पश्चिम बंगाल चुनाव रुझान: भाजपा 194 सीटों पर आगे, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में टीएमसी को झटका
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने 4 मई 2026 को राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर संकेत दिया है। रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) 293 में से 194 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) मात्र 92 सीटों पर सिमटती दिख रही है। बहुमत के लिए आवश्यक 147 सीटों का आँकड़ा भाजपा आसानी से पार करती नज़र आ रही है।
मुस्लिम बहुल सीटों पर भाजपा की अप्रत्याशित बढ़त
सबसे चर्चित पहलू यह है कि जिन मुस्लिम बहुल इलाकों को टीएमसी अपना अभेद्य वोट बैंक मानती रही है, वहाँ भाजपा ने अप्रत्याशित बढ़त बनाई है। जांगीपारा में भाजपा उम्मीदवार प्रसन्नजीत बाग 27,081 वोट पाकर 5,879 वोटों से आगे चल रहे हैं। मुर्शिदाबाद में भाजपा के गौरी शंकर घोष 59,558 वोट पाकर टीएमसी की शाओनी सिंह रॉय से 26,237 वोटों की बड़ी बढ़त पर हैं।
सबसे चौंकाने वाले रुझान मोथाबाड़ी सीट से आए हैं, जहाँ भाजपा के निबार्ण घोष 34,752 वोट पाकर करीब 1,750 वोटों से आगे हैं। टीएमसी के उम्मीदवार इस्लाम नजरूल इस अंतर से पीछे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के सायम चौधरी को 12,196 वोट मिले हैं — जो स्पष्ट करता है कि विपक्षी वोटों का बँटवारा हुआ है।
टीएमसी की मुश्किलें: एक से अधिक मोर्चों पर दबाव
रुझानों के पीछे कई कारण कथित तौर पर ज़िम्मेदार माने जा रहे हैं। टीएमसी को पहले से आशंका थी कि SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के चलते मुस्लिम मतदाताओं की संख्या में कटौती से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, इस चुनाव में हिंदू मतदाताओं की बड़े पैमाने पर भागीदारी भाजपा के पक्ष में जाती दिख रही है।
गौरतलब है कि कांग्रेस की कुछ सीटों पर सक्रिय उपस्थिति ने भी टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित किया है, जिससे मुकाबला और जटिल हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी पहले से ही केंद्र सरकार के साथ कई मुद्दों पर टकराव की स्थिति में थीं।
राज्य की राजनीतिक तस्वीर
राज्य की कुल 293 विधानसभा सीटों में से अभी कुछ सीटों के रुझान आने बाकी हैं। भाजपा यदि इन रुझानों को अंतिम परिणामों में बदल लेती है, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव होगा। 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थीं और भाजपा 77 सीटों पर सिमटी थी — उस तुलना में ये रुझान नाटकीय उलटफेर का संकेत देते हैं।
क्या होगा आगे
अंतिम परिणाम आने के बाद राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि भाजपा बहुमत हासिल करती है, तो यह पूर्वी भारत में पार्टी की सबसे बड़ी राजनीतिक जीत होगी। ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य और टीएमसी की रणनीति पर गहरे सवाल उठने तय हैं। रुझान बताते हैं कि मुस्लिम वोट बैंक में आई दरार इस चुनाव का सबसे निर्णायक 'एक्स फैक्टर' साबित हो सकती है।