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क्या यूनिसेफ और आईसीसी की पहल खेल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों का समर्थन कर रही है?

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क्या यूनिसेफ और आईसीसी की पहल खेल के माध्यम से बच्चों के अधिकारों का समर्थन कर रही है?

सारांश

यूनिसेफ और आईसीसी की नई पहल 'ट्रॉफी वॉक' ने अहमदाबाद में बच्चों के खेलने के अधिकार पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले क्रिकेटर रवि शास्त्री ने बताया कि खेल कैसे बच्चों के आत्मविश्वास और विकास को बढ़ावा देता है। जानें इस पहल के पीछे का उद्देश्य।

मुख्य बातें

खेल बच्चों के आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
सुरक्षित स्थान बच्चों को विकास के लिए आवश्यक हैं।
यूनिसेफ और आईसीसी का सहयोग बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाता है।
खेल समाज में समानता का संदेश देता है।
बच्चों के लिए खेलना आवश्यक है।

नई दिल्ली, 18 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रमुख क्रिकेटर रवि शास्त्री ने यूनिसेफ इंडिया की चीफ ऑफ फील्ड सर्विसेज सोलेदाद हेरेरो के साथ अहमदाबाद के दो युवा खिलाड़ियों के साथ नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत-नीदरलैंड मुकाबले से पूर्व 'ट्रॉफी वॉक' में भाग लिया। यह पहल बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और समावेशी विकास का संदेश देने पर केंद्रित रही।

15 वर्षीय रंगी नियति मोहनलाल और 14 वर्षीय रे अंकित उमाशंकरभाई इस ट्रॉफी वॉक का हिस्सा बने। रंगी ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपने राज्य का गौरव बढ़ाया है, जबकि अंकित एक होनहार युवा क्रिकेटर हैं।

सोलेदाद ने मीडिया से बातचीत में कहा, "क्रिकेट समानता और समावेशन का एक प्रभावशाली माध्यम है। यह हमें याद दिलाता है कि हर बच्चा, हर जगह, एक निष्पक्ष अवसर का हकदार है। यूनिसेफ को मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के साथ साझेदारी करने का गर्व है जिसका मुख्य उद्देश्य है: बच्चों के खेलने के अधिकार को बढ़ावा देना।"

उन्होंने आगे कहा, "खेल भविष्य की पीढ़ी को सशक्त बनाता है। बच्चे खेल के माध्यम से सबसे अच्छे तरीके से सीखते, खोजते और दुनिया को समझते हैं। खेल एक ऐसा माध्यम भी है जिसके जरिए वे आलोचनात्मक सोच, समस्या-समाधान और पारस्परिक कौशल विकसित करते हैं, साथ ही आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन को भी मजबूत करते हैं।"

बच्चों के लिए सुरक्षित स्थानों के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "सुरक्षित महसूस करना बच्चों को खोजने, प्रयास करने, असफल होने और पुनः प्रयास करने की अनुमति देता है। जब खेल डर के बिना होता है, तो सीखना चिंता के बिना होता है और आत्मविश्वास और अपनापन विकसित करने का अवसर मिलता है।"

आईसीसी और यूनिसेफ ने आज समाज और समुदायों से अपील की है कि वे बच्चों के खेलने के अधिकार की रक्षा करें और स्कूलों, समुदायों तथा पड़ोस में सुरक्षित खेल स्थलों का निर्माण करें।

यूनिसेफ और आईसीसी 2015 से 'क्रिकेट फॉर गुड' पहल के माध्यम से एक दशक से अधिक समय से सहयोग कर रहे हैं। क्रिकेट की पहुंच का उपयोग करते हुए यह साझेदारी बच्चों के अधिकारों का समर्थन करती है। इन वर्षों में, इसने स्वच्छता, सशक्तिकरण, शिक्षा और खेलने के अधिकार जैसे मुद्दों पर आवाज उठाई है, यह सुनिश्चित करते हुए कि लड़कियों और लड़कों दोनों को समान अवसर मिलें।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल उनके मानसिक विकास में सहायक है, बल्कि यह उन्हें सामाजिक समावेशिता की ओर भी ले जाता है। हमें इस दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनिसेफ और आईसीसी की पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के खेलने के अधिकार को बढ़ावा देना और खेल के माध्यम से समानता और समावेशन का संदेश फैलाना है।
ट्रॉफी वॉक में कौन-कौन शामिल हुए?
ट्रॉफी वॉक में रवि शास्त्री, सोलेदाद हेरेरो और दो युवा खिलाड़ी रंगी और अंकित शामिल हुए।
क्या यह पहल बच्चों के विकास में मदद करेगी?
हाँ, यह पहल बच्चों के आत्मविश्वास, समस्या-समाधान कौशल और सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देती है।
राष्ट्र प्रेस
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