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क्या पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाया?

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क्या पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त कदम उठाया?

सारांश

दिल्ली हाईकोर्ट ने पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण आदेश दिए हैं। यह कदम सेलिब्रिटी अधिकारों की रक्षा में एक नया मोड़ है। जानें इस मामले की विस्तृत जानकारी और इसके प्रभाव को।

मुख्य बातें

दिल्ली हाईकोर्ट ने पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं।
बिना अनुमति के नाम, तस्वीर या आवाज का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया है।
फैन अकाउंट्स को डिस्क्लेमर जोड़ने की अनुमति दी गई है।
मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और अभिनेता पवन कल्याण को उनकी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है। जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने एक अंतरिम आदेश जारी कर विभिन्न वेबसाइटों और प्लेटफार्मों को पवन कल्याण के नाम, तस्वीर या आवाज का बिना अनुमति इस्तेमाल करने से रोकने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पवन कल्याण की सेलिब्रिटी स्थिति के कारण उनके व्यक्तित्व से जुड़े गुणों पर उनका मालिकाना हक है। उनकी अनुमति के बिना इनका व्यावसायिक इस्तेमाल उनके अधिकारों का उल्लंघन है। इस आदेश में विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक, मॉर्फिंग या डिजिटल एडिटिंग जैसी किसी भी तकनीक से उनके व्यक्तित्व का लाभ उठाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।

कई ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और वेबसाइटों पर उनकी तस्वीर वाले उत्पाद जैसे टी-शर्ट, मग, पोस्टर आदि बिक्री के लिए उपलब्ध थे, जिसे कोर्ट ने अनुचित ठहराया। हालांकि, सोशल मीडिया पर फैन अकाउंट्स के लिए कोर्ट ने कुछ नरमी दिखाई है। यदि कोई फैन अकाउंट अपनी प्रोफाइल में स्पष्ट रूप से यह जोड़ता है कि यह एक फैन अकाउंट है और आधिकारिक नहीं है, तो ऐसे अकाउंट्स पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। लेकिन जब तक डिस्क्लेमर नहीं जोड़ा जाता, मेटा जैसे प्लेटफार्मों को इन अकाउंट्स को निष्क्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।

कोर्ट ने मेटा और गूगल को भी आदेश दिया है कि वे ऐसे यूजर्स की बेसिक सब्सक्राइबर इन्फॉर्मेशन (बीएसआई) डिटेल्स तीन सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराएं। यह आदेश 22 दिसंबर को सुनवाई के बाद पारित किया गया था, लेकिन आज अपलोड किया गया है। इससे पहले, कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को शिकायतों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

यह ध्यान देने योग्य है कि अभिनेता पवन कल्याण ने मांग की थी कि उनके नाम, पहचान और आवाज का व्यावसायिक इस्तेमाल बिना अनुमति के न हो।

अपनी आवाज की सुरक्षा के लिए अमिताभ बच्चन ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पवन कल्याण से पहले सलमान खान, अजय देवगन, ऐश्वर्या राय, अनिल कपूर, सुनील शेट्टी और अभिषेक बच्चन भी पर्सनैलिटी राइट्स के लिए कोर्ट का सहारा ले चुके हैं।

मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। इस अंतरिम राहत से पवन कल्याण को तुरंत संरक्षण मिला है, जो अन्य सेलिब्रिटीज के लिए भी राहत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सभी सेलिब्रिटीज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्सनैलिटी राइट्स का संरक्षण सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि अभिनेताओं की पहचान और व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान किया जा सके। यह फैसला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे डिजिटल युग में व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और इसके खिलाफ कैसे कानूनी सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन कल्याण के पर्सनैलिटी राइट्स मामले का क्या महत्व है?
यह मामला सेलिब्रिटी अधिकारों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी व्यक्ति का नाम, तस्वीर या आवाज बिना अनुमति के इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
क्या कोर्ट ने फैन अकाउंट्स पर कोई निर्देश दिए हैं?
हां, कोर्ट ने कहा है कि यदि फैन अकाउंट्स अपने प्रोफाइल में स्पष्ट डिस्क्लेमर जोड़ते हैं, तो उन पर कार्रवाई नहीं होगी।
इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
राष्ट्र प्रेस
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