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भारतीय पेटेंट कार्यालय लोगो का अनधिकृत उपयोग प्रतिबंधित, DPIIT ने जारी किया कड़ा नोटिस

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भारतीय पेटेंट कार्यालय लोगो का अनधिकृत उपयोग प्रतिबंधित, DPIIT ने जारी किया कड़ा नोटिस

सारांश

DPIIT ने भारतीय पेटेंट कार्यालय के लोगो के अनधिकृत उपयोग पर कड़ा नोटिस जारी किया है। वेबसाइट, सोशल मीडिया या विज्ञापनों में बिना अनुमति लोगो इस्तेमाल करने पर एम्ब्लेम्स एक्ट 1950 समेत चार कानूनों के तहत आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। स्टार्टअप्स और MSME को केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

DPIIT ने 13 सितंबर 2026 को सार्वजनिक नोटिस जारी कर भारतीय पेटेंट कार्यालय (IPO) के लोगो के बिना अनुमति उपयोग पर प्रतिबंध लगाया।
ट्रेडमार्क एजेंट, कानूनी सेवा प्रदाता, ऑनलाइन लीगल-टेक प्लेटफार्म और कॉर्पोरेट संस्थाएँ — सभी इस प्रतिबंध के दायरे में आते हैं।
उल्लंघन पर एम्ब्लेम्स एंड नेम्स एक्ट 1950 , ट्रेड मार्क्स एक्ट 1999 , कॉपीराइट एक्ट 1957 और आईटी एक्ट 2000 के तहत दीवानी व आपराधिक कार्रवाई संभव।
वर्तमान में अनधिकृत लोगो प्रदर्शित करने वाली संस्थाओं को तुरंत उसे हटाने का निर्देश।
स्टार्टअप्स और MSME को सभी IP संबंधी कार्यों के लिए केवल www.ipindia.gov.in का उपयोग करने की सलाह।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने 13 सितंबर 2026 को एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया कि भारतीय पेटेंट कार्यालय (IPO) के आधिकारिक लोगो, प्रतीक चिह्न या उनसे मिलते-जुलते किसी भी डिज़ाइन का उपयोग बिना पूर्व लिखित अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह निर्देश व्यक्तियों, व्यावसायिक संस्थाओं, डिजिटल प्लेटफार्मों और कानूनी सेवा प्रदाताओं — सभी पर समान रूप से लागू होता है।

नोटिस की पृष्ठभूमि और कारण

पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क नियंत्रक महानियंत्रक कार्यालय (CGPDTM) के संज्ञान में यह आया है कि अनेक व्यक्ति, एजेंसियाँ, कॉर्पोरेट संस्थाएँ, ऑनलाइन लीगल-टेक प्लेटफार्म और अनधिकृत सेवा प्रदाता अपनी वेबसाइटों, सोशल मीडिया खातों, प्रचार सामग्री, स्टेशनरी और डिजिटल विज्ञापनों में IPO के आधिकारिक लोगो और प्रतीकों का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं।

विभाग ने रेखांकित किया कि भारतीय पेटेंट कार्यालय का लोगो भारत सरकार के एक वैधानिक संस्थान की पहचान है, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन DPIIT के अंतर्गत कार्य करता है। इसका अनधिकृत उपयोग आम जनता में यह भ्रामक धारणा उत्पन्न कर सकता है कि संबंधित संस्था या सेवा प्रदाता को सरकार की मान्यता या समर्थन प्राप्त है।

किन माध्यमों पर लागू होगा यह प्रतिबंध

DPIIT ने स्पष्ट किया है कि प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, प्रायोजित विज्ञापन या किसी अन्य माध्यम में IPO का लोगो, ट्रेड ड्रेस अथवा DPIIT के प्रतीकों का इस्तेमाल करने से पहले सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।

विभाग ने उन सभी संस्थाओं और व्यक्तियों को तत्काल निर्देश दिया है जो अपनी वेबसाइट, पोर्टल, विजिटिंग कार्ड, प्रचार बैनर, एप्लिकेशन इंटरफेस या अन्य किसी सामग्री में IPO का लोगो अथवा उससे मिलते-जुलते डिज़ाइन प्रदर्शित कर रहे हैं — वे उन्हें तुरंत प्रभाव से हटा दें।

कानूनी प्रावधान और दंड का प्रावधान

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अनधिकृत उपयोग, गलत प्रस्तुतीकरण या आधिकारिक लोगो की नकल निम्नलिखित कानूनों के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकती है:

'द एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट, 1950', ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999, कॉपीराइट एक्ट, 1957 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 — इन सभी के अंतर्गत दीवानी और आपराधिक कार्रवाई, प्रशासनिक प्रतिबंध एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट किए जाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए विशेष सलाह

CGPDTM ने आम जनता, स्टार्टअप्स और MSME को विशेष रूप से सलाह दी है कि वे बौद्धिक संपदा पंजीकरण सेवाएँ प्रदान करने वाली संस्थाओं की प्रामाणिकता अनिवार्य रूप से जाँचें। सभी आधिकारिक आवेदन, अपडेट और संचार के लिए केवल सरकारी पोर्टल www.ipindia.gov.in का ही उपयोग करें।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश में बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) से जुड़ी धोखाधड़ी और फर्जी सेवा प्रदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। यह नोटिस उन हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण सतर्कता संदेश है जो अनजाने में अनधिकृत एजेंटों की सेवाएँ ले रहे हैं।

आगे क्या होगा

आलोचकों का कहना है कि ऐसे दिशानिर्देशों के साथ-साथ सरकार को एक सार्वजनिक जागरूकता अभियान भी चलाना चाहिए ताकि छोटे उद्यमी और स्टार्टअप अनजाने में कानूनी उलझनों में न फँसें। विभाग से अपेक्षा है कि वह अनुमति प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएगा, जिससे अधिकृत संस्थाएँ निर्धारित ढाँचे के भीतर लोगो का उचित उपयोग कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ज़रूरी कार्रवाई है — बौद्धिक संपदा क्षेत्र में फर्जी एजेंटों और लीगल-टेक प्लेटफार्मों की बाढ़ आई हुई है जो सरकारी लोगो की आड़ में विश्वसनीयता खरीदते हैं। असली खामी यह है कि अनुमति प्रक्रिया खुद जटिल और अस्पष्ट है, जिससे वैध संस्थाएँ भी भ्रमित होती हैं। चार अलग-अलग कानूनों का हवाला देना सरकार की गंभीरता दर्शाता है, लेकिन बिना जागरूकता अभियान के यह नोटिस केवल कागज़ी कार्रवाई बनकर रह सकता है, खासकर उन छोटे MSME के लिए जिन्हें कानूनी सूक्ष्मताओं की जानकारी नहीं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय पेटेंट कार्यालय के लोगो पर DPIIT का नया नोटिस क्या कहता है?
DPIIT ने 13 सितंबर 2026 को जारी नोटिस में स्पष्ट किया है कि IPO के आधिकारिक लोगो, प्रतीक चिह्न या मिलते-जुलते डिज़ाइन का उपयोग बिना सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह प्रतिबंध प्रिंट, डिजिटल, सोशल मीडिया और विज्ञापन — सभी माध्यमों पर लागू होता है।
IPO लोगो का अनधिकृत उपयोग करने पर क्या सज़ा हो सकती है?
अनधिकृत उपयोग पर एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट 1950, ट्रेड मार्क्स एक्ट 1999, कॉपीराइट एक्ट 1957 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत दीवानी व आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा प्रशासनिक प्रतिबंध और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट किए जाने का भी प्रावधान है।
यह नोटिस किन-किन संस्थाओं पर लागू होता है?
यह नोटिस व्यक्तियों, कॉर्पोरेट संस्थाओं, ट्रेडमार्क और पेटेंट एजेंटों, ऑनलाइन लीगल-टेक प्लेटफार्मों और अनधिकृत सेवा प्रदाताओं — सभी पर लागू होता है। कोई भी संस्था जो वेबसाइट, सोशल मीडिया, स्टेशनरी या विज्ञापन में IPO लोगो का उपयोग कर रही है, उसे तुरंत इसे हटाना होगा।
स्टार्टअप्स और MSME के लिए DPIIT की क्या सलाह है?
CGPDTM ने स्टार्टअप्स और MSME को सलाह दी है कि वे बौद्धिक संपदा पंजीकरण सेवाएँ देने वाली संस्थाओं की प्रामाणिकता पहले जाँचें। सभी आधिकारिक आवेदन और संचार के लिए केवल सरकारी पोर्टल www.ipindia.gov.in का ही उपयोग करें।
IPO लोगो उपयोग की अनुमति कैसे प्राप्त की जा सकती है?
DPIIT के अनुसार IPO लोगो का उपयोग करने के लिए सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है। अनुमति प्राप्त करने की विस्तृत प्रक्रिया के लिए www.ipindia.gov.in पोर्टल पर जाने या CGPDTM कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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