हावड़ा मध्य सीट 2026: टीएमसी के अरुप रॉय ने 16,083 वोटों से BJP के बिप्लब मंडल को हराया
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार अरुप रॉय ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हावड़ा मध्य विधानसभा सीट पर 95,948 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार बिप्लब कुमार मंडल 79,865 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे और जीत का अंतर 16,083 वोट रहा। इस चुनाव में अपर्णा बोस (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) और इमतियाज अहमद (सीपीएम) सहित कुल 15 उम्मीदवार मैदान में थे।
मुख्य चुनावी परिणाम
अरुप रॉय की यह जीत उनके लिए हावड़ा मध्य (और पूर्ववर्ती हावड़ा सेंट्रल) सीट पर लगातार चौथी विधानसभा जीत है। 2011 में उन्होंने सीपीआई(एम) प्रत्याशी को 50 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। 2016 में जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार को बड़े अंतर से पराजित किया और 2021 में BJP उम्मीदवार को भी स्पष्ट अंतर से मात दी। 2026 में यह जीत का अंतर अपेक्षाकृत कम रहा, जो BJP की बढ़ती ताकत को रेखांकित करता है।
हावड़ा मध्य सीट की पृष्ठभूमि
हावड़ा मध्य एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो हावड़ा जिले के केंद्र में स्थित है। यह कोलकाता महानगर क्षेत्र का हिस्सा है और हुगली नदी के पार सेंट्रल कोलकाता से सीधे जुड़ी होने के कारण इसकी शहरी कनेक्टिविटी काफी सुदृढ़ है। गौरतलब है कि 1967 के चुनाव से पहले इस क्षेत्र में हावड़ा सेंट्रल सीट का गठन हुआ था, जब हावड़ा नॉर्थ, वेस्ट, ईस्ट और साउथ जैसे चार निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में थे। फरवरी 2006 में परिसीमन आयोग के आदेश के तहत सीमाओं में बदलाव किया गया और 2011 के चुनाव से इसका नाम बदलकर हावड़ा मध्य कर दिया गया।
ऐतिहासिक राजनीतिक रुझान
1967 से 2006 के बीच हावड़ा सेंट्रल सीट पर 11 विधानसभा चुनाव हुए, जिनमें कांग्रेस ने छह बार जीत दर्ज की। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) ने तीन बार और तृणमूल कांग्रेस तथा सीपीआई(एम) ने एक-एक बार सफलता पाई। 2011 के बाद से TMC ने इस सीट पर मजबूत पकड़ बना ली है और लगातार चार चुनावों में जीत दर्ज की है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच सीधा मुकाबला और तीखा हो गया है।
मतदाता संरचना और मतदान प्रतिशत
2024 में इस सीट पर कुल 2,69,095 पंजीकृत मतदाता थे, जो पिछले चुनावों की तुलना में बढ़े हैं। यहाँ मुस्लिम मतदाता लगभग 24 प्रतिशत हैं, जो सबसे बड़ा मतदाता समूह है, जबकि अनुसूचित जाति के मतदाता अपेक्षाकृत कम हैं। मतदान प्रतिशत में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है — 2011 में 73.21%, 2016 में 71.81%, 2019 में 73.16%, 2021 में 73.26% और 2026 में यह घटकर 70.40% रह गया।
आगे क्या
अरुप रॉय की लगातार जीत TMC के शहरी आधार की मजबूती को दर्शाती है, लेकिन घटता जीत का अंतर यह भी संकेत देता है कि BJP यहाँ अपनी पैठ बढ़ा रही है। आने वाले समय में यह सीट पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण बैरोमीटर बनी रहेगी।