बंगाल चुनाव परिणाम 2026: विष्णुपुर (एससी) से टीएमसी के दिलीप मंडल ने 36,925 वोटों से दर्ज की जीत
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिलीप मंडल ने 4 मई 2026 को विष्णुपुर (एससी) विधानसभा सीट पर अपना वर्चस्व बरकरार रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार अभिजीत सरदार को 36,925 मतों के अंतर से पराजित किया। मंडल को इस चुनाव में कुल 1,32,647 वोट प्राप्त हुए, जो दक्षिण 24 परगना जिले की इस अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट पर TMC की पकड़ को एक बार फिर रेखांकित करता है।
मुख्य चुनावी आँकड़े
विष्णुपुर (एससी) सीट पर इस बार सीधा मुकाबला TMC के दिलीप मंडल और BJP के अभिजीत सरदार के बीच था। 2021 के विधानसभा चुनाव में मंडल को 1,36,509 वोट मिले थे, जबकि उस समय BJP के तन्मय घोष (बुम्बा) दूसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें 89,689 वोट प्राप्त हुए थे। इस बार के नतीजे बताते हैं कि BJP अभी भी इस सीट पर TMC को कड़ी टक्कर देने में सक्षम नहीं हो पाई।
सीट का इतिहास और भौगोलिक महत्व
विष्णुपुर (एससी) विधानसभा सीट का इतिहास काफी जटिल रहा है। वर्ष 1951 में अस्तित्व में आई यह सीट मूलतः दो सीटों वाली थी। 1952 और 1957 के चुनावों के बाद इसे विष्णुपुर पश्चिम और विष्णुपुर पूर्व में विभाजित किया गया। 2011 के विधानसभा चुनावों से पूर्व इन दोनों सीटों को पुनः एकीकृत कर एकल विष्णुपुर विधानसभा सीट बनाई गई और इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया।
भौगोलिक दृष्टि से विष्णुपुर, दक्षिण 24 परगना जिले के उत्तरी हिस्से में, गंगा डेल्टा के समतल जलोढ़ मैदानों में, हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित है। यह विधानसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली सात विधानसभा सीटों में से एक है।
मतदाता सूची और एसआईआर का प्रभाव
2025 के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बाद विष्णुपुर विधानसभा क्षेत्र के ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में 2,72,720 मतदाता दर्ज थे। इस प्रक्रिया में 2024 के मतदाता रोल की तुलना में 18,491 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि पूर्व में विष्णुपुर में 2,91,211 पंजीकृत मतदाता थे। गौरतलब है कि इस सीट पर पहले भी पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखा गया है।
TMC का गढ़: दिलीप मंडल की हैट्रिक
विष्णुपुर (एससी) सीट लंबे समय से TMC का अभेद्य किला रही है। दिलीप मंडल ने 2011, 2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी और अब 2026 में चौथी बार भी इस सीट पर अपना परचम लहराया है। यह जीत इस बात का प्रमाण है कि इस अनुसूचित जाति आरक्षित सीट पर TMC की पकड़ अभी भी मज़बूत बनी हुई है। BJP को इस सीट पर अपनी रणनीति में बड़े बदलाव की ज़रूरत होगी यदि वह भविष्य में यहाँ प्रतिस्पर्धी बनना चाहती है।