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नोएडा 'मिशन सहयोग': ₹35 लाख के 101 गुम स्मार्टफोन बरामद, मालिकों को लौटाए

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नोएडा 'मिशन सहयोग': ₹35 लाख के 101 गुम स्मार्टफोन बरामद, मालिकों को लौटाए

सारांश

'मिशन सहयोग' सिर्फ एक अभियान नहीं — यह नागरिकों का भरोसा जीतने की कोशिश है। नोएडा पुलिस ने CEIR पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण से ₹35 लाख के 101 गुम स्मार्टफोन बरामद कर मालिकों को लौटाए। डिजिटल युग में यह पुलिसिंग का नया चेहरा है।

मुख्य बातें

गौतमबुद्धनगर पुलिस के 'मिशन सहयोग' अभियान के तहत 101 गुम स्मार्टफोन बरामद किए गए।
बरामद फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹35 लाख बताई गई है।
कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और DCP शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई।
सीईआईआर (CEIR) पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण की मदद से फोन ट्रैक किए गए।
अधिकांश फोन भीड़भाड़ वाले स्थानों, बाज़ारों और सार्वजनिक परिवहन में गुम हुए थे।
सभी 101 मोबाइल फोन बुधवार, 2 सितंबर को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए।

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के विशेष अभियान 'मिशन सहयोग' के तहत सेंट्रल नोएडा पुलिस की सर्विलांस सेल ने 101 गुम स्मार्टफोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं। बरामद फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹35 लाख बताई गई है। यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल नोएडा) शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, बुधवार, 2 सितंबर को सर्विलांस सेल की टीम ने सभी 101 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को औपचारिक रूप से सौंपे। जाँच में सामने आया कि अधिकांश फोन भीड़भाड़ वाले बाज़ारों, ऑटो-बसों में यात्रा के दौरान अथवा सुबह-शाम की सैर के समय गिर गए थे या छूट गए थे। संबंधित लोगों ने सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद सर्विलांस सेल ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।

तकनीकी प्रक्रिया: कैसे मिले फोन

सर्विलांस सेल ने गुम फोनों का पता लगाने के लिए सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फोन से जुड़ी तकनीकी जानकारी — उपयोग के पैटर्न और लोकेशन सुराग — को बारीकी से खंगाला गया। इसी प्रक्रिया के ज़रिए टीम ने एक-एक कर सभी 101 स्मार्टफोन का पता लगाया और उन्हें बरामद किया।

आम जनता पर असर

मोबाइल फोन गुम होने से नागरिकों को केवल आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ता — फोन में मौजूद निजी तस्वीरें, संपर्क नंबर, ज़रूरी दस्तावेज़ और अन्य संवेदनशील डिजिटल जानकारी को लेकर भी गंभीर चिंता बनी रहती है। ऐसे में ₹35 लाख मूल्य की संपत्ति वापस मिलना नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई। फोन वापस पाने के बाद कई लोगों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया और 'मिशन सहयोग' अभियान की सराहना की।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीईआईआर पोर्टल की सहायता से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। गौरतलब है कि 'मिशन सहयोग' अभियान का उद्देश्य केवल फोन बरामद करना नहीं, बल्कि नागरिकों का पुलिस पर भरोसा मज़बूत करना भी है।

क्या होगा आगे

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 'मिशन सहयोग' अभियान आगे भी जारी रहेगा और सर्विलांस सेल नए दर्ज मामलों पर भी तकनीकी विश्लेषण जारी रखेगी। 101 स्मार्टफोन की यह बरामदगी अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो भविष्य में इसी तरह के अभियानों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निजी डेटा का संभावित दुरुपयोग भी है। CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग यह दर्शाता है कि तकनीकी पुलिसिंग परिणाम दे सकती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह मॉडल केवल बड़े शहरी ज़िलों तक सीमित रहेगा या छोटे शहरों तक भी पहुँचेगा। ₹35 लाख की बरामदगी एक उत्साहजनक आँकड़ा है, पर इसकी तुलना में दर्ज गुमशुदगी के कुल मामलों का अनुपात सार्वजनिक नहीं किया गया — जो पारदर्शिता की दृष्टि से ज़रूरी होता।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'मिशन सहयोग' अभियान क्या है?
'मिशन सहयोग' गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यमों से ट्रैक कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुँचाना है। इस अभियान के तहत अब तक 101 स्मार्टफोन बरामद कर मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
नोएडा पुलिस ने गुम फोन कैसे बरामद किए?
सर्विलांस सेल ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण की मदद से फोन के उपयोग के पैटर्न और लोकेशन सुरागों को खंगाला। इसी प्रक्रिया के ज़रिए एक-एक कर 101 स्मार्टफोन का पता लगाया गया।
बरामद स्मार्टफोन की कुल कीमत कितनी है?
पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 101 स्मार्टफोन की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹35 लाख है। ये विभिन्न कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन थे जो नागरिकों के पास से गुम हो गए थे।
अगर मेरा मोबाइल नोएडा में गुम हो जाए तो क्या करूँ?
अपने नज़दीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएँ और CEIR पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें। गौतमबुद्धनगर पुलिस की सर्विलांस सेल तकनीकी माध्यमों से फोन ट्रैक करने में सहायता करती है।
इस बरामदगी के लिए कौन से अधिकारी ज़िम्मेदार थे?
यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल नोएडा) शैलेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुई। सेंट्रल नोएडा पुलिस की सर्विलांस सेल ने मुख्य तकनीकी भूमिका निभाई।
राष्ट्र प्रेस
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