लाइपजिग ड्रोन हमला: ईयू ने रूसी राजदूतों को तलब किया, जर्मनी ने बंद किया वाणिज्य दूतावास
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (ईयू) ने जर्मनी के लाइपजिग एयरपोर्ट पर 4 अगस्त को हुए कथित ड्रोन हमले के मद्देनज़र रूस के राजदूतों को औपचारिक रूप से तलब किया है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने बुधवार, 2 सितंबर को आयरलैंड के विकलो में विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक से पूर्व यह जानकारी साझा की। इस घटना को जर्मन सरकार ने रूस की 'हाइब्रिड कार्रवाई' करार दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
काजा कैलास ने स्पष्ट किया, 'हम पहले ही रूसी राजदूतों को तलब कर चुके हैं। कई सदस्य देशों ने भी यही कदम उठाया है। अब हम इस पर चर्चा करेंगे कि आगे और क्या कार्रवाई की जा सकती है।' उन्होंने यह भी बताया कि बुधवार की बैठक में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जाएगा।
घटना के अनुसार, अगस्त की शुरुआत में लाइपजिग एयरपोर्ट पर विस्फोटक से लैस एक ड्रोन मिला था। जाँच के अनुसार डेटोनेटर खराब होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इसके कुछ समय बाद डीएचएल का एक कार्गो विमान उड़ान के दौरान एक उड़ती वस्तु से टकराया, जिसके बाद उसे सुरक्षित रूप से हैनोवर एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। विमान पर जाँच में ड्रोन हमले जैसे नुकसान के निशान पाए गए।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले सप्ताह एयरपोर्ट के आसपास एक तीसरा ड्रोन और सैन्य-ग्रेड विस्फोटक भी बरामद किए गए, जिन्हें इसी घटनाक्रम से जुड़ा माना जा रहा है।
जर्मनी की प्रतिक्रिया
जर्मन सरकार ने मंगलवार को इस हमले की जिम्मेदारी रूस पर डालते हुए कई जवाबी कदमों की घोषणा की। इनमें बॉन स्थित रूसी महावाणिज्य दूतावास को 18 सितंबर से बंद करना, बर्लिन स्थित रूसी हाउस का अनुबंध समाप्त करना और रूसी राजदूत को तलब करना शामिल है।
जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने कहा कि सरकार इस निष्कर्ष पर पहुँची है कि 4 अगस्त को लाइपजिग में हुआ हमला रूस की 'हाइब्रिड कार्रवाई' थी। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी चेतावनी दी कि जर्मनी लगातार हाइब्रिड हमलों का निशाना बन रहा है और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
प्रतिबंधों की तैयारी
जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने बताया कि जर्मनी ईयू के साथ मिलकर रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। इनमें यात्रा प्रतिबंध, रूसी नागरिकों के प्रवेश नियमों को सख्त करना और नए आर्थिक प्रतिबंध शामिल हो सकते हैं।
काजा कैलास ने जानकारी दी कि रूस के सैन्य-औद्योगिक ढाँचे से जुड़े 1,600 नाम पहले से ही प्रतिबंध सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया में हैं और इसमें आगे और नाम जोड़े जा सकते हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में रूस से जुड़ी कथित तोड़फोड़ और हाइब्रिड गतिविधियों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी यूरोपीय देश ने रूसी राजनयिक उपस्थिति को सीमित करने का निर्णय लिया हो — पिछले दो वर्षों में कई ईयू सदस्य देशों ने इसी तरह के कदम उठाए हैं।
आगे ईयू की बैठक में सदस्य देश प्रतिबंधों के दायरे और कूटनीतिक प्रतिक्रिया की दिशा तय करेंगे, जो यूरोप-रूस संबंधों की भावी रूपरेखा को और स्पष्ट करेगा।