2 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने सीईओ, गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा बने सीईओ, गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी

सारांश

राम मंदिर ट्रस्ट ने एसआईटी जाँच और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी के बीच प्रशासनिक ढाँचे को पूरी तरह बदल दिया — 39 वर्ष के वायुसेना अनुभव वाले एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को सीईओ बनाकर और साढ़े पाँच हजार आवेदकों में से चुनकर। यह संस्थागत विश्वसनीयता बहाल करने का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का नया सीईओ नियुक्त किया गया; उनके पास वायुसेना में 39 वर्ष का अनुभव है।
स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे; महेश भागचंदका कोषाध्यक्ष बने।
तीन नए न्यासी — महेश भागचंदका , मदन मोहन पांडे और डॉ.
निर्मला यादव — ट्रस्ट में शामिल।
वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट की कुल आय ₹237 करोड़ , व्यय ₹91 करोड़ ; निर्माण पर ₹425 करोड़ पूंजीगत व्यय।
31 मार्च 2026 को ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि ₹1,882 करोड़ ।
चढ़ावे की गणना में तकनीक अपनाने के लिए दो बैंकों और IIT के प्रस्तावों का मूल्यांकन जारी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर 2026 को अयोध्या में हुई अहम बैठक में मंदिर प्रशासन की कमान संभालने के लिए भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त उपाध्यक्ष एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया। साथ ही स्वामी गोविंददेव गिरि को महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई और तीन नए न्यासियों को ट्रस्ट में शामिल किया गया।

नई नियुक्तियाँ और बदली जिम्मेदारियाँ

ट्रस्ट में रिक्त तीन न्यासी पदों पर महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नियुक्त किया गया है। महेश भागचंदका को कोषाध्यक्ष का दायित्व भी सौंपा गया है। पिछले दो महीनों की कठिन अवधि में महामंत्री पद संभालने वाले कृष्ण मोहन जी की न्यासियों ने सराहना की और उनके प्रति आभार जताया।

सीईओ चयन समिति ने करीब साढ़े पाँच हजार आवेदनों की जाँच की और सैकड़ों आवेदकों का साक्षात्कार लेने के बाद एयर मार्शल मिश्रा की अनुशंसा की। समिति में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी, सुरेश हावडे और सचिव समीर पंडा शामिल थे।

एयर मार्शल मिश्रा का अनुभव और चुनौतियाँ

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने भारतीय वायुसेना में करीब 39 वर्ष तक विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। ट्रस्ट के अनुसार, उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है और 'ऑपरेशन सिंदूर' का संचालन भी उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में हुआ बताया गया है।

राम मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच नए सीईओ के सामने मंदिर प्रबंधन, सुरक्षा, कर्मचारी व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी होगी। उम्मीद जताई गई है कि वे शीघ्र ही कार्यभार संभालेंगे।

वित्तीय पारदर्शिता और एसआईटी जाँच

बैठक में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में विशेष जाँच दल (एसआईटी) की प्रगति और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की भी समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने उस आदेश का स्वागत किया जिसके तहत जाँच का दायरा कालखंड और विषय, दोनों स्तर पर विस्तृत किया गया है। ट्रस्ट ने कहा कि विस्तृत जाँच से वास्तविक तथ्य सामने आएँगे और जनमानस में पैदा हुआ कोई भी भ्रम दूर होगा।

चढ़ावे की नकद राशि की गणना में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया गया। इस संबंध में दो बैंकों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।

ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति

वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखे बैठक में प्रस्तुत किए गए और न्यासी मंडल ने उनका अनुमोदन किया। ट्रस्ट के अनुसार, इस वित्त वर्ष में कुल आय ₹237 करोड़ रही, जबकि कुल व्यय ₹91 करोड़ रहा। निर्माण कार्यों पर ₹425 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया गया। 31 मार्च 2026 को वित्त वर्ष की समाप्ति पर ट्रस्ट के पास कुल उपलब्ध राशि ₹1,882 करोड़ थी।

नए न्यासियों का परिचय

महेश भागचंदका 68 वर्षीय व्यवसायी और समाजसेवी हैं, जो नई दिल्ली में रहते हैं। वह 'हिन्दुत्व के पुरोधा' पुस्तक के लेखक हैं और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि-पूजन तथा प्राण-प्रतिष्ठा में यजमान के रूप में सहभागी रहे हैं। वह वर्ल्ड हिंदू इकनॉमिक फोरम की कार्यकारिणी के सदस्य भी हैं।

मदन मोहन पांडे 74 वर्षीय विधि स्नातक और अधिवक्ता हैं, जो अयोध्या छावनी में रहते हैं। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मामले में 1990 से 2019 तक उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी की और उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता का दायित्व छह वर्ष तक संभाला।

डॉ. निर्मला यादव 66 वर्षीय शिक्षाविद हैं, जिन्होंने हिंदी और संस्कृत में परास्नातक तथा पीएचडी की है। वे 19 वर्ष तक महाविद्यालय की प्राचार्य रहीं और 15 वर्ष तक विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की सदस्य भी रहीं।

यह फेरबदल ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर प्रशासन पर एसआईटी जाँच और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी के कारण पारदर्शिता की माँग तेज हो गई है। नई टीम के सामने संस्थागत विश्वसनीयता बहाल करना और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ कदम मिलाना, दोनों एक साथ करने की चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि ट्रस्ट की छवि-पुनर्निर्माण की कोशिश है — सैन्य अनुशासन और पारदर्शिता का संदेश देना इसका मूल उद्देश्य दिखता है। गौरतलब है कि साढ़े पाँच हजार आवेदनों से चुनाव की प्रक्रिया संस्थागत गंभीरता दर्शाती है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या नई टीम चढ़ावे की गणना में तकनीक और वित्तीय जवाबदेही को जमीन पर उतार पाती है। ₹1,882 करोड़ की उपलब्ध राशि और ₹425 करोड़ के पूंजीगत व्यय के साथ ट्रस्ट का वित्तीय आकार बड़ा है — इतने बड़े संसाधनों पर स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक जवाबदेही की माँग स्वाभाविक रूप से और तेज होगी।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ क्यों नियुक्त किया गया?
सीईओ चयन समिति ने साढ़े पाँच हजार आवेदनों की जाँच और सैकड़ों साक्षात्कारों के बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की अनुशंसा की, जिसे ट्रस्ट ने मंजूरी दी। मिश्रा के पास भारतीय वायुसेना में 39 वर्ष का नेतृत्व अनुभव है और उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
राम मंदिर ट्रस्ट में एसआईटी जाँच किस बारे में है?
कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विशेष जाँच दल (एसआईटी) जाँच कर रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने जाँच का दायरा कालखंड और विषय, दोनों स्तर पर विस्तृत किया है, जिसका ट्रस्ट ने स्वागत किया है।
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति कैसी है?
वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट की कुल आय ₹237 करोड़ और कुल व्यय ₹91 करोड़ रहा। निर्माण कार्यों पर ₹425 करोड़ का पूंजीगत व्यय हुआ और 31 मार्च 2026 को ट्रस्ट के पास कुल ₹1,882 करोड़ उपलब्ध थे।
राम मंदिर ट्रस्ट में नए न्यासी कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
तीन नए न्यासी नियुक्त हुए हैं — 68 वर्षीय व्यवसायी महेश भागचंदका (कोषाध्यक्ष), 74 वर्षीय अधिवक्ता मदन मोहन पांडे (जिन्होंने 1990-2019 तक राम जन्मभूमि मामले में पैरवी की) और 66 वर्षीय शिक्षाविद डॉ. निर्मला यादव (19 वर्ष तक महाविद्यालय प्राचार्य)।
राम मंदिर में चढ़ावे की गणना के लिए क्या नई व्यवस्था होगी?
ट्रस्ट ने चढ़ावे की नकद राशि की गणना में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में दो बैंकों और IIT से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 3 घंटे पहले
  3. 3 घंटे पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले