सीसीपीए ने डायल4ट्रेड पर लगाया ₹10 लाख जुर्माना, अमोनियम नाइट्रेट की ऑनलाइन बिक्री पर बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर ₹10 लाख का जुर्माना ठोका है — यह कार्रवाई बिना अनिवार्य लाइसेंस सत्यापन, खरीदार पात्रता जाँच और सुरक्षा संबंधी जानकारी के अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों को ऑनलाइन सूचीबद्ध करने की सुविधा देने पर की गई है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने यह जानकारी बुधवार, 2 सितंबर को दी।
मामले की पृष्ठभूमि
मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई विनियमित खतरनाक और विस्फोटक पदार्थों की लिस्टिंग एवं बिक्री को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की क्षेत्र-व्यापी जाँच के बाद हुई। जाँच में पाया गया कि डायल4ट्रेड ने अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट को एक सामान्य उपभोक्ता उत्पाद की भाँति सूचीबद्ध किया, जबकि इसकी वैध खरीद के लिए निर्धारित लाइसेंस अनिवार्य है।
गौरतलब है कि विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत अमोनियम नाइट्रेट को विस्फोटक के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके बावजूद प्लेटफॉर्म ने न तो खरीदारों को इस कानूनी आवश्यकता से अवगत कराया और न ही विक्रेताओं के लाइसेंस की जाँच की।
सीसीपीए का कानूनी आधार
सीसीपीए ने स्पष्ट किया कि किसी डिजिटल मार्केटप्लेस पर उपलब्ध कराई गई और इंटरनेट के माध्यम से जनता तक पहुँचाई गई उत्पाद सूची उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(1) के तहत 'विज्ञापन' की परिभाषा में आती है।
प्राधिकरण ने यह भी माना कि किसी विनियमित विस्फोटक पदार्थ को बिना लाइसेंस संबंधी चेतावनी के बिक्री के लिए प्रस्तुत करना अधिनियम की धारा 2(28) और धारा 2(47) के अंतर्गत भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
डायल4ट्रेड का तर्क और उसकी अस्वीकृति
डायल4ट्रेड ने अपने बचाव में कहा कि वह एक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) मार्केटप्लेस मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है और इसलिए तीसरे पक्ष के विक्रेताओं द्वारा अपलोड की गई सूचियों के लिए उसे उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए। सीसीपीए ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया।
मंत्रालय के मुताबिक, प्राधिकरण ने पाया कि डायल4ट्रेड के पास विक्रेताओं को ब्लॉक करने और उत्पादों को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने की तकनीकी क्षमता उपलब्ध थी, परंतु उसने स्वेच्छा से कोई कदम नहीं उठाया। यह निष्क्रियता ही उसकी जवाबदेही का मुख्य आधार बनी।
सीसीपीए का निर्देश
जुर्माने के साथ-साथ सीसीपीए ने डायल4ट्रेड को आदेश दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट या विस्फोटक अधिनियम, 1884 के तहत विस्फोटक के रूप में वर्गीकृत किसी भी अन्य पदार्थ की लिस्टिंग, होस्टिंग, विज्ञापन या बिक्री को तत्काल प्रभाव से बंद करे।
आगे क्या होगा
यह कार्रवाई ऑनलाइन मार्केटप्लेस के नियमन को लेकर एक महत्वपूर्ण नज़ीर स्थापित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद अन्य B2B और B2C प्लेटफॉर्मों पर भी विनियमित उत्पादों की लिस्टिंग की जाँच तेज हो सकती है। सीसीपीए की यह पहल डिजिटल बाज़ारों में उपभोक्ता सुरक्षा मानकों को कड़ा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है।