सिंधिया का बड़ा बयान: 'विकसित भारत 2047' की राह पश्चिम बंगाल से गुजरेगी, BJP सरकार देगी विकास को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार, 14 मई को बागडोगरा हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी। सिंधिया 14 से 16 मई तक सिक्किम के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रवाना होने से पहले यह बयान दे रहे थे।
सिंधिया का पश्चिम बंगाल पर बड़ा दावा
हवाई अड्डे पर मीडिया से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के योगदान से पश्चिम बंगाल में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है।' उन्होंने राज्य के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बदलाव विकास के उद्देश्य से है और इसकी अगुवाई मुख्यमंत्री करेंगे।
सिंधिया ने जोर देकर कहा, 'मेरा मानना है कि 'विकसित भारत 2047' का रास्ता भी पश्चिम बंगाल से होकर ही गुजरेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद BJP सरकार अपनी विकास प्राथमिकताओं को रेखांकित कर रही है।
सिक्किम दौरे का एजेंडा
अधिकारियों के अनुसार, सिंधिया गंगटोक में आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करेंगे और हिमालयी राज्य में चल रही विकास पहलों तथा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया जाएगा।
सिंधिया ने सिक्किम की तारीफ करते हुए कहा कि चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो या प्रति व्यक्ति आय, यह राज्य काफी आगे है। उन्होंने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 16 मई को सिक्किम दौरे पर आएंगे और वे राज्य स्थापना दिवस समारोह में उनके साथ मौजूद रहेंगे।
PM मोदी की सिक्किम परियोजनाएँ
सिंधिया ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के राज्य स्थापना दिवस पर ₹4,000 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत की थी। उन्होंने इसे पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
किफायती दौरे का संदेश
अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने अपने सिक्किम दौरे में काफिले, वाहनों की संख्या और साथ चलने वाले अधिकारियों को न्यूनतम आवश्यक स्तर तक सीमित रखने का फैसला किया है। यह कदम प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन बचाने, अनावश्यक खर्च घटाने और जिम्मेदार सार्वजनिक व्यय के आह्वान के अनुरूप बताया जा रहा है।
आगे क्या
सिंधिया का यह दौरा पूर्वोत्तर क्षेत्र में केंद्र सरकार की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल में नई BJP सरकार के गठन के बाद राज्य और केंद्र के बीच विकास परियोजनाओं पर समन्वय की दिशा में यह एक शुरुआती संकेत माना जा रहा है।