पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: भाजपा को 138-159 और टीएमसी को 131-152 सीटों का अनुमान, 4 मई को मतगणना
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दोनों चरणों का मतदान सम्पन्न होते ही एग्जिट पोल के आँकड़े सामने आ गए हैं, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच अत्यंत कड़े मुकाबले की तस्वीर पेश कर रहे हैं। 294 सीटों वाली इस विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटें आवश्यक हैं और मतगणना 4 मई 2026 को होगी। राज्य में 6.82 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने दो चरणों में अपना मत डाला, जिसमें पहले चरण में 93.19% और दूसरे चरण में शाम 5 बजे तक 89.99% मतदान दर्ज किया गया।
एग्जिट पोल के प्रमुख अनुमान
जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार पश्चिम बंगाल में भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने की संभावना है, जबकि वाम दलों और अन्य के लिए कोई सीट नहीं दिखाई जा रही।
जनमत पोल्स के अनुमान जेवीसी से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। इस एजेंसी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस को 195 से 205 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को 1 से 3 सीटें, वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य को 3 से 5 सीटें मिल सकती हैं।
पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल में भी कड़े मुकाबले के संकेत हैं। इस सर्वे के अनुसार भाजपा को 144 से 154 सीटें और तृणमूल कांग्रेस को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस और वाम दलों को प्रत्येक को 0 से 1 सीट मिल सकती है।
मतदान प्रतिशत — ऐतिहासिक स्तर पर
इस विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा। 23 अप्रैल 2026 को हुए पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19% मतदान दर्ज किया गया, जिसे राज्य के चुनावी इतिहास में रिकॉर्ड माना जा रहा है। 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में 142 सीटों पर शाम 5 बजे तक 89.99% मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर यह राज्य के लिए ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत माना जा रहा है।
मतदाताओं की संख्या और संरचना
चुनाव आयोग (ECI) के आँकड़ों के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस बार 6.82 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 3.60 करोड़ से अधिक पुरुष, 3.44 करोड़ से अधिक महिलाएँ और 1,382 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। गौरतलब है कि महिला मतदाताओं की भागीदारी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
राजनीतिक संघर्ष और आगे की राह
यह चुनाव मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधे मुकाबले के रूप में लड़ा गया। दोनों दलों के बीच चुनाव प्रचार के दौरान तीखे जुबानी हमले देखे गए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता की लड़ाई पिछले कुछ वर्षों से लगातार तीव्र होती जा रही है। विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल अनुमानों में भारी अंतर यह दर्शाता है कि 4 मई 2026 को आने वाले वास्तविक परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं।