गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 4 साल में 7,809 मोबाइल बरामद किए, ₹23.55 करोड़ की संपत्ति लौटाई
सारांश
मुख्य बातें
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 के बीच चोरी और गुम हुए 7,809 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत ₹23 करोड़ 55 लाख 80 हजार 450 रुपए आंकी गई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान ने हजारों नागरिकों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चार वर्षों के इस अभियान में विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन बरामद किए गए। कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल फोनों को ट्रैक किया गया और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। यह अभियान 'मिशन सहयोग' के तहत संचालित किया जाता रहा है।
तकनीक का उपयोग
बरामदगी के लिए पुलिस ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का प्रभावी इस्तेमाल किया। अत्याधुनिक तकनीक आधारित इस पुलिसिंग मॉडल को प्राथमिकता दिए जाने के कारण अभियान में उल्लेखनीय सफलता मिली। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब डिजिटल उपकरणों की चोरी के मामले देशभर में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
आम जनता पर असर
इस पहल से न केवल नागरिकों की आर्थिक क्षति की भरपाई हुई है, बल्कि पुलिस के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मिशन सहयोग केवल खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने का अभियान नहीं है — यह जनसेवा, पारदर्शिता और जवाबदेह पुलिसिंग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस पहल ने पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।
क्या होगा आगे
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी तकनीक आधारित पुलिसिंग को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। लक्ष्य यह है कि चोरी और गुमशुदगी के मामलों में नागरिकों को शीघ्र राहत मिले और उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो। गौरतलब है कि इस सफलता के बाद राज्य के अन्य कमिश्नरेट भी इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर सकते हैं।