हरिरामपुर सीट पर TMC के बिप्लब मित्रा की जीत, BJP के देबब्रत मजूमदार ने दी महज 1,986 वोटों से कड़ी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हरिरामपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और ममता सरकार में मंत्री बिप्लब मित्रा ने जीत दर्ज की है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार देबब्रत मजूमदार ने महज 1,986 मतों के अंतर से कड़ी टक्कर दी, जिससे यह सीट राज्य की सबसे रोमांचक सीटों में से एक बन गई। दक्षिण दिनाजपुर जिले की इस अहम सीट पर करीब 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
मतगणना का विवरण
मतगणना के आँकड़ों के अनुसार, TMC के बिप्लब मित्रा को 93,098 वोट मिले, जबकि BJP उम्मीदवार देबब्रत मजूमदार 91,112 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। दोनों के बीच का अंतर केवल 1,986 मत रहा, जो इस सीट पर मुकाबले की तीव्रता को दर्शाता है। तीसरे स्थान पर कांग्रेस उम्मीदवार सुभाषिष पाल (सोना) रहे, जिन्हें 8,462 वोट मिले।
प्रमुख उम्मीदवार और चुनावी मैदान
2026 के विधानसभा चुनाव में हरिरामपुर सीट पर कई प्रमुख दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे। तृणमूल कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ मंत्री बिप्लब मित्रा को, भारतीय जनता पार्टी ने देबब्रत मजूमदार को, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने गौतम गोस्वामी को और कांग्रेस ने सुभाषिष पाल (सोना) को मैदान में उतारा। गौरतलब है कि इस बार BJP ने इस सीट पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की पूरी कोशिश की।
सीट का राजनीतिक इतिहास
हरिरामपुर विधानसभा सीट 2011 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और उसी वर्ष पहली बार यहाँ चुनाव हुआ। 2011 में TMC के बिप्लब मित्रा ने इस सीट पर पहली जीत दर्ज की थी। 2016 में CPI(M) के रफीकुल इस्लाम ने इस सीट पर कब्जा किया। इसके बाद 2021 में TMC ने वापसी की और बिप्लब मित्रा दोबारा विधायक चुने गए। यह ऐसे समय में आया है जब TMC और BJP के बीच पूरे राज्य में कड़ा मुकाबला देखा गया।
लोकसभा क्षेत्र से संबंध
हरिरामपुर विधानसभा सीट बालुरघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। फिलहाल बालुरघाट लोकसभा सीट पर BJP का कब्जा है और सुकांत मजूमदार यहाँ से सांसद हैं। राजनीतिक रूप से यह सीट लंबे समय से TMC और वाम दलों के बीच प्रभाव की लड़ाई का केंद्र रही है, लेकिन 2026 में BJP की मज़बूत उपस्थिति ने इस समीकरण को और जटिल बना दिया।
आगे क्या
बिप्लब मित्रा की इस जीत से दक्षिण दिनाजपुर जिले में TMC की पकड़ बनी रहेगी, लेकिन BJP का 91,000 से अधिक वोट हासिल करना यह संकेत देता है कि 2031 के चुनाव में यह सीट एक बार फिर कड़े मुकाबले का गवाह बन सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इतने कम अंतर की जीत TMC के लिए एक चेतावनी का संकेत भी है।