मध्य प्रदेश पुलिस ने 1,021 चोरी-गुम मोबाइल बरामद कर लौटाए, कीमत ₹2.26 करोड़ से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस ने राज्य के विभिन्न जिलों में चलाए गए विशेष अभियानों के तहत 1,021 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। बरामद इन मोबाइलों की अनुमानित कुल कीमत ₹2 करोड़ 26 लाख से अधिक बताई गई है। राज्य पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रदेशभर के नागरिकों को राहत मिली है।
मुख्य अभियान और जिलेवार कार्रवाई
ग्वालियर जिले में साइबर सेल टीम ने 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के अंतर्गत सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न राज्यों एवं शहरों से 571 मोबाइल फोन जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ 41 लाख है। इस अभियान के दौरान लावारिस मिले मोबाइल स्वयं साइबर सेल में जमा कराने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सतना जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन रिंगटोन 2.0' के तहत सीईआईआर पोर्टल की सहायता से 155 मोबाइल फोन ट्रेस कर जब्त किए, जिनकी कीमत लगभग ₹29 लाख 31 हजार है। गुना पुलिस ने तकनीकी दक्षता और सीईआईआर पोर्टल के उपयोग से 64 मोबाइल फोन जब्त कर संबंधित मालिकों को सौंपे, जिनकी अनुमानित कीमत ₹12 लाख 50 हजार है।
जबलपुर जिले की साइबर सेल टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए 106 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कीमत लगभग ₹18 लाख है। आगर मालवा पुलिस ने 'ऑपरेशन रिंगटोन' के तहत 81 मोबाइल फोन जब्त कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए, जिनकी कुल कीमत ₹15 लाख से अधिक है।
सीईआईआर पोर्टल की भूमिका
यह उल्लेखनीय है कि इन सभी अभियानों में केंद्र सरकार के सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की अहम भूमिका रही। इस पोर्टल के माध्यम से चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और उसे ट्रैक किया जा सकता है। मध्य प्रदेश पुलिस की साइबर सेल इकाइयों ने इस तकनीकी उपकरण का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए अंतर-राज्यीय स्तर पर भी मोबाइल बरामद किए।
नागरिक जागरूकता पर जोर
मोबाइल वापसी अभियानों के साथ-साथ पुलिस ने नागरिकों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में डिजिटल ठगी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। मोबाइल मालिकों ने अपने डिवाइस वापस मिलने पर मध्य प्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।
आगे क्या
मध्य प्रदेश पुलिस के इन अभियानों की सफलता अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है। सीईआईआर पोर्टल के व्यापक उपयोग और साइबर सेल की सक्रियता से आने वाले समय में और अधिक बरामदगी की संभावना है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तत्काल सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।