भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ बोले: बंगाल में बनेगी सरकार जो 'जय श्री राम' का विरोध नहीं करेगी, 88 घंटे में घुटनों पर आया पाकिस्तान

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भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ बोले: बंगाल में बनेगी सरकार जो 'जय श्री राम' का विरोध नहीं करेगी, 88 घंटे में घुटनों पर आया पाकिस्तान

सारांश

भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने एक ही बातचीत में कई मोर्चे खोले — ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान को 88 घंटे में घुटनों पर लाने का दावा, बंगाल में 'जय श्री राम' की गूँज वाली सरकार का वादा और कांग्रेस को सिंगल-डिजिट पार्टी करार देना — यह बयान भाजपा की आक्रामक चुनावी तैयारी की झलक है।

मुख्य बातें

गौरव वल्लभ ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के 88 घंटे के भीतर पाकिस्तान घुटनों पर आ गया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा ऐसी सरकार बनाएगी जो 'जय श्री राम' और 'जय मां काली' के उद्घोष का विरोध नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला केंद्रीय नेतृत्व सभी विधायकों से बातचीत के बाद करेगा।
वल्लभ ने कांग्रेस को 'सिंगल-डिजिट पार्टी' बताया और राहुल गांधी पर DMK के साथ गद्दारी का आरोप लगाया।
वारिस पठान के बयान पर वल्लभ ने कहा कि 'वंदे मातरम' का सम्मान अनिवार्य है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 7 मई 2026 को राष्ट्र प्रेस से बातचीत में 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ, पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर जारी अनिश्चितता, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे और भाजपा कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमलों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। वल्लभ ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी जो 'जय श्री राम' और 'जय मां काली' के उद्घोष का विरोध नहीं करेगी।

ऑपरेशन सिंदूर: 88 घंटे में पाकिस्तान घुटनों पर

गौरव वल्लभ ने 7 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के 88 घंटे के भीतर पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। उनके अनुसार, यह भारतीय सेना के शौर्य और भारत सरकार की आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक नीति का ऐतिहासिक उदाहरण है। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सैन्य और कूटनीतिक दृढ़ता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की रणनीति

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर जारी चर्चाओं पर वल्लभ ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय नेतृत्व सभी विधायकों से बातचीत के बाद निर्णय करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दशकों में पश्चिम बंगाल को नुकसान पहुंचाया है। वल्लभ ने कहा कि अब भाजपा वहाँ विकास की राजनीति करेगी और ऐसी सरकार बनेगी जो 'जय श्री राम' और 'जय मां काली' के उद्घोष का विरोध नहीं करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।

कांग्रेस पर तीखा हमला

तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए वल्लभ ने कांग्रेस को 'सिंगल-डिजिट पार्टी' करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले राहुल गांधी DMK के स्टालिन को अपना बड़ा भाई बताते थे, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। वल्लभ के अनुसार, यह कांग्रेस की गद्दारी और धोखेबाजी का उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि बहुमत का आँकड़ा 118 है और राज्यपाल उसी को सरकार बनाने की अनुमति देंगे जो यह आँकड़ा लेकर आएगा।

वंदे मातरम विवाद पर प्रतिक्रिया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वल्लभ ने कहा कि 'वंदे मातरम' देश के गौरव और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ है तथा इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज़ादी के आंदोलन के समय से ही यह देश के लोगों के दिलों में बसा हुआ है और वारिस पठान का इसे न कहना स्वीकार्य नहीं है। वल्लभ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

आगे क्या होगा

पश्चिम बंगाल में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की गतिविधियाँ और अमित शाह का दौरा आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति को और स्पष्ट करेगा। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की यह आक्रामक रणनीति और सांस्कृतिक-राष्ट्रवादी बयानबाजी TMC के साथ सीधे टकराव का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भाजपा की पश्चिम बंगाल रणनीति का खाका है — सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को चुनावी हथियार बनाना। 'जय श्री राम' और 'जय मां काली' जैसे उद्घोषों को सरकार बनाने की शर्त से जोड़ना बताता है कि भाजपा बंगाल में हिंदुत्व की भावनात्मक लकीर को अपनी पहचान बनाना चाहती है। लेकिन यह रणनीति दोधारी तलवार है — जहाँ यह हिंदू मतदाताओं को एकजुट कर सकती है, वहीं अल्पसंख्यक और उदारवादी मतदाताओं को दूर भी कर सकती है। ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ को राजनीतिक मंच बनाना यह भी दर्शाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की उपलब्धियों को चुनावी कथा में बुनने की कोशिश जारी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौरव वल्लभ ने पश्चिम बंगाल सरकार के बारे में क्या कहा?
भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसी सरकार बनेगी जो 'जय श्री राम' और 'जय मां काली' के उद्घोष का विरोध नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के चेहरे पर निर्णय केंद्रीय नेतृत्व सभी विधायकों से बातचीत के बाद करेगा।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भाजपा का क्या रुख है?
भाजपा प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने 7 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कहा कि इस अभियान के 88 घंटे के भीतर पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। उन्होंने इसे भारतीय सेना के शौर्य और सरकार की आतंकवाद-विरोधी निर्णायक नीति का प्रमाण बताया।
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
गौरव वल्लभ ने कांग्रेस को 'सिंगल-डिजिट पार्टी' बताया और राहुल गांधी पर DMK के स्टालिन के साथ गद्दारी का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि जो बहुमत का आँकड़ा 118 लेकर आएगा, राज्यपाल उसी को सरकार बनाने की अनुमति देंगे।
वारिस पठान के बयान पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया है?
गौरव वल्लभ ने AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान के बयान पर कहा कि 'वंदे मातरम' देश के गौरव और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस राष्ट्रीय प्रतीक के साथ कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
अमित शाह के पश्चिम बंगाल दौरे का क्या महत्व है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर अनिश्चितता है और भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमलों की शिकायतें बढ़ रही हैं। गौरव वल्लभ के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व सभी विधायकों से बातचीत के बाद ही मुख्यमंत्री पद का फैसला करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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