है। 2019 में टीएमसी ने भाजपा पर 92,074 वोटों की बढ़त बनाई थी, जो 2024 में बढ़कर 1,03,358 वोट हो गई। भाजपा दूसरे स्थान पर जरूर बनी हुई है, लेकिन टीएमसी से उसकी दूरी अभी भी काफी अधिक है। केशपुर का यह चुनावी रुझान स्पष्ट संकेत देता है कि ग्रामीण और अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में टीएमसी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।