2 सितंबर 2026
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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्य नियुक्त, अशोक सिंघल के रिश्तेदार भी शामिल; पहले CEO का फैसला आज

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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए सदस्य नियुक्त, अशोक सिंघल के रिश्तेदार भी शामिल; पहले CEO का फैसला आज

सारांश

चढ़ावा चोरी विवाद और महासचिव के इस्तीफे के बाद अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने तीन नए सदस्य नियुक्त किए हैं — जिनमें कथित तौर पर अशोक सिंघल के रिश्तेदार भी शामिल हैं। साथ ही, 5,500 आवेदनों में से छाँटे गए तीन नामों में से ट्रस्ट का पहला CEO चुना जाना है।

मुख्य बातें

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर 2026 को महेश भागचंदका (दिल्ली), मदन मोहन पांडे (अयोध्या) और निर्मला यादव (शिकोहाबाद) को नए ट्रस्टी नियुक्त किया।
कथित तौर पर एक नए सदस्य VHP के दिवंगत पूर्व नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।
ट्रस्ट के पहले CEO पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन आए; अब तीन नाम — राजेश पांडे , योगेश्वर राम मिश्रा और परेश सक्सेना — अंतिम दौड़ में हैं।
यह नियुक्तियाँ चढ़ावा चोरी विवाद के बाद हो रही हैं, जिसमें आठ लोगों की गिरफ्तारी और महासचिव चंपत राय का इस्तीफा हुआ था।
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में CEO का नाम सर्वसम्मति से तय किए जाने की संभावना है।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर 2026 को तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की। टीवी रिपोर्टों के अनुसार, नए सदस्यों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। कथित तौर पर इनमें से एक सदस्य विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत पूर्व नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

यह नियुक्तियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब मंदिर प्रशासन चढ़ावा चोरी के एक बड़े विवाद से उबर रहा है। उस विवाद के चलते आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गौरतलब है कि उस प्रकरण ने देशभर में मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और रोज़मर्रा के कामकाज से लेकर दान-प्रबंधन तक में सुधार की माँग उठी थी।

पहले CEO की दौड़ में तीन नाम

ट्रस्ट अपने इतिहास में पहली बार एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने की प्रक्रिया में है। रिपोर्टों के अनुसार, इस शीर्ष पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जो सभी वर्गों से बिना किसी प्रतिबंध के आमंत्रित किए गए थे। इस व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद अब तीन नाम अंतिम दौड़ में बचे हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, CEO पद के प्रमुख दावेदारों में उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परेश सक्सेना शामिल हैं।

ट्रस्ट बोर्ड की अहम बैठक

ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, हाल ही में नियुक्त कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और अन्य सदस्यों के बीच परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक जारी है। इस बैठक में CEO के नाम को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। ट्रस्ट सदस्यों ने अभी तक अंतिम नाम का खुलासा नहीं किया है और संकेत दिया है कि यह निर्णय बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की आम सहमति से लिया जाएगा।

आम जनता और प्रशासन पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है और मंदिर प्रशासन पर पेशेवर प्रबंधन की माँग लगातार बढ़ रही है। CEO की नियुक्ति से दान-प्रबंधन, सुरक्षा और तीर्थयात्री-सुविधाओं में संरचनात्मक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। नए ट्रस्टियों की नियुक्ति इसी व्यापक सुधार प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।

आगे क्या होगा

बोर्ड बैठक के नतीजे के बाद CEO के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने की संभावना है। नए CEO और ट्रस्टियों के साथ मिलकर मंदिर प्रशासन को एक पेशेवर और पारदर्शी ढाँचे में ढालने की कोशिश की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 आवेदनों में से चुना गया CEO वास्तव में स्वायत्त रूप से काम कर पाएगा, या वह भी बोर्ड की सहमति की परिधि में ही सीमित रहेगा। अशोक सिंघल जैसे वैचारिक स्तंभ के रिश्तेदार की कथित नियुक्ति यह भी बताती है कि ट्रस्ट में संगठनात्मक निष्ठाएँ अभी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। पारदर्शिता की असली परीक्षा तब होगी जब CEO को दान-प्रबंधन और सुरक्षा में सुधार के ठोस नतीजे दिखाने होंगे।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर ट्रस्ट में नए नियुक्त तीन सदस्य कौन हैं?
टीवी रिपोर्टों के अनुसार, तीन नए ट्रस्टियों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। कथित तौर पर इनमें से एक सदस्य VHP के दिवंगत पूर्व नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं।
राम मंदिर के पहले CEO के लिए कौन से नाम सबसे आगे हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, CEO पद की अंतिम दौड़ में उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परेश सक्सेना शामिल हैं। इन तीनों को 5,500 से अधिक आवेदनों में से चुना गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति क्यों हो रही है?
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद मंदिर प्रशासन में पेशेवर प्रबंधन की माँग उठी थी। उस विवाद में आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई और महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दिया, जिसके बाद ट्रस्ट ने दान-प्रबंधन और रोज़मर्रा के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए CEO पद बनाने का निर्णय लिया।
CEO पद के लिए कितने लोगों ने आवेदन किया था?
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। यह पद सभी वर्गों के लिए बिना किसी प्रतिबंध के खुला रखा गया था और व्यापक चयन प्रक्रिया के बाद तीन नाम अंतिम सूची में रखे गए हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO का नाम कब तय होगा?
ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक जारी है। ट्रस्ट सदस्यों के अनुसार, अंतिम नाम बोर्ड की चर्चा के बाद सर्वसम्मति से तय किया जाएगा और शीघ्र घोषणा की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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