9 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा पुलिस ने CEIR पोर्टल से बरामद किए 225 स्मार्टफोन, ₹50 लाख की संपत्ति लौटाई मालिकों को

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा पुलिस ने CEIR पोर्टल से बरामद किए 225 स्मार्टफोन, ₹50 लाख की संपत्ति लौटाई मालिकों को

सारांश

नोएडा पुलिस ने CEIR पोर्टल और सर्विलांस तकनीक के ज़रिए ₹50 लाख कीमत के 225 स्मार्टफोन बरामद कर 225 नागरिकों को लौटाए। यह अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर चलाया गया और तकनीकी पुलिसिंग की एक मिसाल बनकर उभरा है।

मुख्य बातें

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 225 स्मार्टफोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे।
बरामद फोनों की अनुमानित कुल कीमत ₹50 लाख बताई गई है।
अभियान में CEIR पोर्टल और सर्विलांस सिस्टम का उपयोग किया गया।
अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर, DCP साद मियां खान और ADCP मनीषा सिंह की देखरेख में चला।
पुलिस ने नागरिकों से फोन गुम होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने और IMEI नंबर सुरक्षित रखने की अपील की।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 24 अगस्त 2026 को गुम मोबाइल फोन बरामदगी अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल की — सर्विलांस तकनीक और सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से 225 स्मार्टफोन खोजकर उनके असली मालिकों को सौंपे गए। बरामद फोनों की अनुमानित कीमत ₹50 लाख बताई गई है।

अभियान की रूपरेखा

यह संयुक्त अभियान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर चलाया गया। पुलिस उपायुक्त (नोएडा) साद मियां खान के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह के निकट पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल नोएडा कमिश्नरेट तथा थाना सेक्टर-39 की टीमों ने मिलकर यह कार्रवाई अंजाम दी।

नोएडा जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिकों ने मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई थीं। ये फोन भीड़भाड़ वाले बाज़ारों, सार्वजनिक परिवहन — ऑटो और बसों — तथा सुबह-शाम की सैर के दौरान असावधानीवश छूट गए थे।

तकनीकी प्रक्रिया

शिकायतें मिलने के बाद पुलिस टीम ने प्रत्येक फोन का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। CEIR पोर्टल पर उपलब्ध IMEI और डिवाइस पहचान डेटा के आधार पर फोनों की लोकेशन ट्रैक की गई। लगातार निगरानी के बाद पुलिस अलग-अलग स्थानों से सभी 225 मोबाइल फोन — जो विभिन्न कंपनियों के हैं — बरामद करने में सफल रही।

गौरतलब है कि CEIR पोर्टल भारत सरकार का वह केंद्रीय डेटाबेस है जो चोरी या गुम हुए फोन को ब्लॉक करने और ट्रैक करने की सुविधा देता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पोर्टल बरामदगी अभियानों में निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया

फोन बरामद होने के बाद पहचान और संबंधित दस्तावेज़ों का सत्यापन किया गया, तत्पश्चात उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाया गया। मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की और टीम का आभार व्यक्त किया।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल नज़दीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही सलाह दी गई है कि अपने फोन का IMEI नंबर और ख़रीद से जुड़े दस्तावेज़ सुरक्षित रखें, ताकि गुम होने की स्थिति में CEIR और सर्विलांस तंत्र के ज़रिए बरामदगी आसान हो सके।

नोएडा पुलिस का यह अभियान जारी है और आने वाले समय में और अधिक बरामदगियाँ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान टिकाऊ है या महज़ एकबारगी प्रदर्शन। CEIR पोर्टल की क्षमता तभी पूरी तरह काम आती है जब नागरिक समय पर IMEI दर्ज कराएं — और इस जागरूकता की अभी भी भारी कमी है। इसके अलावा, बरामदगी अभियान चोरी की रोकथाम का विकल्प नहीं है; भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी और पिकपॉकेटिंग के खिलाफ दीर्घकालिक रणनीति की ज़रूरत अलग से बनी हुई है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा पुलिस ने 225 स्मार्टफोन कैसे बरामद किए?
नोएडा पुलिस ने CEIR पोर्टल और सर्विलांस सिस्टम की मदद से प्रत्येक फोन के IMEI और तकनीकी डेटा को ट्रैक करके ये 225 स्मार्टफोन बरामद किए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के ज़रिए अलग-अलग स्थानों से फोन खोजे और दस्तावेज़ सत्यापन के बाद मालिकों को लौटाए।
CEIR पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करता है?
CEIR यानी सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर भारत सरकार का केंद्रीय डेटाबेस है जो चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में मदद करता है। इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस IMEI नंबर के आधार पर फोन की गतिविधि ट्रैक कर सकती है।
मोबाइल फोन गुम होने पर क्या करें?
मोबाइल गुम होने पर तत्काल नज़दीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर भी सूचना दें। नोएडा पुलिस ने सलाह दी है कि अपने फोन का IMEI नंबर और खरीद के दस्तावेज़ पहले से सुरक्षित रखें ताकि बरामदगी की प्रक्रिया आसान हो सके।
यह अभियान किसके निर्देश पर चलाया गया?
यह अभियान पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर चलाया गया। DCP नोएडा साद मियां खान के निर्देशन और ADCP नोएडा मनीषा सिंह के पर्यवेक्षण में सर्विलांस सेल और थाना सेक्टर-39 की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
बरामद स्मार्टफोन कहाँ-कहाँ से गुम हुए थे?
ये फोन भीड़भाड़ वाले बाज़ारों, ऑटो-बस जैसे सार्वजनिक परिवहन और सुबह-शाम की सैर के दौरान असावधानीवश छूट गए थे। नोएडा जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस ने यह अभियान चलाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले