पंसकुरा पूर्व में भाजपा का ऐतिहासिक उलटफेर: सुब्रत मैती ने 17,903 वोटों से टीएमसी को हराया

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पंसकुरा पूर्व में भाजपा का ऐतिहासिक उलटफेर: सुब्रत मैती ने 17,903 वोटों से टीएमसी को हराया

सारांश

पंसकुरा पूर्व में भाजपा के सुब्रत मैती की 17,903 वोटों की जीत महज एक सीट का नतीजा नहीं — यह टीएमसी के पारंपरिक गढ़ में गहरी सेंध है। 2024 लोकसभा में 2,721 वोटों की बढ़त के बाद यह विधानसभा जीत साबित करती है कि पूर्व मेदिनीपुर में भाजपा की जड़ें तेज़ी से मजबूत हो रही हैं।

मुख्य बातें

सुब्रत मैती (राणा) ने पंसकुरा पूर्व से 1,09,264 वोट पाकर 17,903 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
टीएमसी के अशीम कुमार माजी को 91,361 वोट मिले; सीपीआई(एम) के एसके इब्राहिम अली 11,233 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इस सीट पर 92.03% मतदान दर्ज किया गया, जो पूर्व मेदिनीपुर के 92.75% जिला औसत के करीब है।
2024 लोकसभा में भाजपा ने इसी क्षेत्र में टीएमसी को 2,721 वोटों से हराया था — विधानसभा जीत उसी रुझान की परिणति है।
2021 में टीएमसी के बिप्लब रॉय चौधरी ने भाजपा को 9,660 वोटों से हराया था — इस बार पलटवार 17,903 वोटों का रहा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सुब्रत मैती (राणा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में पंसकुरा पूर्व विधानसभा सीट पर 17,903 वोटों के बड़े अंतर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) को पराजित कर दिया। 4 मई 2026 को घोषित इस परिणाम ने पूर्व मेदिनीपुर जिले में भाजपा की बढ़ती राजनीतिक पकड़ को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया है। यह जीत बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत मानी जा रही है।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

12 राउंड की मतगणना के बाद घोषित परिणामों के अनुसार, भाजपा के सुब्रत मैती को कुल 1,09,264 वोट प्राप्त हुए। टीएमसी उम्मीदवार अशीम कुमार माजी 91,361 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) के एसके इब्राहिम अली 11,233 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस के दीपक कुमार पात्रा को बेहद कम मत मिले। इस सीट पर 92.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो पूरे पूर्व मेदिनीपुर जिले के 92.75 प्रतिशत औसत के करीब है।

प्रत्याशियों की पृष्ठभूमि

भाजपा प्रत्याशी सुब्रत मैती की आयु 43 वर्ष है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी कुल घोषित संपत्ति ₹11.9 करोड़ है, जबकि ₹3.7 करोड़ की देनदारी है। वहीं, टीएमसी उम्मीदवार अशीम कुमार माजी (48 वर्ष) के खिलाफ भी कोई आपराधिक मामला नहीं है। उनकी कुल घोषित संपत्ति ₹35.3 लाख है और ₹7.4 लाख की देनदारी है।

पंसकुरा पूर्व का राजनीतिक इतिहास

पंसकुरा पूर्व पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो तमलुक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और पूरे कोलाघाट कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक को कवर करती है। इसकी वर्तमान संरचना 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। 1951 में यहाँ दो सीटें (नॉर्थ और साउथ) थीं, जहाँ कांग्रेस ने शुरुआती सफलता पाई, लेकिन बाद में सीपीआई और सीपीआई(एम) का दबदबा रहा।

गौरतलब है कि 2008 के बाद टीएमसी ने यहाँ दो बार और सीपीआई(एम) ने एक बार जीत दर्ज की। 2011 में बिप्लब रॉय चौधरी (टीएमसी) ने सीपीआई(एम) के अमिया साहू को 13,167 वोटों से हराया। 2016 में शेख इब्राहिम अली (सीपीआई(एम)) ने बिप्लब रॉय चौधरी को 4,767 वोटों से हराकर सीट छीन ली। 2021 में बिप्लब रॉय चौधरी ने फिर वापसी करते हुए भाजपा के देबब्रत पटनायक को 9,660 वोटों से हराया था।

लोकसभा चुनावों से मिले संकेत

यह ऐसे समय में आया है जब लोकसभा चुनावों में भी इस क्षेत्र में भाजपा लगातार मजबूत होती रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टीएमसी की बढ़त को मात्र 7,380 वोटों तक सीमित कर दिया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने टीएमसी को 2,721 वोटों से हराकर ऐतिहासिक बढ़त हासिल की — यह परिणाम 2026 विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा की संभावनाओं का स्पष्ट संकेत था, जिसे आज सुब्रत मैती की जीत ने सिद्ध कर दिया।

राजनीतिक विश्लेषण: आगे क्या

भाजपा ने इस क्षेत्र में सुशासन, स्थानीय विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से मुद्दा बनाया। टीएमसी को एंटी-इनकंबेंसी और स्थानीय मुद्दों का सामना करना पड़ा। वाम दलों की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि कांग्रेस भी अपनी पुरानी जमीन हासिल करने में नाकाम रही। सुब्रत मैती की यह जीत पूर्व मेदिनीपुर में भाजपा के लिए नई उम्मीद जगाती है और पूरे बंगाल में पार्टी की बढ़ती ताकत को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

903 वोटों का यह अंतर सिर्फ एक सीट का नतीजा नहीं, बल्कि पूर्व मेदिनीपुर में एक दशक से चल रहे राजनीतिक पुनर्गठन की परिणति है। 2021 में 9,660 वोटों की हार से 2026 में 17,903 वोटों की जीत — यह उलटफेर दर्शाता है कि भाजपा ने ज़मीनी स्तर पर संगठन को कितना मजबूत किया है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जीत टीएमसी की एंटी-इनकंबेंसी से उपजी है या भाजपा की वास्तविक स्वीकार्यता से — क्योंकि वाम दलों और कांग्रेस का सिकुड़ता वोट शेयर भाजपा की झोली में जाता दिख रहा है, जो दीर्घकालिक आधार नहीं बन सकता।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंसकुरा पूर्व विधानसभा सीट का 2026 चुनाव परिणाम क्या रहा?
भाजपा के सुब्रत मैती (राणा) ने 1,09,264 वोट पाकर टीएमसी के अशीम कुमार माजी को 17,903 वोटों के अंतर से हराया। सीपीआई(एम) के एसके इब्राहिम अली 11,233 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
पंसकुरा पूर्व में कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
इस सीट पर 92.03 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे पूर्व मेदिनीपुर जिले में 92.75 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह भारी मतदान भाजपा की जीत के लिए अनुकूल साबित हुआ।
पंसकुरा पूर्व सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर 2011 और 2021 में टीएमसी और 2016 में सीपीआई(एम) ने जीत दर्ज की थी। 2021 में बिप्लब रॉय चौधरी (टीएमसी) ने भाजपा को 9,660 वोटों से हराया था।
सुब्रत मैती की जीत भाजपा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह जीत 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा की 2,721 वोटों की बढ़त के बाद आई है और पूर्व मेदिनीपुर में पार्टी की बढ़ती ताकत को पुष्ट करती है। यह टीएमसी के पारंपरिक गढ़ में भाजपा की गहरी पैठ का स्पष्ट संकेत है।
पंसकुरा पूर्व किस लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है?
पंसकुरा पूर्व विधानसभा सीट तमलुक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और पूरे कोलाघाट कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक को कवर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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